मेला नहीं भरने से बाबा रामदेव मंदिर में रौनक रही फीकी

जैसलमेर। राजस्थान में लोकदेवता एवं सदभावना के प्रतीक बाबा रामदेव के अवतरण दिवस पर वैश्विक महामारी काेरोना के नियमों के चलते मेला नहीं लगने से रामदेव मंदिर में आज रौनक फीकी रही।

इस अवसर पर जैसलमेर के रामदेवरा कस्बे में आयोजित होने वाला देश के विख्यात रामदेवरा मेला नहीं भरा और बाबा रामदेव के अवतार दिवस भादवा शुक्ल द्वितीया पर दूसरे साल भी श्रृद्धालुओं की कमी के साथ मंदिर में अभिषेक एवं मंगला आरती हुई तथा बाबा की समाधि स्थल पर ब्रह्म मूर्हत में चार बजे पूजारियों ने विधि विधान से पंचामृत से अभिषेक एवं चंवर ढुलाकर पूजा अर्चना की।

बाबा की समाधि पर चादर चढ़ाई गई एवं मंगला आरती कर देश में खुशहाली की कामना की गई। बाद में प्रसाद का भोग लगाया गया। कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना के मुद्वेनजर जिला प्रशासन द्वारा न केवल भादवा मेला स्थगित कर दिया बल्कि ग्यारह दिन के लिये बाबा रामदेवरा के कपाट भी बंद कर दिए गए और रास्ते में ही पुलिस द्वारा रामदेवरा आ रहे श्रृद्वालुओं को वहीं से वापस अपने घरों में भिजवाया जा रहा है।

मंदिर समिति द्वारा श्रृद्वालुओं के लिए ऑनलाईन दर्शन की व्यवस्था की गई हैं। यू-ट्यूब एवं वॉट्सअप के माध्यम से देश भर के श्रृद्वालुओं को ऑनलाईन दर्शन कराए जा रहे है।

जन-जन के आराध्य देव, सामाजिक समरसता के प्रतीक लोकदेवता बाबा रामदेवजी का अवतार दिवस भादवा सुदी द्वितीया बुधवार को देशभर में मनाई जा रही है वहीं राजस्थान के कुंभ कहलाने वाले रामदेवरा मेला दूसरी साल भी कोविड की तीसरी लहर की आंशका के मद्देनजर आयोजित नहीं हुआ।

इस मौके देशभर से बड़ी संख्या में श्रृद्धालुओं के आने की संभावना के मद्देनजर सात से 17 सितंबर तक मंदिर के पट श्रृद्धालुओं के दर्शनार्थ बंद किए हुए है। ऐसे में समाधि समिति की तरफ से मंदिर में बाबा की समाधि पर पंचामृत से अभिषेक, मंगला आरती के साथ पूजा अर्चना की गई। इस अवसर पर समाधि समिति के गिने-चुने लोग ही उपस्थित रहे।

इस मौके पर विशेष रूप से श्रृंगारित स्वर्ण मुकुट बाबा की समाधि स्थल पर सुशोभित करते ही पूजारियों ने बाबा के जयकारों से समाधि परिसर को गूंजायमान किया।