अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का 40 फीसदी काम पूरा : ट्रस्ट

अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दावा किया है कि अयोध्या में रामजन्मभूमि स्थल पर भव्य राम मंदिर निर्माण का 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

ट्रस्ट के महामंत्री चम्पत राय ने राम मंदिर निर्माण की दूसरी वर्षगांठ पर चर्चा करते हुए बताया कि राम मंदिर निर्माण का लगभग 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इन दो सालों में मंदिर निर्माण में कई बाधाएं भी आईं जिसमें कोरोना काल सबसे बड़ी बाधा रहा। इसके बावजूद मंदिर निर्माण कार्य चलता रहा।

उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण के प्रति भक्तों की आस्था का आलम यह है कि अब तक करीब पांच हजार करोड़ रूपए से अधिक का दान ट्रस्ट को प्राप्त हो चुका है। भूमि पूजन के बाद से मंदिर निर्माण के लिए दान का जो सिलसिला शुरू हुआ वह आज भी जारी है। यही नहीं भारी मात्रा में चांदी व सोने का दान भी ट्रस्ट को प्राप्त हुआ है।

हर रोज राम मंदिर के लिए चेक, नकदी, आरटीजीएस व आनलाइन माध्यमों से लाखों का दान आ रहा है। मंदिर निर्माण की लागत श्रीरामजन्मभूमितीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने करीब 11 करोड़ रूपए तय कर रखी है। लागत से कई गुना की धनराशि भक्तों ने ट्रस्ट को समर्पित कर दी है।

राय ने बताया कि श्रीरामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला के चढ़ावे में भी दो सालों में तीन गुना वृद्धि हुई है। चढ़ावा हर माह 12 से 15 लाख रूपए होता था जो अब बढक़र 35 से 40 लाख रूपए पहुंच गया है।

मंदिर निर्माण में देश की आठ नामी तकनीकी एजेंसिया काम कर रही हैं। भूमि पूजन के बाद से रामलला के दर्शन को अब तक देश व प्रदेश की नामी हस्तियां आ चुकी हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सहित कई राज्यों के राज्यपाल, दस राज्यों के मुख्यमंत्री भी रामलला का दर्शन-पूजन कर चुके हैं।उन्होंने बताया कि कई बड़े फिल्मी कलाकार व नेपाल सहित श्रीलंका देश के भी अतिथि रामलला की पूजा अर्चना करने आ चुके हैं।

गौरतलब है कि नौ नवम्बर 2019 को राम मंदिर के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद पांच अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया था। इसी दिन प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में भव्य राम मंदिर के साथ ही विश्व की सबसे सुंदरतम नगरी व दिव्य अयोध्या के निर्माण का सूत्रपात भी हो गया था।

इन दो सालों में मंदिर का निर्माण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। पांच फरवरी 2020 को श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन हुआ और पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भूमि पूजन कर राम मंदिर की आधारशिला भी रखी।