तिब्बती समाज की आवाज बना भारत तिब्बत सहयोग मंच

देहरादून। भारत तिब्बत सहयोग मंच के गठन के समय से ही मंच तिब्बत को मुक्ति दिलाने के लिए और तिब्बती समाज के सहयोग के लिए प्रयत्नशील है। आज से 19 साल पहले 1999 में तिब्बती समाज के पांच छह लोग और भारतीय समाज से 10 से 11 लोग मिलकर इस मंच की रचना की।

बौद्ध गुरु दलाई लामा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पूर्व सरसंघ चालक सुदर्शन के आशीर्वाद, इंद्रेश कुमार के मार्गदर्शन तथा डॉ कुलदीप चंद अग्निहोत्री के संरक्षण में बनाया गया यह मंच तिब्बती समाज की आवाज बना हुआ है। उनके आंदोलन को काफी हद तक विश्व पटल पर लाने में सफल रहा है।

मंच के राष्ट्रीय महामंत्री पंकज गोयल ने उत्तराखंड के देहरादून में तिब्बत समाज के लोगों से मुलाकात के दौरान मंच के किए जा रहे प्रयास साझा किए। गोयल तिब्बती शरणार्थी कॉलोनी क्लेमेंट टाउन में स्थित बौद्ध मठ और मंदिरों में गए। तिब्बती महिला दल की अध्यक्ष सोनम तथा सदसयों ने उनका अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। तिब्बती समाज और तिब्बती मार्केट से जुडे लोगों की समस्याएं सुनीं।

उन्होंने कहा कि तिब्बत को आजाद कराने की बात हो या कैलाश मानसरोवर की मुक्ति की बात को भारत तिब्बत सहयोग मंच ने हर स्तर पर प्रमुखता से उठाया है। मंच ने देश के सभी प्रांतों में अपनी टीम बना ली है तथा हर जिले और तहसील स्तर तक उपस्थिति का प्रयास जारी है।

भारत तिब्बत सहयोग मंच तिब्बत की आजादी के साथ तिब्बती समाज के लोगों को मुख्य धारा से जोडने में भी सहयोग करता है। उनकी समस्याओं के बारे में भी बात करता है। मंच तिब्बत की निर्वासित सरकार के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर उनकी समस्याओं को सरकार और समाज के समक्ष रखकर हर कराने का प्रयास करता है। तिब्बती समाज की समस्याएं जेसे की तिब्बती मार्केट की समस्या, तिब्बती समाज और भारतीय समाज के बीच सामंजस्य बनाने का कार्य मंच कर रहा है।

गोयल ने कहाकि तिब्बत और भारत के बीच संबंध अनादि काल से चले आ रहे हैं। 1962 के युद्ध के बाद तिब्बत और भारत के बीच बार्डर पर होने वाले व्यापारिक संबंध पूर्णत: बंद हो गए हैं। अब मंच इस साल को संकल्प वर्षै के रूप में तिब्बत कैलाश मानसरोवर मुक्ति संकल्प वर्ष मना रहा है। देश के सभी लोगों की भावनाओं को संकल्प पत्र के रूप में भरवाकर राष्ट्रपति को सौंपा जाएगा।

कार्यक्रम में तिब्बत सेटलमेंट, क्लेमेंट टाउन के महामंत्री उज्ञान जिग्मे भी मौजूद रहे। भारत तिब्बत सहयोग मंच उत्तराखंड के प्रांत महामंत्री इंद्रपालसिंह कोहली, महिला विभाग की अध्यक्ष शारदा गुप्ता, महामंत्री मधु जैन, देहरादून महानगर के जिलाध्यक्ष गिरीराज उनियाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रविन्द्र पडियार, उपाध्यक्ष जमुना प्रसाद डंगवाल, कांता सिंह भंडारी, कुंदन बिष्ट, पंकज जदली, मीडिया प्रभारी दीपक गुसाई, प्रदीप खंडूरी समेत कई गणमान्य मौजूद रहे।