ब्लू वॉटर खदान पर लगेगा प्रतिबंध, लगातार हादसों के बाद चारों ओर होगी फेंसिंग

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे नवा रायपुर क्षेत्र की ब्लू वॉटर खदान में लगातार सामने आ रहे हादसों के बाद राज्य सरकार ने यहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का निर्णय लिया है। आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा है कि ब्लू वॉटर खदान को प्रतिबंधित किया जाएगा और लोगों को खतरनाक गहरे पानी तक पहुंचने से रोकने के लिए खदान के चारों ओर फेंसिंग कराई जाएगी।

मंत्री वर्मा ने शनिवार को बताया कि खदान की सुरक्षा को लेकर बाहर की टीम भी मौके पर पहुंची है और लगातार काम कर रही है। प्रशासन का प्रयास है कि भविष्य में कोई व्यक्ति खदान क्षेत्र में पहुंचकर अपनी जान जोखिम में न डाले। इसके लिए खदान क्षेत्र को प्रतिबंधित करने के साथ चारों ओर मजबूत फेंसिंग और अन्य आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।

ब्लू वॉटर खदान में हाल में मौदहापारा निवासी आदिल खान के डूबने की घटना के बाद यहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। आदिल अपने दोस्तों के साथ खदान पहुंचा था। इसी दौरान तैरकर खदान पार करने की शर्त के बाद वह पानी में उतरा और गहरे पानी में डूब गया। उसकी तलाश के लिए राज्य आपदा मोचन बल की टीम लगातार अभियान चला रही है।

बताया गया है कि खदान की गहराई करीब 400 फीट तक है, जबकि गोताखोर लगभग 60 फीट की गहराई तक ही पहुंच पा रहे हैं। अत्यधिक गहराई के कारण तलाशी अभियान में भी परेशानी आ रही है।

ब्लू वॉटर खदान में डूबने की घटनाओं का सिलसिला नया नहीं है। उपलब्ध घटनाओं के अनुसार वर्ष 2017 से अब तक यहां नौ लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। वर्ष 2017 में 17 वर्षीय युवती की मौत हुई थी, जबकि मई 2019 में एक युवक की जान गई थी। मार्च 2023 में दो युवकों की डूबने से मौत हुई।

इसके बाद जून 2023 में नदीम, फैजल व शहबाज की डूबने से मौत हुई थी। अक्टूबर 2025 में भी दो स्कूली छात्रों की खदान में डूबने से मौत हो गई थी। आदिल खान का शव बरामद होने की स्थिति में यहां डूबने से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी।

बारिश के मौसम में साफ और नीले पानी के कारण यह खदान लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है, लेकिन इसकी अत्यधिक गहराई इसे बेहद खतरनाक बनाती है। लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए अब प्रशासन खदान तक लोगों की पहुंच रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा इंतजाम करने की तैयारी में है।