अजमेर : बजट में आशा वर्कर्स खाली हाथ, यूं फूटा गुस्सा

अजमेर। महिला विकास विभाग के अन्तर्गत संचालित आंगनबाडी के जुडी आशाओं ने एक बार फिर मानदेय में बढोतरी की मांग उठाई है। हाल में हुई बजट घोषणाओं में अशाओं के मानदेय में बढोतरी पर सरकार की चुप्पी ने गुस्सा भर दिया।

गुरुवार को इसी गुस्से का इजहार करने बडी संख्या में आशा वर्कर्स अजमेर कलेक्ट्रेट पहुंची तथा मुख्य गेट पर जमकर नारेबाजी की तथा मुख्यमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपा।

आशाओं का कहना था कि राज्य सरकार का जो बजट पेश हुआ है उसमें आशा वर्कर्स को किसी तरह की राहत नहीं दी गई है। सहायिका और कार्यकर्ता के मानदेय में सरकार बढोतरी करती है लेकिन आशा वर्कर्स की सुध नहीं ली जा रही।

आशा वर्कर्स सरकार की समस्त योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करवाने में अहम भूमिका निभातीं आ रही हैं, इसके बावजूद कम मानदेय देकर अन्याय किया जा रहा है।

प्रदर्शन के दौरान रेनू शर्मा, हमेलता पंवार, स्नेहलता, लाजवंती, सुमन, चन्द्रकला, सविता कंवर, अर्चना परिहार, बबीना ढेनवाल समेत बडी संख्या में आशा वर्कर्स उपस्थित थी।