बिहार : हत्या के विभिन्न मामलों में महिला समेत आठ को उम्रकैद

पटना। बिहार की विभिन्न जिला एवं सत्र अदालतों ने हत्या से जुड़े अलग-अलग मामलों में महिला समेत आठ आरोपितों को शुक्रवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

राज्य में बेगूसराय जिले की एक सत्र अदालत ने हत्या के मामले में चार लोगों को आजीवन कारावास की सजा के साथ पच्चीस-पच्चीस हजार रुपए का जुर्माना किया।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम राज किशोर राय ने यहां मामले में सुनवाई के बाद मंटुन चौधरी की हत्या के आरोप में विनोद चौधरी, सरोज चौधरी, धमेन्द्र उर्फ धारो और संजीत को भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं में दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना भी किया।

उल्लेखनीय है कि दोषियों ने वर्ष 2014 में जिले के फुलवरिया थाना क्षेत्र के सोकहाड़ा गांव निवासी मंटून चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस सिलसिले में मृतक के परिजनों ने संबंधित थाना में एक नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

इसी अदालत ने नवीन महतो की हत्या के मामले में आरोपित रामाधार पासवान और रंजीत पासवान को भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई। अदालत ने दोषियों पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी किया। दोषियों ने 28 जनवरी 2012 में जिले के नावकोठी थाना क्षेत्र के समसा गांव निवासी नवीन महतो की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

छपरा से प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार में सारण जिले की एक अदालत ने कर्ज की अदायगी करने गए युवक की जहर खिला कर हत्या करने के मामले में एक महिला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (षष्टम) अंजनी कुमार सिंह ने दिघवारा थाना कांड संख्या 11/08 के सत्रवाद 692/09 में सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए दिघवारा थाना क्षेत्र के फरहदा निवासी सलमा परवीन उर्फ सलमा खातून को भारतीय दंड विधान की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और तीन हजार रुपए जुर्माना तथा धारा 328 के तहत पांच वर्ष सश्रम कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने जुर्माना नहीं देने पर दोषी को दो माह अतिरिक्त सजा का आदेश दिया है।

उल्लेखनीय है कि जिले के मकेर थाना क्षेत्र के नन्दन कौतुका निवासी मोहम्मद खालिक ने 25 जनवरी 2008 को दिघवारा थाना में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमे उसने इसी थाना के फरहदा निवासी सलमा खातून को आरोपी बनाया था।

प्राथमिकी में कहा गया था कि सलमा ने अपने भाई को विदेश भेजने के लिए उसके भगिना मधुबनी के लौकही निवासी मोहम्मद जलील उर्फ बबलू से 70 हजार रुपए कर्ज लिया था। रुपए को मांगने बबलू दिल्ली से सीधे सलमा के घर गया था जहां उसकी जहर खिलाकर हत्या कर दी गई।

उधर, सीवान के जिला एवं सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने रविन्द्र सिंह की हत्या के आरोप में मोहन सिंह को सश्रम आजीवन कारावास और पांच हजार रुपए का जुर्मना किया है।

आरोप के अनुसार जिले के बड़हरिया थाने के मालिक टोला गांव में 1 जून 2015 के रास्ते को लेकर हुए विवाद में रविन्द्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में गांव के ही मोहन सिंह, नीरज सिंह, राजबल्लभ सिंह, ध्रुप सिंह, ओमप्रकाश सिंह, अयोध्या सिंह, मालती देवी और सुनीता देवी को आरोपित बनाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। विचारनोपरांत न्यायालय ने अभियुक्त मोहन सिंह को हत्या का दोषी ठहराया जबकि अन्य सभी आरोपियों को साक्ष्य के आभाव में बरी कर दिया।