जानिए, अरुण जेटली के बारे में कुछ खास बातें

Arun Jaitley Biography and Interesting Facts
Arun Jaitley Biography and Interesting Facts

वकील और राजनीतिज्ञ अरुण जेटली (Arun Jaitley) आज जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे है। जी हाँ, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भजपा दिग्गज नेता अरुण जेटली की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। वो पीछे 10 दिनों से दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती हैं। जेटली की नाजुक हालत को देखते हुए देश के दिग्गज राजनेता उनसे मिलने जा रहे है। लेकिन उससे पहले हम आपको अरुण जेटली (Arun Jaitley Biography) में कुछ खास बातें बताने जा रहे है।

* 28 दिसम्बर, 1952 को नई दिल्ली में जन्मे जेटली दिल्ली उच्च न्यायालय में वरिष्ठ वकील रहे है।
* जेटली ने 1975 में आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया था। उस समय वह युवा मोर्चा के संयोजक थे। इस दौरान उन्हें अंबाला और तिहाड़ जेल में रखा गया था। इसके बाद वह वाजपेयी सरकार के दौरान जेटली पहले कैबिनेट मंत्री भी थे।
* 1989 में वी.पी. सिंह सरकार ने उन्हें अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया था और बोफोर्स घोटाले में जांच के लिए कागजी कार्रवाई की थी।
* कानून मंत्री, न्याय और कंपनी मामलों के मंत्री होने के बाद जेटली ने एक मामले में 2002 में पेप्सी का प्रतिनिधित्व किया था।
* वह मोदी सरकार में Finance Minister और Defence Ministry रहे थे।

पूर्व धारित पद
* 1980-1990 – अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल, भारत सरकार
*13 अक्तूबर, 1999 – सूचना और प्रसारण मंत्रालय के राज्य मंत्री
* 30 सितम्बर, 2000 – स्वंतत्र प्रभार
* 10 दिसम्बर, 1999-जुलाई 2000 – विनिवेश (अतिरिक्त प्रभार) के राज्य मंत्री (स्वंतत्र प्रभार)
* अप्रैल, 2000 – राज्य सभा के लिये निर्वाचित हुए
* 23 जुलाई, 2000 – विधि, न्याय और कंपनी कार्य मंत्रालय के राज्य मंत्री रहे
* 6 नवम्बर, 2000 – राज्य मंत्री (स्वंतत्र प्रभार)
* 7 नवम्बर, 2000 – विधि, न्याय और कंपनी कार्य मंत्री
* 1 जुलाई, 2002-20 मार्च, 2001 – नौवहन मंत्री (अतिरिक्त प्रभार)
* 1 सितम्बर, 2001-29 जुलाई, 2002 – सदस्य, दिल्ली विश्वविद्यालय की कोर्ट
* 29 जनवरी, 2003 – सदस्य, गृह कार्य संबंधी समिति सदस्य, विदेशी मामलों संबंधी समिति
* 29 जनवरी, 2003 से विधि और न्याय मंत्री तथा वाणिज्य और 21 मई, 2004 उद्योग मंत्री
* अगस्त, 2004 से सदस्य, वाणिज्य संबंधी समिति सदस्य, विशेषाधिकार समिति
* अक्तूबर, 2004 से सदस्य, गृह मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति
* जनवरी, 2006 से सदस्य, भारतीय विश्व कार्य परिषद अप्रैल
* 2006 – राज्य सभा के लिए पुनर्निर्वाचित हुए
* अगस्त, 2006 से सदस्य, लाभ के पद से संबंधित संवैधानिक और क़ानूनी स्थिति की जांच करने संबंधी संयुक्त समिति के सदस्य बने। 3 जून, 2009 से राज्य सभा में विपक्ष के नेता बने।
* 2006- जनवरी 2006 – जुलाई 2010: सदस्य, भारतीय विश्व मामलों की परिषद
* 2006- राज्यसभा के लिए फिर से निर्वाचित (दूसरा कार्यकाल)।
* 2009 – 3 जून 2009 – 2 अप्रैल 2012: सदस्य, वाणिज्य समिति।
* 2009 – 3 जून 2009 – 26 मई 2014: नेता प्रतिपक्ष, राज्यसभा।
* 2009 – उन्हें सदस्य, सामान्य प्रयोजन समिति के रूप में नियुक्त किया गया था।
* 2009 -अगस्त 2009 – मई 2014: वह संसद भवन परिसर में राष्ट्रीय नेताओं और सांसदों की प्रतिमाओं की स्थापना पर संयुक्त संसदीय समिति के सदस्य बने।
* 2009 – दिसम्बर 2009 – मई 2014: सदस्य, संसद भवन की हेरिटेज चरित्र और विकास के रखरखाव पर संयुक्त संसदीय समिति।
* 2012- जेटली को फिर से राज्यसभा (तीसरा कार्यकाल) के लिए चुना गया।
* 2012 – जून- नवंबर 2012: लोकपाल और लोकायुक्त विधेयक पर राज्य सभा की सदस्य समिति का सदस्य।
* 2014 – 27 मई – 9 नवंबर 2014: उन्हें रक्षा मंत्रालय का प्रभार दिया गया।
* 2014 -27 मई 2014 – 14 मई 2018: कॉर्पोरेट मामलों के वित्त मंत्री।
* 2014 – 2 जून 2014 को, जेटली को राज्य सभा के नेता के रूप में चुना गया।
* 2014 -9 नवंबर 2014 से 5 जुलाई 2016: सूचना और प्रसारण मंत्री।
* 2018 वह राज्यसभा (चौथे कार्यकाल) के लिए फिर से चुने गए।
* 2017 13 मार्च 2017 – 3 सितंबर 2017: उन्हें फिर से रक्षा मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया।

जेटली का राजनीतिक करियर सफल रहा है। उन्होंने अपने पद पर रहते हुए देश के लिए काफी अच्छे-अच्छे काम किये।