B’day Special : अभिनेता नाना पाटेकर के अनसुने किस्से

B'day Special: An Unusual Tales of Actor Nana Patekar
B’day Special: An Unusual Tales of Actor Nana Patekar

‘आ गये मेरी मौत का तमाशा देखने’, ‘एक मच्छर साला आदमी को हिंजड़ा बना देता है’, ‘ये मुसलमान का खून है ये हिन्दू का खून है….बता इसमें मुसलमान का कौन-सा और हिन्दू का कौन-सा बता’, आपको समझ तो आ ही गया होगा कि हम किसकी बात कर रहे हैं। नाना पाटेकर ही ऐसे अभिनेता हैं जो इतने अलग डायलॉग बोल सकते हैं। भारतीय सिनेमा के एक बेहतरीन अभिनेता नाना पाटेकर जिनकी बेबाक आवाज़ ने बॉलीवुड फिल्मों को अलग मुकाम पर पहुंचाया।

नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर है लेकिन फिल्मों में इन्हें नाना पाटेकर के नाम से जाना जाता है।

नाना पाटेकर के पिता दिनकर पाटेकर कपड़े के व्यापारी और माँ संजनाबाई पाटेकर एक गृहणी थीं।

नाना पाटेकर ने अपनी बैचलर की पढ़ाई मुंबई में की इस दौरान वह कॉलेज द्वारा आयोजित नाटकों में हिस्सा लिया करते थे।

नाना को मुंबई पुलिस के लिए स्केचेस बनाने का काम किया करते थे।

बचपन में काले रंग की वजह से एक 4 साल की लड़की ने नाना से शादी करने से इनकार किया था और उनके बड़े भाई को शादी के लिए चुना था।

नाना पाटेकर ने अपने साथी मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर “नाम फाउंडेशन” की स्थापना की जो किसानों की मदद करती है।

अपने पढाई के दौरान नाना नाटको में एक्टिंग किया करते थे। इसी दौरान एक्ट्रेस स्मिता पाटील ने अभिनय करते हुए देखा था और उसके बाद नाना के बारे में निर्माताओं से बात भी की थी।

उन्होंने मोहरे (1987) और सलाम बॉम्बे (1988) फिल्मों में काम किया। साल 1989 में आयी “परिंदा” फिल्म में विलन का किरदार निभाकर फिल्मकारों की नजरों में आ गये।

साल 1992 में अंगार फिल्म में उनको बेस्ट विलेन का अवार्ड मिला।  साल 1994 में उनकी फिल्म क्रान्तीवीर के लिए उनको National Film Award for Best Actor मिला।

नाना पाटेकर ने बॉलीवुड में हीरो और विलन दोनों तरह के किरदार निभाए. साल 1996 में संजय लीला भंसाली की फिल्म खामोशी में एक गूंगे पिता का किरदार निभाया।

 

नाना पाटेकर ने पहली बार साल 2007 में बनी फिल्म वेलकम में हास्य अभिनेता का किरदार निभाया जिसमें वो दुबई के जाने माने गैंगस्टर का रोल निभाते है जो हिंदी फिल्मो में काम करना चाहता है।

इनके अलावा इनकी कुछ जानी मानी फिल्में ब्लफमास्टर, टैक्सी न. 9211, राजनीति, पाठशाला, यहाँ के हम सिकन्दर, इट्स माय लाइफ, और हुतुतू है।

नाना को साल 2013 में पद्म श्री सम्मान से भी नवाज़ा गया. उन्होंने नायक, सहनायक, खलनायक और चरित्र भूमिकाओं से फैन्स का दिल जीत लिया।

 

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