राजस्थान की राजनीतिक संस्कृति के नवनिर्माण के लिए भारत वाहिनी का गठन

bharat vahini party ceremony at birla auditorium in jaipur

— भारत वाहिनी का लोकार्पण समारोह व प्रथम प्रदेश प्रतिनिधि सम्मेलन
— घनश्याम तिवाड़ी ने रखा राजस्थान नवनिर्माण का एजेंडा
— विधानसभा में सत्तापक्ष को देखकर ऐसा लगता है मानो कर्फ्यू लगा हुआ हो
— नींव के पत्थरों को उखाड़कर फेंका जा रहा हो तो क्या इमारत बुलंद रह पाएगी?
जयपुर। भारत वाहिनी पार्टी का प्रथम प्रदेश पदाधिकारी सम्मेलन व पार्टी का लोकार्पण समारोह मंगलवार को बिड़ला सभागार में आयोजित किया गया। भाजपा से रूठ कर अगल हुए विधायक घनश्याम तिवाडी की छत्रछाया में पनपी इस नगठित भारत वाहिनी पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव में तीसरी ताकत के रूप में देखा रहा है।

पार्टी के सम्मेलन की शुरुआत प्रदेश के वरिष्ठ नेता तिवाड़ी, पूर्व विधायक डा. मूलसिंह, नारायण राम बेड़ा, गुलाब सिंह राजपुरोहित, डा. भंवरलाल राजपुरोहित के अतिरिक्त पीएन रछोया, शिव कुमार सैनी, अशोक यादव, छोटूलाल कुमावत और महेंद्र मीणा ने अरविंद और श्रीमां की तस्वीर के आगे दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

समारोह के दौरान सवग्सम्मति से घनश्याम तिवाड़ी को पार्टी का प्रदेशाध्यक्ष मनोनीत किया गया। पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर तिवाडी ने अपने अध्यक्षीय भाषण में वाहिनी के माध्यम से राजस्थान नवनिर्माण एजेंडा रखा। प्रदेश के सभी जिलों से उपस्थित वाहिनी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, ज़िला व 200 विधानसभा क्षेत्रों के अध्यक्षों को मंच पर बुलाकर वाहिनी की जयपुर शाखा के पदाधिकारियों ने शॉल भेंट कर सम्मान किया।

संस्थापक पदाधिकारियों का मंच पर सम्मान

घनश्याम तिवाड़ी ने भारत वाहिनी पार्टी के संस्थापक पदाधिकारियों अखिलेश तिवाड़ी (अध्यक्ष), प्रभुनारायण कुमावत (उपाध्यक्ष), अशोक यादव (महामंत्री) और रामस्वरूप खंडेलवाल (कोषाध्यक्ष) का सम्मान किया। तिवाड़ी ने कहा कि हमें विश्वास है कि चारों पदाधिकारी प्रदेश और देश में संगठन विस्तार के लिए कार्य करते हुए अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन अच्छी तरह से करते रहेंगे।

दीनदयाल वाहिनी का भारत वाहिनी में विलय

वरिष्ठ पदाधिकारियों ने दीनदयाल वाहिनी का भारत वाहिनी में समावेश का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास करवाने के लिए विमल अग्रवाल ने सभी उपस्थित प्रतिनिधियों से हाथ खड़े करवा कर समर्थन मांगा। जिस पर प्रदेश की सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों से उपस्थित प्रतिनिधियों ने हाथ उठाकर दीनदयाल वाहिनी का भारत वाहिनी पार्टी में समावेश को समर्थन दिया।

‘राजस्थान नवनिर्माण एजेंडा’ तथा ‘संविधान’ पुस्तिकाओं का विमोचन

प्रदेश में राजनीतिक दशा-दिशा को सुधारने के उद्देश्य से बने नए राजनीतिक दल भारत वाहिनी पार्टी के लोकार्पण समारोह में ‘राजस्थान नवनिर्माण एजेंडा’ तथा ‘संविधान’ पुस्तिका का विमोचन किया गया। घनश्याम तिवाड़ी ने बताया कि इस पुस्तक में भारत वाहिनी पार्टी का विजन बताया गया है साथ ही राजस्थान को बीमारू राज्य से एक वि​कसित राज्य की श्रेणी में लाने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया है।

पुस्तकों को कार्यक्रम के पश्चात कार्यकर्ताओं के बीच वितरित किया गया। पुस्तक विमोचन के दौरान मंच पर वाहिनी के प्रभुनारायण कुमावत, अशोक यादव, रामस्वरूप खंडेलवाल, डा. मूल सिंह (पूर्व विधायक), नारायण सिंह बेड़ा (पूर्व विधायक), गुलाब सिंह राजपुरोहित (पूर्व विधायक), डा. भंवरलाल राजपुरोहित (पूर्व विधायक), गिरधारी तिवाड़ी समेत प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे।

संगठन की वर्तमान स्थिति अखिलेश तिवाड़ी

भारत वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ​अखिलेश तिवाड़ी ने वाहिनी की संगठनात्मक प्रगति, संविधान व संरचना का विवरण दिया। अखिलेश ने बताया कि प्रदेश की सभी 200 विधानसभाओं में वाहिनी का कार्य मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 33 जिलों को हमने संगठनात्मक दृष्टि से 39 जिलों में बांटकर जिला और मंडल स्तर पर कार्यकारिणी का गठन किया।

उन्होंने पार्टी के झंडे के बारे में बताते हुए कहा कि पार्टी के झंडों में पांच रंगों को शामिल किया गया है। जिसमें नीला स्वतंत्रता, सफेद समानता, लाल बंधुत्व, भगवा आध्यात्मिक प्रगति और हरा समृद्धि का प्रतीक है।