शहीद के घर चला जाता, तो क्या वह जिंदा हो जाते? : नीतीश के मंत्री

Bihar Minister Vinod Singh's Shocking Justification For Not Attending Martyrs's Last Rites
Bihar Minister Vinod Singh’s Shocking Justification For Not Attending Martyrs’s Last Rites

पटना। बिहार सरकार में भाजपा कोटे से मंत्री विनोद सिंह को जम्मू एवं कश्मीर के श्रीनगर के करन नगर में शहीद हुए अपने राज्य के जांबाज मुजाहिद खान को उनके परिजनों से मिलने और अंतिम विदाई देने की फुर्सत न निकाल पाने का जरा भी अफसोस नहीं है।

उन्होंने गुरुवार को कहा कि अगर मैं भोजपुर उनके घर चला जाता तो क्या वह जिंदा हो जाते? बिहार के पीरो के रहने वाले मुजाहिद खान श्रीनगर के करन नगर में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे। वह सीआरपीएफ की 49वीं बटालियन के जवान थे। उनका पार्थिव शरीर बुधवार को उनके पैतृक गांव लाया गया था।

नीतीश सरकार ने पांच लाख रुपए का चेक भेजा था, जिसे लेने से शहीद के परिजनों ने इनकार कर दिया था। शहीद के भाई ने कहा था कि सरकार का कोई मंत्री तो आया नहीं, कम से कम सम्मानजनक रकम तो भिजवाते, ताकि बूढ़े मां-बाप का आसानी से गुजारा हो सके।

मंत्री विनोद सिंह ने शहीद मुजाहिद खान की अंत्येष्टि में शामिल न होने पर सफाई देते हुए मीडिया से कहा कि कटिहार से पीरो की दूरी 600 किलोमीटर है। कल नहीं जा सका, आज मैं रास्ते में हूं और शहीद के परिवार से मिलने जा रहा हूं।

शहीद के अंतिम संस्कार में भाग नहीं लेने के संबंध में पूछे जाने पर भोजपुर के प्रभारी मंत्री ने कहा कि कल ही जाकर क्या फायदा होता, ऐसे वीर जवान को मैंने दिल से सैल्यूट किया है। कल जाकर हम उन्हें (मुजाहिद) जिंदा कर देते क्या?

उल्लेखनीय है कि शहीद जवान को अंतिम विदाई देने के लिए उनके गांव के अलावा आसपास के गांवों से हजारों लोग पीरो पहुंचे थे, लेकिन केंद्र या राज्य सरकार का कोई मंत्री वहां नहीं पहुंचा था।

अगस्त, 2017 में जब नीतीश कुमार ने जनादेश के विपरीत वाले अपने नए मंत्रिमंडल में भाजपा कोटे से 12 मंत्री शामिल किए थे, उस मौके पर हुए संकल्प सम्मेलन में मंत्री विनोद सिंह ने मीडियाकर्मियों से कहा था कि आप लोग भी हमारे साथ भारत माता की जय बोलिए, अन्यथा हम समझेंगे कि आप लोग भारत माता के नहीं, पाकिस्तान माता के समर्थक हैं।