‘अटल’ नहीं रहे अटल बिहारी, अब यादें शेष, देशभर में शोक

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल​ बिहारी वाजपेयी का गुरुवार अपराह्न नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में निधन हो गया। वे 95 साल के थे। एम्स की ओर से शाम 5 बजे बाद जारी संक्षिप्त मेडिकल बुलेटिन में अटलजी के निधन की सूचना दी गई। वाजपेयी को गत 11 जून को एम्स में भर्ती किया गया था।

बीते नौ सप्ताह से वाजपेयी का एम्स में उपचार चल रहा था। बीते दो दिन में उनकी हालत अचानक बिगडती गई और जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया। गुरुवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। इससे पहले अटलजी तबीयत अत्यधिक बिगड जाने के बाद से सारे देश की निगाहें एम्स की ओर लगीं हुई थी। जगह जगह मंदिरों मस्जिदों, गुरुद्वारों में उनके स्वास्थ्य के लिए प्रशंसक प्रार्थना कर रहे थे।

श्रद्धांजलि में मोदी ने किए 7 ट्वीट
श्रद्धांजलि में मोदी ने 7 ट्वीट किए। उन्होंने कहा कि मैं नि:शब्द हूं, शून्य में हूं, लेकिन भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है। हम सभी के श्रद्धेय अटल जी हमारे बीच नहीं रहे। यह मेरे लिए निजी क्षति है। अपने जीवन का प्रत्येक पल उन्होंने राष्ट्र को समर्पित कर दिया था। उनका जाना, एक युग का अंत है। लेकिन वो हमें कहकर गए हैं- मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं, जिंदगी सिलसिला, आज कल की नहीं। मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं, लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं?

सुबह जैसे ही प्रशंसकों को अटलीजी की सेहत निरंतर गिरती जाने की खबर मिली वैसे वैसे एम्स के बाहर भी जमावडा लगने लगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं का वाजपेयी को हालचाल जाने के लिए आने का सिलसिला जारी रहा।

बड़ी संख्या में केन्द्रीय मंत्रियों, राजनीतिक दलों के नेताओं और उनके प्रशंसकों के एम्स आने के कारण यहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। संयुक्त पुलिस आयुक्त (दक्षिण) देवेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को एम्स के आसपास तैनात किया गया है। एम्स के बाहर और उसके अंदर वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं और यातायात को सामान्य बनाये रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


उधर, वाजपेयी के आवास 6 कृष्णमेनन मार्ग पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के अपने अपने कार्यक्रम रद्द करके दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं।

‘अटल’ नहीं रहे अटल बिहारी, अब यादें शेष, देशभर में शोक
नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल​ बिहारी वाजपेयी का गुरुवार अपराह्न नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में निधन हो गया। वे 95 साल के थे। एम्स की ओर से शाम 5 बजे बाद जारी संक्षिप्त मेडिकल बुलेटिन में अटलजी के निधन की सूचना दी गई। वाजपेयी को गत 11 जून को एम्स में भर्ती किया गया था।

बीते नौ सप्ताह से वाजपेयी का एम्स में उपचार चल रहा था। बीते दो दिन में उनकी हालत अचानक बिगडती गई और जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया। गुरुवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। इससे पहले अटलजी तबीयत अत्यधिक बिगड जाने के बाद से सारे देश की निगाहें एम्स की ओर लगीं हुई थी। जगह जगह मंदिरों मस्जिदों, गुरुद्वारों में उनके स्वास्थ्य के लिए प्रशंसक प्रार्थना कर रहे थे।

सुबह जैसे ही प्रशंसकों को अटलीजी की सेहत निरंतर गिरती जाने की खबर मिली वैसे वैसे एम्स के बाहर भी जमावडा लगने लगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं का वाजपेयी को हालचाल जाने के लिए आने का सिलसिला जारी रहा।

बड़ी संख्या में केन्द्रीय मंत्रियों, राजनीतिक दलों के नेताओं और उनके प्रशंसकों के एम्स आने के कारण यहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। संयुक्त पुलिस आयुक्त (दक्षिण) देवेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को एम्स के आसपास तैनात किया गया है। एम्स के बाहर और उसके अंदर वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं और यातायात को सामान्य बनाये रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उधर, वाजपेयी के आवास 6 कृष्णमेनन मार्ग पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के अपने अपने कार्यक्रम रद्द करके दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं।

अटल बिहारी वाजपेई  भारत के प्रधानमंत्री रह चुके हैं  इस बात को सभी जानते हैं  और उनके जैसा नेता  होना  बहुत मुश्किल है  उन्होंने अपने काल में  पड़ोसी देश के  साथ  और अच्छे संबंध किए  व कई ऐसे अभियान  पूरे किए  जो पुराने के प्रधानमंत्रियों के लिए काफी नहीं था भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।

अटल बिहारी वाजपेई के आखरी समय में क्या हुआ था :-

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ वाजपेयी को देखने एम्स पहुंचे। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी वाजपेयी का हाल जानने के लिए यहां पहुंचे।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का एम्स में हाल चाल जानने के बाद कहा कि उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

नड्डा ने करीब पौने चार बजे एम्स परिसर में संवाददाताओं से कहा कि वाजपेयी की हालत अति गंभीर बनी हुई है और डाक्टर पूरी ताकत के साथ उनका उपचार करने में लगे हैं। उनकी हर संभव देखभाल की जा रही है।

एम्स ने ताजा बुलेटिन में उम्मीद की कोई किरण नहीं दिखाई दी है। एम्स की मीडिया एवं प्रोटोकाल डिवीजन की प्रमुख प्रो. आरती विज ने करीब 11 बजे दो पंक्तियों का बुलेटिन जारी किया जिसमें कहा गया कि वाजपेयी की सेहत यथावत बनी हुई है। उनकी हालत नाजुक है और वह जीवनरक्षक प्रणाली पर बने हुए हैं।

एम्स ने कल रात मेडिकल बुलेटिन में कहा था कि पूर्व प्रधामंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पिछले नौ सप्ताह से एम्स में भर्ती हैं दुर्भाग्य से पिछले 24 घंटों के दौरान उनकी हालत बिगड़ी है। उनकी हालत अति गंभीर है और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है। पूरा पढ़े