राज्य स्तरीय सिन्धी भाषा स्वर्ण जयंती वर्ष समापन पर होगा सिन्धु महाकुम्भ

जयपुर। भारतीय सिन्धु सभा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की जयपुर में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि सिन्धी भाषा मान्यता के स्वर्ण जयंती वर्ष के समापन पर अप्रेल माह में राज्य स्तरीय सिन्धु महाकुम्भ का आयोजन जयपुर में किया जाएगा।

अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष लेखराज माधू ने की। मार्गदर्शक कैलाशचन्द शर्मा ने कहा कि हमने लक्ष्य तय किया है और उसकी प्राप्ति के लिए मिलकर प्रयास कर सफल होंगे। कार्यकर्ता समय शक्ति लगाकर युवा पीढी को अपने विचार से जोडकर इस सिन्धु महाकुम्भ के लिए पूरे सिन्धी समाज को एकजुट करेगा।

हमारी पवित्र भूमि के प्रति अटूट लगन है और कार्य को सशस्वी बना सकें ऐसा मिलकर प्रयास करें। प्रदेश संगठन महामंत्री मोहनलाल वाधवाणी ने कहा कि इस सम्मेलन में परिवार सहित सम्मिलित होंगे जिसमें सिन्धी भाषा, सभ्यता, संस्कृति के कार्यक्रम, विशाल प्रदर्शनी के साथ केन्द्रीय पदाधिकारियों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

महाकुम्भ संत, महात्माओं, पूज्य सिन्धी पंचायतों, युवा व महिला शक्ति को जोडकर किया जाएगा। प्रदेश महामंत्री महेन्द्र कुमार तीर्थाणी ने बताया कि बैठक में प्रदेश कार्यकारिणी पदाधिकारी, केन्द्रीय प्रतिनिधि सभा के सदस्य, संभाग प्रभारी, जिलाध्यक्ष, जिलामंत्री सहित नगर अध्यक्ष व मंत्री भी सम्मिलित हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता, सिन्ध व ईष्टदेव झूलेलाल के चित्र पर दीप प्रज्जवलन व माल्यार्पण से किया गया। स्वागत भाषण हीरालाल तोलाणी व गीत मोहन कोटवाणी द्वारा प्रस्तुत किए गए। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नवलराय बच्चाणी व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जयपुर प्रान्त प्रचार प्रमुख मनोज ने कहा कि सभा के कार्यकर्ताओं द्वारा निरंतर सक्रियता से ही राज्यभर की प्रत्येक तहसील पर कार्य विस्तार हुआ है।

सत्र में अजमेर के महेश टेकचंदाणी, अलवर के गिरधारी ज्ञानाणी, जोधपुर के डॉ. प्रदीप गेहाणी, श्रीगंगानगर के घनष्याम हरवाणी, भीलवाडा के वीरूमल पुरसवाणी,विद्याधर नगर के डा. कैलाशा शिवलाणी कवंरनगर के कमल राजवाणी, मानसरोवर के नंदलाल लालवाणी, वैशाली नगर के याम चांदवाणी, झालावा के गोपालदास माधवाणी, मोहनलाल आलवाणी ने संगठन की गतिविधियों का वृत प्रस्तुत किया।

आगामी वर्ष को संगठन वर्ष के रूप में आयोजन -बैठक में अलग अलग सत्रों में आगामी कार्यक्रमों का वार्षिक कलण्डर, संगठन की गतिविधियों की चर्चा की गई जिसमें तय किया गया कि आगामी वर्ष 2018-19 को संगठन वर्ष के रूप में कार्य किया जाएगा।

अलग अलग सत्रों में केन्द्रीय कार्यसमिति सदस्य तेजभान शर्मा, डॉ. वासुदेव केसवाणी, अशोक रावताणी, चेतन पेसवाणी, मोहन तुलस्यिाणी, निर्मल लखवाणी, नवलकिशोर गुरनाणी ने विचार प्रकट किए व 22वीं सिन्धु दर्शन तीर्थयात्रा का आयोजन 23 से 26 जून को लेह लद्धाख में आयोजन की भी जानकारी दी गई। सामूहिक राष्ट्रगान से बैठक का समापन किया गया।