सिरोही : नगर परिषद की बड़ी अनियमितता, उच्च न्यायालय की अवमानना

सिरोही नगर परिषद के कुम्हारवाड़ा क्षेत्र में राजस्थान हाईकोर्ट के निर्णय के बाद भी आवासीय क्षेत्र में संचालित अवैध व्यावसायिक निर्माण गतिविधयां।
सिरोही नगर परिषद के कुम्हारवाड़ा क्षेत्र में राजस्थान हाईकोर्ट के निर्णय के बाद भी आवासीय क्षेत्र में संचालित अवैध व्यावसायिक निर्माण गतिविधयां।

परीक्षित मिश्रा

सबगुरु न्युज-सिरोही। नगर परिषद क्षेत्र में राजस्थान उच्च न्यायालय में गुलाब कोठारी व अन्य प्रकरण में मास्टर प्लान की पालना करने के आदेश की अवमानना करते हुए नगर परिषद अधिकारियों व बोर्ड ने सबसे बड़ी अनियमितता को पंख लगा दिए हैं।

नगर परिषद प्रशासन ने सिरोही शहर के 2030 के मास्टर प्लान के अनुसार निर्धारित रिहायशी क्षेत्रों को व्यावसायिक क्षेत्रों में तब्दील करके न्यायालय की अवमानना के साथ अनियमितताएं भी की हैं। इस संबंध में सिरोही नगर परिषद आयुक्त से संपर्क साधने का प्रयास किया, लेकिन उनका मोबाइल नम्बर स्विच आॅफ था।
-उच्च घनत्व आवासीय क्षेत्र बना व्यावसायिक
सिरोही के मास्टर प्लान 2011 और मास्टर प्लान 2031 में सिरोही नगर परिषद में उच्च घनत्व का रिहायशी क्षेत्र घोषित किया गया है। उन क्षेत्रों में दुकानें और काॅम्पलेक्सेस बनवा दिए गए हैं। इस पर नगर रखने की जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के निरीक्षक, पार्षद और नगर परिषद से जुडे हर लोकसेवक की होती है, इसके बावजूद यहां धड़ल्ले से अवैध काॅमर्शियल निर्माण होते रहे।

सिरोही के मास्टर प्लान 2031 में लाल रंग की चैकड़ी में उच्च घनत्व वाला आवासीय क्षेत्र।
सिरोही के मास्टर प्लान 2031में लाल रंग की चैकड़ी में उच्च घनत्व वाला आवासीय क्षेत्र।

-मास्टर प्लान में नहीं तो भू-उपयोग परिवर्तन कैसे
सिरोही नगर परिषद क्षेत्र में पूरे कुम्हारवाड़ा, राजमाता धर्मशाला रोड, पुरानी राजस्थान बैंक गली, शाहजी की बाड़ी और नगर परिषद के इर्दगिर्द के इलाके उच्च घनत्व वाले आवासीय क्षेत्र हैं। इसे मास्टर प्लान में आर 2 से चिन्हित किया हुआ है। इन क्षेत्र की यह स्थिति 2011 और 2031 दोनों के मास्टर प्लान में है।

ऐसे में मास्टर प्लान के विपरीत इन क्षेत्रों में भूमि का आवासीय से व्यावसायिक भू-उपयोग परिवर्तन हो ही नहीं सकता है। यदि व्यावसायिक भू-उपयोग परिवर्तन नहीं हुआ तो फिर इन जगहों पर व्यावसायिक निर्माण अवैध और न्यायालय के आदेशों की अवमानना है।
-भवन निर्माण समिति और अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध
मास्टर प्लान के विपरीत नगर परिषद कार्यालय की की दीवारों से सटे इलाकों में ही आवासीय भवनों को व्यावसायिक रूप दे दिया गया है। इसके बाद भी सिरोही नगर परिषद के अधिकारियों, बोर्ड के सदस्यों, भवन निर्माण समिति सदस्यों और निरीक्षक की नजर इस पर नहीं पड़ी हो यह असंभव है।

कुम्हारवाड़ा, शाहजी की बाड़ी आदि इलाके ऐेसे इलाके हैं जहां से निकले बिना कोई नगर परिषद पहुंच नहीं सकता। इसके बावजूद इस स्तर पर अवैध व्यावसायिक निर्माण न्यायालय को आंखे दिखाने से ज्यादा कुछ नहीं है। स्थिति यह है कि सबसे ज्यादा अवैध काॅमर्शियल निर्माण भाजपा पार्षदों के वार्डों में हो रहे हैं और भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष समेत 6 (मगन मीणा अध्यक्ष, शंकरसिंह परिहार, नैनाराम माली, अमिया माली, प्रकाश कुंवर, जितेन्द्र खत्री) में से 5 सदस्य भाजपा के ही हैं।

इसके बाद भी यह लोग अपने क्षेत्रों में हो रहे अवैध व्यावसायिक निर्माणों की अनदेखी कर रहे हैं। जबकि नगर पालिका अधिनियम के अनुसार ऐसा करना भी लोकसेवकों की आचार संहिता के विपरीत है, जिससे इनकी सदस्यता समाप्त करने का एक ग्राउण्ड बनता है।
-ये लिखा है मास्टर प्लान में
सिरोही के मास्टर प्लान 2031 के बिंदु संख्या 2.6(2) में सिरेाही शहर में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों का उल्लेख है। इसमें लिखा है कि सिरोही शहर की मुख्य व्यावसायिक गतिििवधयों में सदर बाजार, राजमाता धर्मशाला मार्ग व सरजावाव रोड पर संचालित हैं। शहर की भीतरी सडकों की कम चैड़ाई के कारण यहां बहुत ही भीड़-भाड़ रहती है तथा आवागमन अवरूद्ध होने की समस्या रहती है।

कम जगह के कारण यहां व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार की संभावना नहीं है। आवासीय क्षेत्रों में सुव्यवस्थित व्यावसायिक केन्द्र के अभाव मंे अनियंत्रित व अनाधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। इसके बावजूद शहर में संकड़ी गलियों वाले आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक निर्माण करवाए जा रहे हैं।
-इनका कहना है….
हमने सिरोही शहर के कुम्हारवाड़ा, राजमाता धर्मशाला मार्ग, शाहजी की बाड़ी आदि क्षेत्र में कोई भी व्यावसायिक निर्माण की अनुमति नहीं दी है। सरियादेवी मंदिर के पास के व्यावसायिक अनुमति की पत्रावली आई थी, इसे रोक दिया गया है।
जितेन्द्र खत्री
सदस्य, भवन निर्माण समिति, सिरोही।