नरेश मीणा की गिरफ्तारी के लिए बारां पुलिस का अभियान तेज, 25 पैसे का सांकेतिक इनाम घोषित

0

बारां। राजस्थान के बारां जिले में नाहरगढ़ वन विभाग रेंज कार्यालय में तोड़फोड़, वनकर्मियों के साथ कथित मारपीट और सरकारी जनरेटर जबरन ले जाने के मामले में फरार चल रहे भगत सिंह सेना के प्रमुख एवं किसान नेता नरेश मीणा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए बारां पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंडासु ने नरेश मीणा की गिरफ्तारी पर 25 पैसे (चवन्नी) का सांकेतिक इनाम घोषित किया है।

पुलिस ने उनकी तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। अटरू पुलिस उप अधीक्षक रामानंद यादव के नेतृत्व में गठित टीमों ने राजस्थान के विभिन्न इलाकों के साथ संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है। इस अभियान में छबड़ा, छीपाबड़ौद, अटरू, मोठपुर और कवाई थाना पुलिस को भी लगाया गया है।

फार्म हाउस पर छापेमारी, दो सहयोगी अरेस्ट

पुलिस को मिली सूचना के आधार पर गुंदलाई गांव स्थित एक फार्म हाउस पर छापेमारी की गई। पुलिस के पहुंचने से पहले नरेश मीणा वहां से निकल गए। हालांकि, मौके पर थार गाड़ी में सवार उनके दो सहयोगियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि नरेश मीणा की तलाश में लगातार सूचनाएं जुटाई जा रही हैं और उनके संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी जा रही है।

पुलिस की ओर से उनके घर, रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी अभियान चलाया गया है। पुलिस अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि फरार आरोपी को शरण न दें और उसे कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए समझाएं।

एक नवंबर को हुई थी नाहरगढ़ रेंज कार्यालय में घटना

मामला एक नवंबर का है। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, नाहरगढ़ वन विभाग रेंज कार्यालय में नरेश मीणा की मौजूदगी में पहुंचे लोगों ने कार्यालय परिसर में हंगामा और तोड़फोड़ की तथा वनकर्मियों के साथ मारपीट की। इस दौरान वन विभाग की ओर से जब्त किया गया जनरेटर भी जबरन ले जाने का आरोप है। घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस प्रकरण में पुलिस पहले ही कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

आत्मसमर्पण के ऐलान के बाद अब कोर्ट जाने की बात

नरेश मीणा ने पहले छह नवंबर को शाम पांच बजे नाहरगढ़ थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण करने की घोषणा की थी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना रुख बदलते हुए पुलिस के समक्ष पेश होने के बजाय न्यायालय की शरण लेने की बात कही। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश और तेज कर दी।

फिलहाल नरेश मीणा पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी रहेगा और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।