आईपीएल बायो-बबल में संक्रमण फैलने के कारणों की जांच करनी होगी : गांगुली

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने आईपीएल बायो-बबल में कोरोना संक्रमण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि टीमों का एक शहर से दूसरे शहर यात्रा करना संक्रमण फैलने का कारण हो सकता है। हालांकि बीसीसीआई को यह पुष्टि करने के लिए कहा है कि क्या वाकई में ऐसा हुआ है तो जांच पड़ताल करनी होगी।

गांगुली ने एक बयान में यह भी कहा है कि बीसीसीआई इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले आईसीसी टी-20 विश्व कप से पहले आईपीएल 2021 के बचे हुए मैचों के लिए एक खिड़की बनाएगा। उन्होंने कोरोना महामारी के कारण आईपीएल के बीच में रद्द होने के बारे में कहा कि मुझे सच में यह नहीं पता है कि बायो-बबल के अंदर यह स्थिति कैसे बनी।

हमें जांच पड़ताल करनी होगी और इसके पीछे के कारणों पर गौर करना होगा, लेकिन मुझे लगता है कि एक से दूसरे शहर की यात्रा करना इसका एक कारण हो सकता है। पिछले आईपीएल यूएई में हुआ था, जहां तीन स्थानों और एक सीमित क्षेत्र के भीतर सब कुछ प्रतिबंधित था। आपको देश के चारों ओर बनी स्थिति को भी देखना होगा। जिस तरह रोजाना इतने लोग संक्रमित हो रहे हैं वह पूरी तरह से हैरान कर देने वाला है। कल क्या होने वाला है, यह कोई नहीं जानता। सभी के लिए चीजें नियंत्रण से बाहर हो गई हैं।

देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर से बने खतरनाक हालात के कारण आईपीएल को रद्द करने का फैसला लिया गया था और अब देश में रोजाना कोरोना संक्रमण के लगभग चार लाख मामले सामने आने के चलते भारत द्वारा आगामी आईसीसी टी-20 विश्व कप की मेजबानी भी संदेह के घेरे में है।

इस पर गांगुली ने कहा कि इस मामले पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। उनके मुताबिक बीसीसीआई अन्य बोर्डों से बात करेगा कि क्या वे सितंबर में भारत के इंग्लैंड दौरे के अंत और अक्टूबर के मध्य में वैश्विक टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले आईपीएल के शेष भाग के लिए समायोजन (एडजस्टमेंट) कर सकती हैं।

उन्होंने कहा कि बहुत फेरबदल करने पड़े हैं। आईपीएल को स्थगित किए हुए केवल एक दिन ही बीता है। हमें अन्य क्रिकेट बोर्डों से बात करनी होगी और देखना होगा कि क्या टी-20 विश्व कप से पहले आईपीएल के लिए एक खिड़की उपलब्ध हो सकती है या नहीं। इसमें बहुत सी चीजें शामिल हैं और हम धीरे-धीरे उन पर काम करना शुरू करेंगे। अगर हम आईपीएल को पूरा करने में विफल रहते हैं तो इससे करीब 2500 करोड़ रुपए यानी 340 मिलियन डॉलर का नुकसान होगा। यह केवल अनुमान है।

गांगुली ने पिछले साल यूएई में बायो-बबल की जिम्मेदारी संभालने वाली ब्रिटेन की कंपनी रेस्ट्रेटा को आईपीएल द्वारा दोबारा नियुक्त न किए जाने के बारे में पूछने पर कहा कि हमने उनके नाम पर चर्चा की थी, लेकिन भारत में उनकी बड़ी उपस्थिति नहीं है। यही कारण था कि हमें दूसरा विकल्प चुनना पड़ा।

उन्होंने कहा कि बीसीसीआई द्वारा खिलाड़ियों के लिए कोई अलग टीकाकरण अभियान आयोजित नहीं किया जाएगा, क्योंकि अब खिलाड़ियों के पास समय है, इसलिए वे व्यक्तिगत रूप से वैक्सीन लगवाएंगे। राज्य सरकारें टीकाकरण अभियान चला रही हैं। सभी खिलाड़ी अपने-अपने घर जा रहे हैं, इसलिए यह एक आसान विकल्प है।