आइची-नागोया। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई पैरा गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया है। भारत ने प्रतियोगिता में अब तक कुल 114 पदक अपने नाम किए हैं। इनमें 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक शामिल हैं। इस उपलब्धि के साथ भारत ने 2023 में चीन के हांगझोउ में हुए पिछले संस्करण के अपने आधिकारिक 108 पदकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर है।
भारतीय दल का यह प्रदर्शन इसलिए भी उल्लेखनीय है, क्योंकि इस बार प्रतियोगिता में 168 पैरा एथलीटों ने हिस्सा लिया, जबकि पिछले संस्करण में भारत की ओर से 300 से अधिक खिलाड़ी मैदान में उतरे थे। कम खिलाड़ियों के बावजूद भारत ने न केवल अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि विभिन्न खेलों में पदक जीतकर अपनी मजबूत मौजूदगी भी दर्ज कराई।
पैरा एथलेटिक्स ने दिलाए सबसे ज्यादा पदक
भारतीय पदक अभियान में पैरा एथलेटिक्स सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा। इस खेल में भारतीय खिलाड़ियों ने 22 स्वर्ण, 19 रजत और 24 कांस्य सहित कुल 65 पदक जीते। पिछले संस्करण में इस स्पर्धा से भारत को 53 पदक मिले थे। इस बार खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार किया।
पैरा एथलेटिक्स के पदकों ने भारत की कुल उपलब्धि में आधे से अधिक योगदान दिया। ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों की सफलता ने पदक तालिका में देश की स्थिति मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
पैरा बैडमिंटन में 16 पदक
पैरा बैडमिंटन भारतीय दल के लिए दूसरा सबसे बड़ा पदक स्रोत रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने इस खेल में तीन स्वर्ण, पांच रजत और आठ कांस्य सहित कुल 16 पदक जीते। हालांकि, यह प्रदर्शन हांगझोउ के पिछले संस्करण से थोड़ा कम रहा। उस समय भारत ने पैरा बैडमिंटन में 21 पदक हासिल किए थे। इसके बावजूद इस बार भी बैडमिंटन खिलाड़ियों ने भारत की कुल पदक संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पैरा तैराकी में एक पदक से बढ़कर 11 तक पहुंचा भारत
इस बार भारतीय दल को पैरा तैराकी में बड़ी सफलता मिली। पिछले संस्करण में भारत को इस खेल में केवल एक पदक मिला था, जबकि आइची-नागोया में भारतीय तैराकों ने तीन रजत और आठ कांस्य सहित कुल 11 पदक जीत लिए।
यह सुधार भारतीय दल के प्रदर्शन की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा। पैरा तैराकी में मिली सफलता ने कुल पदक संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उन स्पर्धाओं में भी भारत की संभावनाओं को मजबूत किया, जहां पिछले संस्करण में प्रदर्शन सीमित रहा था।
पैरा टेबल टेनिस में भी बेहतर प्रदर्शन
पैरा टेबल टेनिस में भारतीय खिलाड़ियों ने सात कांस्य पदक जीते। हांगझोउ में इस खेल से भारत को केवल दो कांस्य पदक मिले थे। इस बार पांच अतिरिक्त पदकों के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन में सुधार दर्ज कराया।
वहीं, पैरा तीरंदाजी में भारत ने छह और पैरा शूटिंग में पांच पदक हासिल किए। पिछले संस्करण में इन दोनों खेलों में क्रमशः सात और छह पदक मिले थे। इस तरह तीरंदाजी और शूटिंग में पदकों की संख्या थोड़ी कम रहने के बावजूद अन्य खेलों में हुए सुधार ने कुल उपलब्धि को नई ऊंचाई दी।
हांगझोउ का रिकॉर्ड पीछे छूटा
2023 में हांगझोउ में हुए एशियाई पैरा गेम्स में भारत ने शुरुआत में 111 पदक जीते थे। इनमें 29 स्वर्ण पदक शामिल थे। हालांकि, बाद में डोपिंग उल्लंघन के मामलों में नीरज यादव और परवीन से जुड़े तीन पदक वापस लिए जाने के बाद भारत की आधिकारिक पदक संख्या 108 रह गई थी।
आइची-नागोया में 114 पदकों के साथ भारत ने अपने आधिकारिक पिछले रिकॉर्ड को छह पदकों से पीछे छोड़ दिया है। इस बार 30 स्वर्ण पदक जीतना भी भारत के अभियान की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है। कुल 114 पदकों के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर है। भारतीय पैरा एथलीटों ने एथलेटिक्स, बैडमिंटन, तैराकी और टेबल टेनिस सहित विभिन्न स्पर्धाओं में पदक जीतकर देश का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज कराया है।



