सदियों का इंतजार खत्म, आ गई राम मंदिर निर्माण की शुभ घड़ी

अयोध्या। आस्था और उत्साह में सराबोर रामभक्तों का सदियों पुराना सपना बुधवार को साकार होने जा रहा है जब शंखनाद और घंटा घड़ियाल की ध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पौराणिक नगरी अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भव्य राम मंदिर का भूमि पूजन करेंगे।

भाद्रपद में शुक्ल पक्ष की द्वितीया काे अयोध्या नरेश दशरथ के महल में भगवान विष्णु के अवतार श्रीराम ने मां कौशाल्या के गर्भ से जन्म लिया था। बुधवार को भूमि पूजन का माह तिथि श्रीराम के जन्म के समय की होगी जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भव्य राम मंदिर का भूमि पूजन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच करेंगे और इसी के साथ 500 वर्षो के लंबे इंतजार के बाद राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा। मंदिर का यथार्थ स्वरूप देने में शिल्पकारों को करीब ढाई वर्ष का समय लगने की संभावना है।

इस ऐतिहासिक घड़ी के लिए अयोध्या नगरी सज-संवर कर तैयार हो गई है। बाईपास राम पैड़ी से लेकर पूरे नगर को रंग बिरंगी झालरों और भगवा झण्डे से सजाया गया है, जिसकी शोभा देखती ही बन रही है। समूचे पौराणिक नगर को शुभ के प्रतीक पीले रंग से रंगा गया है। दीवारों पर रामायण कालीन चित्र उकेरे गए हैं जो त्रेता युग को अदभुद वर्णन कर रहे हैं। अयोध्या में चहुंओर रामनाम की धुन बज रही है। अनेकाे स्थान पर अखंड रामचरित मानस का पाठ चल रहा है।

श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगमन को लेकर रामनगरी में काफी उत्साह है। चारों ओर इस खुशी में दीपक जलाए जा रहे हैं। जगह-जगह अनुष्ठान चल रहा है। हर कोई इस खुशी के पल में शामिल होना चाहता है।

अयोध्या और फैजाबाद के दोनों शहरों में लाउडस्पीकर लगाए गए हैं जिससे जन्मभूमि पर भूमि पूजन की आवाजें हर व्यक्ति के कान में गूंजती रहें। शहर में जगह-जगह पर लड्डू बनाए जा रहे हैं। भूमि पूजन के बाद इस लड्डू को पूरे देश में बांटा जाएगा। लोगों में इतनी खुशी है कि अपने-अपने घरों में राम महोत्सव के पर्व पर दीपावली भी मना रहे हैं।

मोदी बुधवार सुबह विशेष विमान ने यहां 11:30 बजे कामता सुंदरलाल साकेत महाविद्यालय में बने अस्थायी हेलीपैड पर उतरेंगे और 1140 पर प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचकर पूजा करेंगे। दस मिनट पूजा करने के बाद 1200 बजे सीधे रामजन्मभूमि परिसर पहुंचेंगे जहां अस्थायी मंदिर में विराजमान रामलला का दर्शन-पूजन करेंगे।

सवा 12 बजे वह रामजन्मभूमि परिसर में पारिजात के पौधे का रोपण करेंगे जिसके बाद भूमि पूजन कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा। इसके बाद 12:40 पर प्रधानमंत्री मंदिर की आधारशिला रखी जाएगी। मोदी दो बजकर पांच मिनट पर पुन: साकेत कालेज में हेलीकाप्टर के लिए प्रस्थान करेंगे जहां पर वह 1420 पर लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे।

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए अयोध्या की सीमाओं को सील कर दिया गया है। लोकल आईडी दिखाकर स्थानीय लोगों को शहर में प्रवेश दिया जा रहा है। बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक है। अयोध्या में व्यवस्था बहुत चाक-चौबंद है जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता।

प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात हैं। आरएएफ के जवान लगातार गश्त दे रहे हैं। खुफिया विभाग और डाग स्कवायड की टीमें नजरें बनाए हुए है। रामनगरी में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं जिससे किसी अनहोनी घटना से निपटा जा सके।

साकेत महाविद्यालय से लेकर हनुमानगढ़ी के दोनों तरफ बैरीकेटिंग कर दी गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगमन को लेकर प्रशासन इसमें कोई कोताही नहीं बरतना चाहता। अयोध्या की पूरी सुरक्षा व्यवस्था एसपीजी के हवाले हो गई है। बुधवार को हनुमानगढ़ी और रामजन्मभूमि की ओर कोई नहीं जा पाएगा।

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चम्पत राय ने बताया कि राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित 175 गणमान्य लोग शामिल होंगे। इनमें 36 परम्पराओं के 135 संत-धर्माचार्य रहेंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में नेपाल के जनकपुर के महंत को भी आमंत्रित किया गया है। जनकपुर भगवान राम का ससुराल है इसलिए माता सीता के कारण अयोध्या और जनकपुर का बहुत पुराना सम्बन्ध है।

उन्होंने बताया कि मंच पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं मणिराम दास छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे।

राय ने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी का प्रकोप ज्यादा है इसलिए पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी व पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह भूमि पूजन में नहीं सम्मिलित होंगे। उन्होंने कहा कि इनसे मेरी बातचीत हो गई है क्योंकि इस समय वैश्विक महामारी का प्रकोप ज्यादा है और यह लोग नब्बे वर्ष की आयु से अधिक हैं, कार्यक्रम में नहीं शामिल होंगे।

महासचिव ने बताया कि बाबरी मस्जिद के मुद्दई रहे इकबाल अंसारी और शहीद कारसेवकों राजेन्द्र धरिकार, वासुदेव गुप्ता, रमेश पांडेय, रामअचल गुप्ता व कोठारी बंधुओं के परिजनों को भी कार्यक्रम में बुलाया गया है। महामंत्री ने बताया कि पद्मश्री मोहम्मद शरीफ कार्यक्रम में सम्मिलित रहेंगे जो अब तक दस हजार से ज्यादा लावारिश लाशों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं और इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी ने इन्हें पद्मश्री सम्मान दिया था।

भूमि-पूजन के आमंत्रण पर सिक्योरिटी कोड अंकित है वह केवल एक बार ही काम करेगा। यदि आमंत्रित हुआ व्यक्ति कार्यक्रम स्थल से बाहर निकल जाता है तो उसे प्रवेश नहीं मिलेगा क्योंकि यह दुबारा काम नहीं करेगा।

उन्होंने बताया कि निमंत्रण कार्ड केवल एक व्यक्ति के लिए है। जिनके नाम से कार्ड दिया गया है वही व्यक्ति पूजन स्थल पर जा पाएगा। आमंत्रित लोगों के लिए किसी भी प्रकार का वाहन पास जारी नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि राम मंदिर पर डाक टिकट का लोकार्पण भी करेंगे।

ट्रस्ट के महामंत्री ने कहा कि लोगों की राम मंदिर के प्रति बहुत आस्था है। देश के डेढ़ हजार से अधिक पवित्र और ऐतिहासिक स्थानों से मिट्टी आ चुकी है। दो हजार से अधिक जगहों, सौ से अधिक नदियों व सैकड़ों कुंडों का जल रामभक्तों द्वारा लाया गया है। यहां तक कि श्रीलंका के समुद्र से भी जल लाया गया है। यह सब भूमि पूजन के दिन डाले जाएंगे। कांची पीठाधीश्वर शंकराचार्य विजयेन्द्र सरस्वती ने पंचधातु से बना कमलपुष्प भेजा है जो पूजा के दौरान काम आएगा।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नौ छोटी शिलाओं का पूजन करेंगे। बहुत दूर-दूर से लोग मंदिर के लिए दान दे रहे हैं जिनमें प्रसिद्ध कथावाचक मुरारी बापू ने 18 करोड़ 61 लाख रुपए देने की घोषणा की है। भगवान राम राष्ट्र के ही नहीं मानवता के भी जीवन आदर्श हैं। राम मंदिर पूरे समाज को जोडऩे का काम करेगा।

राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर रामजन्मभूमि परिसर में सोमवार से ही तीन दिवसीय अनुष्ठान का शुभारम्भ हो चुका है। अनुष्ठान के प्रथम दिन प्रात: काल 21 वैदिकों द्वारा वैदिक रीति से गौरी-गणेश का पूजन सम्पन्न कराया गया। नौ शिला प्रस्तर की भी पूजा हुई। मुख्य यजमान महेश भागचन्द्र रहे जिन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ रुपए देने की घोषणा की है।

इसके अलावा भगवान राम की कुलदेवी बड़ी और छोटी देवकाली मंदिर में भी ट्रस्ट के अध्यक्ष अयोध्या राजा विमलेन्द्र मोहन प्रताप मिश्र ने विशेष पूजा-अर्चना कराई। दूसरे दिन मंगलवार की सुबह प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर में हनुमान जी के निशान व ध्वजा पताका की पूजा की गई। अच्छे काम में बजरंग बली के निशान को शुभ माना जाता है। रामलला के स्थायी मंदिर में रामानन्द दास द्वारा रामार्चा पूजा सम्पन्न कराई गई।

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव ने कहा कि पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भूमि पूजन सम्पन्न होगा जिसमें काशी, प्रयाग, दिल्ली और अयोध्या के वैदिक द्वारा पूजन कराया जाएगा। इस दिन के यजमान विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष स्व. अशोक सिंहल के भतीजे सलिल सिंहल होंगे।

राय ने कहा कि विगत 18 अप्रैल से ठीक रामलला के गर्भगृह पर स्थान व वास्तु देवता समेत अन्य देवताओं का आहवान प्रारंभ कराया। 108 दिन से वहां पर निरन्तर स्थान देवता के प्रसन्न होने की पूजा चल रही है। भगवान राम के एक हजार नामों से आहुतियां दी गईं।

हनुमानजी का एक हजार नाम जप हुआ। साथ ही गुप्त नवरात्र पर दुर्गा सप्तशती का परायण किया गया। तीन अगस्त को एक सौ आठ दिन पूरे होने पर गणेश पूजन हुआ जो समस्त विघ्नों को हरते हैं। शुभ काम में सर्वप्रथम भगवान गणेश की पूजा होती है, जिससे समस्त कार्य बिना किसी बाधा के पूर्ण हो जाए।