एश्ले बार्टी पहली बार बनी विम्बलडन की नई चैंपियन

लंदन। विश्व की नंबर एक महिला खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया की एश्ले बार्टी ने आठवीं सीड चेक गणराज्य की कैरोलिना प्लिसकोवा को तीन सेटों के कड़े संघर्ष में 6-3,6-7, 6-3 से हराकर पहली बार वर्ष के तीसरे ग्रैंड स्लेम विम्बलडन टेनिस चैंपियनशिप का महिला एकल खिताब पहली बार जीत लिया।

बार्टी का यह दूसरा ग्रैंड स्लेम खिताब है। इससे पहले उन्होंने 2019 में फ्रेंच ओपन का खिताब जीता था। अपनी जीत के बाद बार्टी ने कहा कि यह सचमुच अविश्वसनीय है उन्होंने कहा ,’ कैरोलिना जबरदस्त प्रतिद्वद्वी है लेकिन तीसरा सेट शुरू होने पर मैंने खुद से कहा कि मुझे अपना खेल खेलना है। ‘

फ़ाइनल एक घंटे 56 मिनट में जीतने वाली बार्टी ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीतने वाली तीसरी महिला ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बनी हैं। बार्टी 2016 में अमरीका की नंबर एक खिलाड़ी सेरेना विलियम्स के बाद यह खिताब जीतने वाली पहली नंबर एक खिलाड़ी बनी हैं।

वह इसके साथ ही 1980 में इवान गुलागोंग के बाद यह खिताब जीतने वाली पहली ऑस्ट्रेलियाई बनी हैं। बार्टी इसके अलावा ओपन युग में चौथी ऐसी खिलाड़ी बनी हैं जिसने 2011 में जूनियर विम्बलडन खिताब के बाद सीनियर खिताब भी जीता है इससे पहले यह उपलब्धि एन जोंस, मार्टिना हिंगिस और एमिली मॉरेस्मो को हासिल थी।

बार्टी को यह कामयाबी गुलागोंग की 1971 में पहली विम्बलडन सफलता की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर मिली है। वर्ष 2012 के बाद पहली बार खेले गए तीन सेटों के फ़ाइनल में बार्टी ने शानदार शुरुआत की और पहले 14 अंक जीतते हुए चार गेम लगातार जीत लिए। वह दूसरे सेट में 3-1 से आगे थीं और 6-5 के स्कोर पर जीत के लिए सर्विस कर रही थीं लेकिन प्रतिबद्ध प्लिसकोवा ने वापसी कर ब्रेक हासिल किया औरदूसरे सेट का ताई ब्रेक 7-4 से जीतकर मैच में रोमांच बढ़ा दिया।

निर्णायक सेट में प्लिसकोवा ने कुछ बेजां भूलें जिसका फायदा बार्टी को मिला। बार्टी ने इन मौकों का पूरा फायदा उठाते हुए निर्णायक सेट 6-3 से जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया।प्लिसकोवा का बैकहैंड नेट में उलझते ही बार्टी जमीन पर अविश्वसनीय हालत में बैठ गई। उनके दोनों हाथ उनके चेहरे पर थे। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि उन्होंने पहली बार विम्बलडन खिताब जीत लिया है।