आबूरोड में बहादुरपुरा उच्च माध्यमिक स्कूल के गेट पर जडा ताला, प्रदर्शन

Bahadurpura High Secondary School Aburoad locked by villagers

आबूरोड। सिरोही जिले की आबूरोड तहसील के बहादुरापुरा राजकीय आदर्श राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में समस्याओं का निदान नहीं होने पर मंगलवार को ग्रामीणों व विद्यार्थियों ने विरोध प्रदर्शन कर ताला जड दिया। शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

मामले की गंभीरता के चलते प्रधानाचार्य ने जिला शिक्षा अधिकारी को मामले से अवगत करवाया। प्रधानाचार्य द्वारा लिखित में समस्याओं का समाधान करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद ही आंदोलित विद्यार्थी व ग्रामीणों के विरोध के स्वर शांत हुए।

बहादुरापुरा राजकीय आदर्श राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षाओं के अनुरूप कक्षा कक्ष उपलब्ध नहीं है। केवल पांच कमरों में बारह कक्षाएं चल रही हैं। एक-एक कमरे में दो-दो, तीन-तीन कक्षाओं को शामिल करके बैठाया जाता है।

इस बारे में ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों की ओर से पूर्व में प्रभारी मंत्री, कलक्टर को ज्ञापन दिए गए। लेकिन, आज दिन तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके उलट कक्षा दस व बारह का परीक्षा परिणाम भी शून्य रहा है।

विद्यालय की समस्याओं का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों, अभिभावकों व जनप्रतिनिधियों में रोष व्याप्त हो गया। जिसके चलते मंगलवार को ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला जड़ दिया। छात्रों ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने स्कूल के प्रवेश द्वार पर डेरा डाल दिया और शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

करीब तीन घंटे से अधिक समय तक विरोध प्रदर्शन नारेबाजी का सिलसिला जारी रहा। विरोध प्रदर्शन के चलते विद्यालय का स्टॉफ भी बाहर ही रहा। ग्रामीणों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर विद्यालय में अनिश्चितकालीन तालेबंदी की चेतावनी दी। मामले की गंभीरता के चलते प्रधानाचार्य ने जिला शिक्षा अधिकारी को अवगत करवाया।

प्रधानाचार्य द्वारा समस्याओं का समाधान करवाने का लिखित में दिया गया। इसके बाद ही ग्रामीण व विद्यार्थी शांत हुए। ग्रामीणों ने अतिशीघ्र समस्या का समाधान नहीं होने पर फिर से आंदोलन करने की चेतावनी दी।

शून्य परिणाम पर खेद

प्रधानाचार्य ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजा। पत्र के मुताबिक सत्र 2017-18 में विद्यालय का परीक्षा परिणाम शून्य रहा है। इस बात का खेद है। लेकिन, सभी विषयाध्यापक व प्रधानाचार्य इस बात का आश्वसन देते हैं कि भविष्य में कभी भी विद्यालय का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत से कम नहीं रहेगा। साथ ही परीक्षा परिणाम खराब करने वाले विषयाध्यापकों के खिलाफ कार्यवाही करने की अनुशंसा की गई है।

जयपुर भेजेंगे निर्माण के प्रस्ताव

विद्यालय के प्रधानाशपक ने राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक को पत्र भेजा। पत्र के मुताबिक विद्यालय में कक्षा-कक्षों की कमी है। मांग के अनुरुप कक्षा-कक्षों के निर्माण को आवश्यक बताया। इस पर डीईओ ने कक्षा कक्ष के निर्माण के प्रस्ताव रमसा, जयपुर को भिजवाने, विद्यालय की विशेष परिस्थितियों के चलते शीझ्र निर्माण
स्वीकृति देने का आग्रह किया जाएगा।

उठती रही मांग, नहीं दिया ध्यान

ग्रामीणों की ओर से गत 15 जुलाई को विद्यालय में व्याप्त समस्याओं के निराकरण के लिए ज्ञापन भेजा गया था। ज्ञापन के अनुसार विद्यिालय में कक्षा-कक्षों का अभाव है। एक कक्ष में एक से अधिक कक्षाएं संचालित की जा रही है। अध्यापक अध्यनन नहीं करवाकर मोबाइल, वॉटसअप व फैसबुक में व्यस्त रहते हैं।

ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय स्टॉफ द्वारा अभिभावकों के साथ उचित वहार नहीं किया जाता है। अभिभावकों को संतुष्टी पूर्वक जवाब नहीं दिया जा रहा है। इस बारे में उच्चाधिकारियों को भेजे ज्ञापन में कक्षा-कक्ष की स्वीकृति जारी करने, विद्यालय स्टॉफ को हटाने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर विद्यालय में अनिश्चितकालीन तालाबंदी व उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई थी।