रॉबर्ट वाड्रा के कार्यालय और सहयोगियों के परिसरों पर ईडी का छापा

Bikaner Land Scam : ED Raids Premises of Robert Vadra’s Close

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दमाद रॉबर्ट वाड्रा के राजधानी दिल्ली में स्थित कार्यालय और उनके करीबी सहयोगियों के बेंगलुरु स्थित परिसर पर शुक्रवार को छापेमारी की।

सूत्रों के अनुसार वर्ष 2012 में राजस्थान में बिकानेर के कोलायत में हुए भूमि सौदे के मामले में यह छापेमारी की गई है। ईडी के अधिकारियों ने राजधानी के सुखदेव विहार स्थित वाड्रा के कार्यालय में छापेमारी की। इसके साथ ही उसने बेंगलुरु में भी वाड्रा के करीब सहयोगियों के परिसरों पर भी छापा मारा।

जांच एजेंसी ने वाड्रा को इस मामले में पेश होने के सम्मन दो बार पहले ही जारी किए थे, लेकिन उनके पेश नहीं होने पर ईडी ने शुक्रवार को तीसरा सम्मन भी जारी किया। उसने सितंबर 2015 में वाड्रा की कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी के खिलाफ मनी लांड्रिंग निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया था।

ईडी का आरोप है कि वाड्रा की कंपनी ने 69.55 हेक्टेयर भूमि 72 लाख रुपए में खरीदी थी और बाद में एक कंपनी को यह भूमि 5.15 करोड़ रुपए में बेच दी थी। इस तरह इसमें कंपनी ने 4.43 कराेड़ रुपए का लाभ कमाया था।

राजनीतिक बदला है रॉबर्ट वाड्रा के परिसरों में छापे

कांग्रेस ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन नेता सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा के परिसरों पर छापों को राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई करार दिया है और आरोप लगाया है कि उनके परिजनों काे प्रताड़ित किया जा रहा है।

कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख रणदीपसिंह सुरजेवाला ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में विशेष संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि मोदी पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और वह राजनीतिक बदले के लिए सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। मोदी गुजरात मॉडल की तर्ज पर पूरे देश में शासन करने का प्रयास कर रहे हैं और उनकी सरकार में लोकतंत्र तथा संविधान को रौंदा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मोदी अब प्रधानमंत्री की बजाय एक ‘डॉन’ की भूमिका में हैं, जो अपने पद का दुरुपयोग कर अपने राजनीतिक विरोधियों से बदला लेने का काम कर रहे हैं। सीबीआई, इनकम टैक्स, ईडी अब स्वतंत्र जांच एजेंसी की भूमिका की बजाय मोदी के निजी गुलाम और राजनीतिक दलाल की तरह काम कर रहे हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि वाड्रा के खिलाफ मोदी सरकार का ‘रेड राज’ बदले और प्रतिशोध की भावना से की गई कार्रवाई है और भारतीय जनता पार्टी की सरकार पांच राज्यों में अपनी सुनिश्चित हार को देखते लोगों का ध्यान बांटने का काम कर रही है।