मासूमों से दुष्कर्म के मामलों में उच्चतम और उच्च न्यायालय में फास्ट ट्रेक कोर्ट बनें – शिवराज

मासूमों से दुष्कर्म के मामलों में उच्चतम और उच्च न्यायालय में फास्ट ट्रेक कोर्ट बनें - शिवराज
मासूमों से दुष्कर्म के मामलों में उच्चतम और उच्च न्यायालय में फास्ट ट्रेक कोर्ट बनें – शिवराज

जबलपुर । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मांग की है कि मासूमों से दुष्कर्म के मामलों की सुनवाई के लिए उच्चतम और उच्च न्यायालय में फास्ट ट्रेक कोर्ट का गठन होना चाहिए, ताकि ऐसे मामलों में आरोपियों को शीघ्र फांसी पर लटकाने का रास्ता साफ हो।

चौहान आज जबलपुर में धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा और मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश हेमंत गुप्ता की उपस्थिति में मंच से यह मांग करते हुए बताया कि इंदौर फास्ट ट्रेक कोर्ट ने मासूम बच्ची से बलात्कार एवं हत्या के मामले में 22 दिनों में आरोपी को फांसी की सजा से दण्डित किया था।

मंदसौर में मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की कोशिश की घटना पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आरोपी हैवान हैं। उन्होंने कहा कि 12 वर्ष से कम उम्र की बच्ची के साथ बलात्कार करने वाले को फांसी की सजा से दण्डित करने का फैसला सबसे पहले प्रदेश सरकार ने लिया था। प्रदेश सरकार के फैसले को केन्द्र सरकार ने पूरे देश में लागू किया।

मुख्यमंत्री ने 11 दिसंबर 2017 को जबलपुर में विधि विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की थी। वर्तमान में विधि विश्वविद्यालय का संचालन किराये की बिल्डंग में हो रहा है। विश्वविद्यालय के लिए 120 एकड़ जमीन आवंटित कर दी गयी है। वर्तमान में 120 छात्रों को दाखिला मिलेगा, पांच वर्षों में यह सीट बढ़कर 600 हो जाएंगी।