भाजपा ने की रीट परीक्षा धांधली की सीबीआई जांच की मांग

जयपुर। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी भाजपा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) धांधली मामले की केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने गुरुवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता में यह मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा को इस मामले में नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। डोटासरा के इस्तीफा नहीं देने पर गहलोत को उन्हें बर्खास्त कर देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि रीट पेपर लीक धांधली का मास्टरमाइंड बत्ती लाल मीणा कांग्रेस का रजिस्टर्ड कार्यकर्ता है, जिसकी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ फोटो सोशल मीडिया पर चल रही है और भी कांग्रेस के कई बड़े नेताओं के साथ उसके फोटो वायरल हो रहे हैं। बत्तीलाल मीणा की पृष्ठभूमि में जाएं तो डोटासरा सहित कई बड़े कांग्रेस नेताओं के साथ उसके संबंध होने की जानकारी सामने आई है।

डॉ. पूनियां ने कहा कि जब सरकार कमजोर होती है। तभी पर्चे लीक होते हैं और गहलोत सरकार की बुनियाद ही कमजोर है, इसलिए युवाओं के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है।

उन्होंने कहा कि गहलोत ने रीट परीक्षा को पारदर्शी तरीके से कराने के लिए तमाम इंतजाम, परिवहन, मुफ्त भोजन की व्यवस्था की बड़ी-बड़ी बातें कहीं, लेकिन हवाई चप्पल में ब्लूटूथ का आविष्कार गहलोत सरकार के शासन में हुआ है, जिससे रीट परीक्षा में बड़े स्तर पर धांधली हुई। लाखों परीक्षार्थियों के सपनों पर कुठाराघात हुआ, सरकार के पास कोई कार्ययोजना नहीं है, इंटरनेट भी बंद कर दिया, इसके बावजूद पेपर लीक होने से सरकार नहीं रोक पाई।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा हितों को ध्यान में रखते हुए जब इंटरनेट बंद किया जाता है, तो कांग्रेस उस पर सवाल खड़े करती है, और राजस्थान में इंटरनेट बंद करने को सही बताती है।

उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार वादाखिलाफी के लिए जानी जाती है, जिसने किसानों-युवाओं के साथ धोखा किया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वर्ष 2018 में किसानों से सम्पूर्ण किसान कर्जमाफी का वादा किया था, लेकिन आज तक पूरा नहीं किया, प्रदेश के करीब 60 लाख किसान 1.20 लाख करोड़ के कर्जमाफी के इंतजार में हैं, कई किसान आत्महत्या भी कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पेपर लीक नहीं होने की बात कह रही है, अगर पेपर लीक नहीं हुआ तो सरकार ने इतने बड़े स्तर पर अधिकारियों व कर्मचारियों को निलंबित क्यों किया।

उन्होंने कहा कि एसआई, आरएएस, जेइएन परीक्षाओं में बड़े स्तर पर घोटाले के मामले सामने आ चुके हैं। नकल रोकने में विफल गहलोत सरकार के शासनकाल में ऐसे हालात हो चुके हैं कि आरपीएससी कांग्रेस लोक सेवा आयोग बन चुका है।

डा पूनियां ने कहा कि भारतीय जनता युवा मोर्चा रीट परीक्षा मामले को लेकर प्रदेश के सभी जिलों में आंदोलन करेगा और युवाओं को न्याय नहीं मिलने तक भाजपा लगातार आंदोलन के जरिये आवाज उठाती रहेगी।

जीजा को रीट परीक्षा दिलाने के आरोप में उसका साला भी अरेस्ट

अजमेर। राजस्थान के अजमेर में आयोजित रीट परीक्षा के दौरान मूल अभ्यर्थी द्वारा अपने जीजा को परीक्षा दिलाने के आरोप में साले दिनेश कुमार को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

अजमेर पुलिस अधीक्षक जगदीश शर्मा ने बताया कि 26 सितंबर को आयोजित रीट की परीक्षा केंद्र जवाहर स्कूल सिविल लाइंस कमरा नंबर 25 के अभ्यर्थी दिनेश कुमार ने अपनी जगह अपने जीजा स्वरुपाराम को प्रथम लेवल की परीक्षा में बैठा दिया।

पुलिस ने परीक्षा के दौरान ही इस षड्यंत्र का पर्दाफाश करते हुए सांचौर (जालोर) निवासी जीजा स्वरुपाराम को गिरफ्तार कर लिया था और अनुसंधान के बाद आरोपी साले दिनेश कुमार रेवारी (29) निवासी गांव धानता पुलिस थाना सांचोर (जालोर) को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ में जुटी है।