बिहार चुनाव 2020 : तीन चरणों में होगा मतदान, गिनती 10 नवम्बर को

नई दिल्ली। बिहार विधानसभा के लिए चुनाव कोरोना महामारी के साये के बीच तीन चरणों में 28 अक्टूबर, तीन नवम्बर और और सात नवम्बर को होंगे जबकि मतगणना 10 नवम्बर को की जाएगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बहुप्रतिक्षित बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि ये चुनाव बेहद असाधारण परिस्थितियों में कराये जा रहे हैं और इन परिस्थितयों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के साथ साथ स्वास्थ्य संबंधी प्रोटोकोल के संबंध में व्यापक इंतजाम किए गए हैं। चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गयी है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा की 243 सीटों के लिए चुनाव तीन चरणों में 28 अक्टूबर, तीन नवम्बर और सात नवम्बर को होंगे। तीनों चरणों की मतगणना एक ही दिन दस नवम्बर को होगी। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण क्वारंटाइन में रहने वाले मतदाता या तो पोस्टल बैलट से मतदान कर सकते हैं या फिर वे अंतिम चरण के चुनाव के दिन अपने अपने मतदान केन्द्रों में स्वास्थ्य अधिकारियों की देख रेख में मतदान करेंगे।

अरोड़ा ने कहा कि पहले चरण के मतदान के लिए अधिसूचना एक अक्टूबर को जारी की जायेगी, नामांकन दायर करने की अंतिम तिथि 8 अक्टूबर होगी जबकि इनकी जांच 9 अक्टूबर को होगी। उम्मीवार 12 अक्टूबर तक नाम वापस ले सकेंगे और मतदान 28 अक्टूबर को होगा।

दूसरे चरण की अधिसूचना 9 अक्टूबर को की जाएगी जबकि नामांकन दायर करने की अंतिम तिथि 16 अक्टूबर होगी। नामांकन नामांकन पत्रों की जांच 17 अक्टूबर को की जाएगी, नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 19 अक्टूबर होगी तथा तीन नवम्बर को मत डाले जाएंगे।

उन्होंने कहा कि तीसरे चरण के चुनाव के लिए अधिसूचना 13 अक्टूबर को जारी की जाएगी। नामांकन पत्र 20 अक्टूबर तक दायर किए जा सकेंगे और नामांकन पत्रों की जांच 21 अक्टूबर को होगी। उम्मीदवार 23 अक्टूबर तक नाम वापस ले सकेंगे और मत सात नवम्बर को डाले जाएंगे।

अरोड़ा ने कहा कि पहले चरण में 16 जिलों में फैली 71 विधानसभा सीटों पर चुनाव होगा जिसके लिए 31 हजार मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। दूसरे चरण में 17 जिलों की 94 सीटों पर मतदान होगा जिनके लिए 42 हजार मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। तीसरे चरण में 15 जिलों की 78 विधानसभा सीटों के लिए मत डाले जाएंगे जिनके लिए 33 हजार 800 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं।

अरोड़ा ने बताया कि बिहार विधानसभा का कार्यकाल 29 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है। चुनाव आयोग केे दल ने गत 14 और 15 सितम्बर को राज्य में चुनाव कराने की स्थिति का विस्तार से आकलन किया था और इसके आधार पर ही चुनाव की रूपरेखा तैयार की गई है।

उन्होंने कहा कि विशेष परिस्थितियों को देखते हुए इस बार चुनाव केवल तीन चरण में कराए जा रहे हैं और इसके लिए एक लाख से भी अधिक मतदान केन्द्र बनाए जाएंगे। एक मतदान केन्द्र में एक हजार तक ही मतदाता मतदान कर सकेंगे इससे पहले यह संख्या 1500 तक थी।

उन्होंने कहा कि इस बार मतदान के समय में एक घंटे की बढोतरी की गई है और मतदान सुबह सात बजे शुरू होकर शाम छह बजे तक होगा। पहले यह समय सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक था। उन्होंने कहा कि राज्य के सात करोड़ 20 लाख मतदाताओं के लिए इस बार कोरोना महामारी को देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। चुनाव के लिए सात लाख सेनेटाइजर, छह लाख पीपीई किट, 23 लाख जोड़े दस्ताने और 46 लाख मास्क की व्यवस्था की गई है।

मतदान करने वाले हर मतदाता को दस्ताना दिया जाएगा। उम्मीदवारों को सुविधा देते हुए ऑफलाइन के साथ साथ ऑनलाइन नामांकन दायरे करने की व्यवस्था की गई है। उम्मीदवार जमानत राशि भी ऑनलाइन जमा करा सकते हैं।

कोरोना महामारी के चलते इस बारे उम्मीदवार के साथ केवल दो व्यक्ति जा सकते हैं। उम्मीदवारों को नामांकन करने के लिए जाते समय भी दो से अधिक वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। घर-घर प्रचार के समय भी पांच से अधिक लोगों को एकत्र नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण ‘नई सामान्य’ परिस्थितियों में यह दुनिया में सबसे बड़ा चुनाव है जिसके लिए हर पहलू को ध्यान में रखकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। कोरोना को देखते हुए अब तक 70 देशों में चुनाव स्थगित किए जा चुके हैं।

चुनाव प्रक्रिया के दौरान केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय के सभी प्रोटोकाल का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। सोशल मीडिया का दुरूपयोग करने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के प्रावधान किए गए हैं।