बिटक्वाइन लूट प्रकरण : एसपी को 8 दिन के सीआईडी रिमांड पर सौंपा

Bitcoin extortion case: Court orders 8 days remand of Amreli SP

अहमदाबाद। लगभग 12 करोड़ रूपए कीमत वाली लगभग 200 आभासी मुद्रा बिटक्वाइन के जबरन हस्तांतरण और लूट से जुड़े मामले में गिरफ्तार गुजरात के अमरेली जिले के पुलिस अधीक्षक जगदीश पटेल को मंगलवार को यहां एक अदालत में पेश किया गया जिसने उन्हें आठ दिनों यानी एक मई तक इस प्रकरण की जांच कर रही सीआईडी क्राइम की हिरासत में सौंपने की अनुमति दे दी।

सीआईडी क्राइम के डीआईजी दीपंकर त्रिवेदी ने बताया कि पटेल को यहां भ्रष्टाचार निरोधक कानून के मामले देखने वाली अदालत में पेश किया गया। आगे की पूछताछ और पड़ताल के लिए उनकी 14 दिन की हिरासत मांगी गई थी पर अदालत ने केवल आठ दिनों का रिमांड मंजूर किया।

ज्ञातव्य है कि पटेल को सोमवार को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले के पूर्व में मुख्य आरोपी रहे अमरेली पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) के इंस्पेक्टर अनंत पटेल के इस बयान कि उसने एसपी के कहने पर ही यह अपराध किया था, उन्हें पूछताछ के लिए लाया गया था और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

ज्ञातव्य है कि सूरत के बिल्डर शैलेश भट्ट ने आरोप लगाया था कि अनंत पटेल ने कई पुलिसकर्मियों के साथ मिल कर उन्हें गत 14 फरवरी को गांधीनगर से अगवा कर एक फार्म हाउस में रखा था और जबरन उनसे बिटक्वाइन का हस्तातरण करवा लिया। उन्होंने उनसे 32 करोड़ रूपए की जबरन वसूली का आरोप भी लगाया था।

इस मामले में अनंत पटेल को 19 अप्रेल को पकड़ा गया था जबकि उससे पहले दो कांस्टेबल समेत तीन लोगों को पकड़ा गया था। एसपी पटेल को तीन दिन पहले ही पूछताछ के लिए बुलाया गया था पर जब वह नहीं आए तो परसो देर रात सीआईडी क्राइम की टीम अमरेली के उनके आवास पर पहुंची और कल तड़के उन्हें यहां लाया गया।

यहां सीआईडी-क्राइम मुख्यालय में पूछताछ के दौरान अनंत और गिरफ्तार किए गए तीन अन्य आरोपी भी उपस्थित रहे थे। भट्ट ने आरोप लगाया था कि इस मामले में उनके पूर्व कारोबारी भागीदार किरीट पालडिया और कोटडिया का भी हाथ हैं।

बताया जाता है कि सीआईडी क्राइम अब यह पता लगा रही है कि बिटक्वाइन का हस्तांतरण किसके खाते में किया गया था और इस पूरी घटना के पीछे किसका हाथ था। इंस्पेक्टर अनंत पटेल को राज्य के डीजीपी शिवानंद झा ने निलंबित कर दिया है।

दूसरी ओर, पहले से इस मामले में पकड़े गए अन्य तीन आरोपियों में से दो पुलिस कांस्टेबल बाबू डेर और विजय को एक अदालत ने जमानत दे दी जबकि वकील केतन पटेल की जमानत अर्जी को आज खारिज कर दिया।

इस मामले में एक सीबीआई अधिकारी और एक आईएएस अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध बतायी जा रही है। कोटडिया से भी पूछताछ की जा सकती है। सीआईडी क्राइम ने शिकायतकर्ता भट्ट से भी एक बार फिर लंबी पूछताछ की है।

द्वारका में बालिका के साथ दुष्कर्म

गुजरात में देवभूमि द्वारका जिले के द्वारका क्षेत्र में बालिका के साथ दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कुरंगा गांव में मजूर कालोनी में बालिका के साथ सोमवार को अज्ञात व्यक्ति द्वारा दुष्कर्म करने का मामला दर्ज हुआ है। पौने चार साल की बालिका को जामनगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।