स्वराज 75 महोत्सव : प्रबुद्ध नागरिक सम्मेलन में वास्तविक नायकों को याद किया

अजमेर। 15 अगस्त 1947 को भारत को प्राप्त स्वराज किसी एक नेता या एक प्रयास के कारण नहीं अपितु साहित्य, संगीत, कला, पत्रकारिता तथा आध्यात्मिक आदि क्षेत्रों में हुए विविध प्रकार के प्रयासों व अनगिनत क्रांतिकारियों के बलिदानों के कारण आया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्वतंत्र भारत में कुछ चुनिंदा नेताओं को ही स्वाधीनता आंदोलन का नायक बनाकर प्रस्तुत किया गया।

ये विचार प्रसिद्ध लेखक एवं विचारक हनुमान सिंह राठौड़ ने बुधवार को जवाहर रंगमंच पर नगर निगम अजमेर एवं विद्वत परिषद विद्या भारती संस्थान अजमेर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रबुद्ध नागरिक सम्मेलन में व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि स्वाधीनता के वास्तविक नायकों को ना केवल नजरअंदाज किया गया, बल्कि अपने राजनीतिक स्वार्थों के कारण समय-समय पर ऐसे वास्तविक नायकों का तिरस्कार तथा अपमान करने का प्रयास भी होता रहा है।

आत्मा चरण शर्मा की पुस्तक नर्क यात्रा में वर्णित सेल्यूलर जेल में बंद क्रांतिकारियों को मिलने वाली यातनाओं तथा मौलाना अबुल कलाम आजाद की पुस्तक इंडिया विंस फ्रीडम में वर्णित अहमदनगर जेल में बंद राजनीतिक कैदियों के साथ ब्रिटिश सरकार द्वारा किए जाने वाले व्यवहार का अंतर बताते हुए उन्होंने यह स्पष्ट किया कि किस प्रकार जिन लोगों ने स्वराज के लिए यातनाएं भोगी उन्हें स्वतंत्र भारत में गुमनामी और तिरस्कार के साथ देखना अत्यंत कष्टप्रद है।

इसीलिए यह स्वराज 75 का अमृत महोत्सव ऐसे वास्तविक नायकों की पहचान करने का महोत्सव बनना चाहिए। उन्होंने सभी का आव्हान करते हुए इस अमृत महोत्सव के चार अणुव्रत युवाओं के लिए बताएं जिनमें भारत को मानो, भारत को जानो, भारत के बनो तथा भारत को बनाओ सम्मिलित है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर निगम महापौर बृजलता हाड़ा ने की। इससे पूर्व कार्यक्रम का संचालन करते हुए आदर्श विद्या निकेतन पुष्कर मार्ग के प्रधानाचार्य भूपेंद्र उबाना ने स्वराज 75 महोत्सव की पंचामृत संकल्पना को प्रस्तावना के रूप में रखते हुए बताया कि यह अमृत महोत्सव पंचामृत संकल्पों युक्त पीढी निर्माण करने का अभियान है इनमें पहला अपने पूर्वजों का पुण्य स्मरण दूसरा अपने पूर्वजों के इस राष्ट्र के लिए देखे गए सपनों का पुनरभान तीसरा सनातन भारत की झलक चौथा आधुनिक भारत की चमक तथा पांचवा संकल्प अपने स्व की स्पष्ट कल्पना है।

कार्यक्रम के दौरान विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत के अध्यक्ष एवं पूर्व कुलपति बालूराम छीपा, मंत्री वीरेंद्र शर्मा विद्वत परिषद चित्तौड़ प्रांत के अध्यक्ष संतोष आनंद, संगठन मंत्री गोविंद कुमार सहित अजमेर शहर के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विद्या भारती संस्थान अजमेर के मंत्री जय सिंह राठौड़ ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।