वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले भगवान बदरीनाथ के कपाट

देहरादून। विश्व विख्यात चार धामों में से एक उत्तराखंड के चमोली जिले में भगवान बदरीनाथ मन्दिर के कपाट शुक्रवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ श्रद्वालुओं के लिए ग्रीष्मकालीन दर्शनार्थ खुल गए।

इतिहास में पहली बार यह मंदिर ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ के कपाट खुलने के करीब 15 दिन बाद खुला और पहली बार ही राज्य सरकार औऱ टिहरी नरेश ने मन्दिर के कपाट खोलने की तिथि निश्चित की।

बदरीनाथ धाम के कपाट ज्येष्ठ माह कृष्ण अष्टमी तिथि, कुंभ राशि धनिष्ठा नक्षत्र, ऐंद्रधाता योग के शुभ मुहूर्त पर आज सुबह चार बजकर 30 मिनट पर खोले गए। कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ महामारी के कारण लागू पूर्णबन्दी के नियमों का अक्षरशः पालन करते हुए कपाट खुलने के समय बदरीनाथ धाम के मुख्य पुजारी, धर्माधिकारी तथा अन्य पूजा स्थलों से जुड़े 11 लोगों ने शारीरिक दूरी का ध्यान रखते हुए और मुंह पर मास्क लगाकर वैदिक परम्पराओं का पालन किया।

मन्दिर को ऋषिकेश के दान दाताओं के सहयोग से 10 क्विंटल फूलों से सजाया गया था। साथ ही, विद्युत झालरों की रोशनी से मंदिर की भव्यता देखते ही बन रही है।

मन्दिर में प्रथम पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई दामोदर दास मोदी की ओर से मानवता की रक्षा के लिए की गई। इसके साथ, ऑनलाइन प्राप्त पूजा अनुरोधों के अनुरूप विधि विधान से पूजा कार्य प्रारंभ हुए। कोरोना के संक्रमण के कारण इस बार आम श्रद्वालुओं को दर्शन की अनुमति नहीं होने के कारण उत्तराखंड स्थित विभिन्न धार्मिक स्थलों केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, पूर्णागिरि देवी, हेमकुंड साहब आदि की यात्राओं पर प्रतिबंध होने के कारण मात्र कपाट खोले गए हैं।

बद्रीनाथ धाम में कपाट खुलने के पश्चात मंदिर में शीतकाल में भगवान द्वारा ओढे गए घृत कंबल को प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। माणा गांव द्वारा तैयार हाथ से बुने गए घृत कंबल को कपाट बंद होने के अवसर पर भगवान बद्रीविशाल को ओढ़ाया जाता है।

धाम के कपाट खुलने के साथ ही मंदिर परिसर स्थित माता लक्ष्मी मंदिर, श्री गणेश मंदिर, हनुमान जी, भगवान बदरी विशाल के द्वारपाल घंटाकर्ण जी का मंदिर, परिक्रमा स्थित छोटा मंदिर तथा आदि केदारेश्वर मंदिर, आदि गुरू शंकराचार्य मंदिर के द्वार भी खुल गए। इसके अतिरिक्त, माणा के निकट स्थित श्री माता मूर्ति मंदिर तथा श्री भविष्य बदरी मंदिर सुभाई तपोवन के कपाट भी श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही खोल दिए गए है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित पर्यटन-धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने भगवान बद्रीविशाल से राज्य देश और विश्व के कल्याण की प्रार्थना करते हुए सभी को शुभकामनाएं दी हैं।