वसुंधरा राजे की यात्रा कुशासन यात्रा : अशोक गहलोत

जयपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस के संगठन मंत्री एवं राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की प्रस्तावित यात्रा को कुशासन यात्रा की संज्ञा देते हुए दावा किया कि इसके माध्यम से वह अपनी सरकार बचाने में सफल नहीं होगी।

गहलोत आज यहां प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मोहन लाल सुखाडि़या की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री काफी समय से प्रदेश के हर संभाग में चार-पांच दिनों की यात्रा कर रही है और जनसंवाद के नाम पर अपनी सरकार की उपलब्धियों का बखान कर रही है लेकिन इन कार्यक्रमों में जनता की भागीदारी नहीं जुट रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जन कल्याण के कार्यक्रम के नाम पर अधिकारियों को डरा धमका रही है लेकिन इसके बावजूद जनता उनका साथ नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि जनता ने अपना मानस बना लिया है और कांग्रेस भी पूरी तैयारी के साथ चुनाव के लिए तैयार है।

कांग्रेस पार्टी में मुख्यमंत्री के चेहरे के नाम पर छिड़े विवाद के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने इसके लिये भाजपा का जिम्मेदार बताते हुये कहा कि कुछ मीडिया वाले जानबूझकर भाजपा के इशारे पर यह मुद्दा उछाल रहे हैं ताकि जनता में भ्रम की स्थिति पैदा कर सकें लेकिन पार्टी में ऐसी कोई बात नहीं है और जनता भी इस अधिप्रचार को अच्छी तरह से समझ रही है।

गहलोत ने जोर देकर कहा कि पार्टी का संगठन मंत्री होने के नाते मैं खुद राज्यों में यह स्पष्ट निर्देश देता हूं कि खुद को प्रोजेक्ट करने वालों को पद नहीं दिया जाएगा तो ऐसे में मैं स्वयं ऐसा कैसे कर सकता हूं।

उन्होंने कहा कि पार्टी की यह परम्परा रही है कि मुख्यमंत्री का चयन चुनाव के बाद विधायक दल की बैठक में होता है और पार्टी में यह परम्परा सदैव ही कायम रही है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भी पार्टी हाईकमान चाहे तो पहले चेहरा घोषित कर सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान ही नेता का चयन करता है।

राजस्थान में बढ़ती मॉब लिचिंग की घटना के लिये राज्य की भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुये उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मुद्दों से तथा अपनी अर्कमणता को छुपाने के लिए इस तरह की घटनाओं की आड़ में जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में बढ़ती मॉब लिचिंग, दलित उत्पीडन और महिला अत्याचार की घटनाओं ने राज्य सरकार की फासिस्टवादी सोच को उजागर कर दिया है।