क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान छीनी थी बंदूक
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के गायघाटा में 11वीं कक्षा की 17 वर्षीय छात्रा से कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी प्रह्लाद दास (23) की मंगलवार तड़के पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार आरोपी को घटना का पुनर्निर्माण (क्राइम सीन रीक्रिएशन) कराने के लिए मौके पर ले जाया गया था। इसी दौरान उसने एक पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर कथित तौर पर छीन ली और पुलिस टीम पर गोली चला दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शनिवार रात लापता हुई थी छात्रा
पुलिस के मुताबिक छात्रा शनिवार रात गायघाटा में एक बाजार के पास आयोजित संगीत कार्यक्रम में गई थी। कार्यक्रम के दौरान करीब साढ़े 10 बजे उसे एक फोन आया, जिसके बाद वह वहां से चली गई। इसके बाद वह घर नहीं लौटी। परिजनों ने रातभर उसकी तलाश की और फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
रविवार सुबह स्थानीय लोगों ने पड़ोस के एक रिश्तेदार के घर के पीछे छात्रा का शव देखा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शुरुआती जांच में शरीर पर चोट के कई निशान सामने आने के बाद पुलिस ने दुष्कर्म और हत्या की आशंका जताई थी। परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रह्लाद दास को गिरफ्तार किया था।
घटना के पुनर्निर्माण के लिए आरोपी को ले गई थी पुलिस
पुलिस सूत्रों के अनुसार सोमवार रात आरोपी को घटना से जुड़े स्थान पर ले जाकर पूरे घटनाक्रम का पुनर्निर्माण कराया जा रहा था। इसी दौरान लौटते समय आरोपी ने पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली और कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
पुलिस का दावा है कि अचानक हुई फायरिंग से बचने के लिए पुलिसकर्मियों ने सुरक्षित स्थान की आड़ ली और इसके बाद जवाबी कार्रवाई की। फायरिंग में प्रह्लाद दास को गोली लगी। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक वह भागने की कोशिश में पास के जलाशय की ओर भी गया था।
अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
पुलिस के अनुसार गोली लगने के बाद प्रह्लाद दास को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। उसे बोनगांव क्षेत्र के अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ में किसी पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है।
पुलिस के दावे की जांच भी होगी
मुठभेड़ को लेकर पुलिस की ओर से बताया गया है कि आरोपी ने पहले पुलिस का हथियार छीना और फायरिंग की, जिसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई। हालांकि, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार हथियार आरोपी तक कैसे पहुंचा और फायरिंग से पहले तथा बाद में घटनाक्रम किस तरह हुआ, इसकी परिस्थितियों की जांच की जाएगी।
इस पहलू की जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि आरोपी पुलिस हिरासत में था और उसे घटना के पुनर्निर्माण के लिए पुलिस टीम मौके पर लेकर गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले अन्य साक्ष्य से मुठभेड़ की परिस्थितियों पर आगे स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
छात्रा की मौत से इलाके में आक्रोश
छात्रा का शव मिलने के बाद से ही गायघाटा क्षेत्र में घटना को लेकर तनाव और आक्रोश का माहौल बताया गया। पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए घटनास्थल से फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए हैं। छात्रा के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड की निगरानी में कराने और प्रक्रिया की वीडियोग्राफी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी थीं कि घटना में आरोपी के अलावा कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
चार महीने में ऐसा दूसरा मामला
गायघाटा की घटना ने पश्चिम बंगाल में हाल में सामने आए एक अन्य पुलिस मुठभेड़ मामले की भी याद दिलाई है। रिपोर्टों के मुताबिक पिछले कुछ महीनों में दुष्कर्म और हत्या के आरोपी की पुलिस मुठभेड़ में मौत का यह दूसरा मामला है। इससे पुलिस कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को लेकर भी राजनीतिक तथा सार्वजनिक बहस तेज होने की संभावना है।
फिलहाल गायघाटा मामले में छात्रा की मौत से जुड़े मूल अपराध की जांच और आरोपी की पुलिस मुठभेड़ में मौत-दोनों पहलू महत्वपूर्ण हैं। पुलिस के दावे, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की तस्वीर स्पष्ट होगी।



