यूपी में आंधी जनित हादसों कम से कम 17 लोगों की मृत्यु, कई घायल

At least eight Killed As Dust, Thunderstorm Strikes Western Uttar Pradesh

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक सप्ताह में दूसरी बार आये अांधी-तूफान जनित हादसों में कम से कम 17 लोगों की मृत्यु हो गई तथा कई लोग घायल हुए है। इससे फसलों एवं अन्य प्रकार का काफी नुकसान हुआ है जिसका आंकलन कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंधी-तूफान से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य युद्ध स्तर पर करने के निर्देश देते हुए आपदा प्रभावित जिलों के प्रभारी मंत्रियों को अविलम्ब जिले में पहुंचकर पीड़ितों को हर सम्भव सहायता उपलब्ध करवाने के लिए कहा है।

उन्होंने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को राहत और पुनर्वास कार्यों के प्रभावी संचालन के निर्देश देते हुए कहा कि आंधी-तूफान से हुए नुकसान का आकलन करते हुए क्षतिग्रस्त अवस्थापना सुविधाओं की मरम्मत का कार्य तुरन्त प्रारम्भ किया जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को सहायता प्रदान करने के कार्य में शिथिलता अथवा उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इटावा से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार बुधवार देर शाम आई आंधी-तूफान से जसवंतनगर तहसील में एक महिला सहित चार लोगों की मृत्यु हो गई जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को डा. भीमराव अंबेडकर संयुक्त चिकित्सालय में दाखिल करा दिया गया है ।

अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार कुशवाहा ने आज यहां बताया कि कल देर शाम आए आंधी-तूफान से जसवंतनगर तहसील के पचपेड़ा गांव में 63 वर्षीय रतन सिंह,बिचपुरी खेड़ा में 50 वर्षीय अकील अहमद, रूकूनपुरा में 40 वर्षीय उर्मिला देवी की और कुरसैना स्थित पंजाबी ढाबा पर 45 वर्षीय ओमप्रकाश की आंधी जनित हदासों में मृत्यु हो गई।

उन्होंने बताया कि आंधी में जिले में हुई अन्य घटनाओं में कई लोगों के भी घायल होने की सूचना है। उन्होंने बताया कि जसवंतनगर तहसील में जिन लोगों की मृत्यु हुई है उनके शवों का पोस्टमार्टम देर रात कराने के बाद अंतिम संस्कार के लिए शव उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिये गए है। जिला प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को आपदा राहत कोष से आर्थिक सहायता दी जा रही है।

मथुरा से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से दो महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई। टैंटीगांव में आंधी से टूटे बिजली खंभे की चपेट में आकर 55 वर्षीया शकुंतला पत्नी छैलसिंह की मृत्यु हो गई जबकि गांव खंजरावास में आंधी से ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से 38 वर्षीय भगवती निवासी झंडा मरहला की मौत हो गई।

मुखत्यारी बिजली के खंभे की चपेट में आने से गंभीर रुप से घायल हो गई। बाद में उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इसके अलावा राया के गांव ककरेटिया में स्कूल की दीवार गिरने से 50 वर्षीय गुल्लड़, शेरगढ़ के गांव धींमरी में ओलों से फौजी युवक को गंभीर चोट आ गई है।

अलीगढ़ से प्राप्त समाचार के अनुसार जिले की इंगलास तहसील के भरतपुर गांव में अनिता देवी (28) पत्नी धमेन्द्रसिहं तथा सतलौनी गांव निवासी विजयसिहं (48) की आंधी के दौरान हुए हादसे में मृत्यु हो गई जबकि इसी क्षेत्र में तीन लोग बीना,लक्ष्मी एवं एक बच्चा घायल हुए है।

जिला अधिकारी चन्द्र भूषण सिंह ने आज यहां बताया कि जिले हुए नुकसान का आंकलन कराया जा रहा है तथा मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उनके परिजनों को सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

लखनऊ में पुलिस से मिली रिपोर्ट के अनुसार कानपुर देहात के कुरैशी मंगलपुर गांव में आई आंधी में पेड़ गिरने से 22 वर्षीय नरेन्द्र की मृत्यु हो गई। इसके अलावा मुन्नी खेड़ा, मंगलपुर में पेड़ एवं दीवार गिरने से चार लोग घायल हो गए। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। फिरोजाबाद के दक्षिण थाना क्षेत्र में रमेशचन्द्र जोशी (45) की अंधड़ के दौरान मृत्यु हो गई।

इसके अलावा एटा, आगरा, हाथरस एवं मैनपुरी में भी एक-एक व्यक्ति की मरने की सूचना है। सीतापुर मे कल रात दुर्गापुरवा क्षेत्र में तेज आँधी के कारण घनी आबादी के बीच पूर्व मंत्री रामहेत भारती के घर के निकट बंद पड़े प्राथमिक विद्यालय की दूसरी मंजिल की दीवार भरभरा कर गिर गयी। इस हादसे में दो बालक छह वर्षीय सिद्धू और नानी के घर दुर्गापुरवा आए पांच वर्षीय कृष्णा घायल हो गए। दोनों बच्चों को जिला चिकित्सालय भर्ती करा दिया गया जहां उनकी हालत गम्भीर है।

लखनऊ में कल रात आंधी आई लेकिन उससे किसी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं है । आंधी-तूफान से आम के अलावा अन्य फसलों को काफी नुकसान हुआ है। जिसका जिला अधिकारियों द्वारा आंकलन कराया जा रहा है। आंधी में पेड़ आदि गिरने से कई क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई। पेड़ के रेल लाइन पर गिरेन से कई ट्रेने प्रभावित रही और सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ।

गौरतलब है कि एक सप्ताह के भीतर प्रदेश में दूसरी बार अांधी-तूफान आया है। इस बार पहले के मुकाबले कम नुकसान हुआ जबकि गत बुधवार को आये तूफान में प्रदेश में 75 से अधिक जनहानि हुई थी। अकेले आगरा मडण्ल में मरने वालों की संख्या करीब 48 थी।