रेवदर और मुंडारा से सिरोही आई ‘भाजपा’, ज्ञापन दिया, फिर सायोनारा

सिरोही में भाजपा के धरने को संबोधित करते जिलाध्यक्ष नारायण पुरोहित।
सिरोही में भाजपा के धरने को संबोधित करते जिलाध्यक्ष नारायण पुरोहित।

सबगुरु न्यूज-सिरोही। जनता के तारणहार शुक्रवार को रेवदर और मुंडारा से सिरोही पहुंचे। स्वेच्छा से नहीं, प्रदेश के कार्यक्रमों के लिए। बाकी रेवदर से प्रेसनोट जारी करके अब तक जनता को दुखों से तो राहत दिलवा ही रहे थे।

भाषण में अब तक कांग्रेस के भ्रष्टाचार से परेशान होने की बात कही। लेकिन, अब तक भाजपा के जिलाध्यक्ष नारायण पुरोहित और पूर्व विधायक ओटाराम देवासी सिरोही जिले के लोगों को कांग्रेस के कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनदेखी से मुक्त करवाने के लिए कुछ नहीं कर पाए। ज्ञापन और प्रेसनोट जारी करने के अलावा। एकाध पत्रकार वार्ता जरूर की थी, लेकिन वो भी तब जब पार्टी और पार्टी के पदाधिकारी का हित प्रभावित हुआ था। सिरोही के आमजन की तकलीफ के लिए नहीं।
हालात यह हैं कि चिकित्सालय की स्थिति बदतर है, जैसी उनके कार्यकाल में भी थी। प्रशासनिक अधिकारियों को ग्रीवेंस सोल्यूशन सिस्टम पूरी तरह से फेल है, जैसा उनके समय भी था। पुलिस विभाग अब तक सिरोही शहर ड्रग्स के चंगुल से आजाद नहीं करवा पाया है, जैसा ये लोग भी नहीं करवा पाए थे। लेकिन, इन विफलताओ को स्थानीय आंदोलनों से कसने की बजाय प्रदेश के निर्देशों की खानापूर्ति करने की बजाय भाजपा फिलहाल ढाई साल में कुछ नहीं कर पाई।

भाजपा का नेतृत्व जिले में कितना प्रभावशाली है इसकी बानगी सिरोही में शुक्रवार को भी देखने को मिली। सिरोही तहसील के तीन मंडलों का कार्यक्रम था, लेकिन दुनिया की इस सबसे ज्यादा कार्यकर्ताओं वाली पार्टी इतने कार्यकर्ता एकत्रित नहीं कर सकी कि सत्ता पक्ष के कान पर जूं तक रेंगा सके। इस धरने में 2013 से पहले वाली धमक पूरी तरह से नदारद थी। ऐसा नहीं है कि जिले में रामराज है। लेकिन, सत्ता पक्ष की इस नाकामी के पीछे की सबसे बड़ी वजह नकारा विपक्ष है।

-एक पूर्व पदाधिकारी ऐसे निकल गए कि पहचानते नहीं
धरने के दौरान सबसे हास्यास्पद विषय तब आया जब एक पूर्व भाजपाई धरना स्थल के पास से ऐसे निकल गए कि इन्हें पहचानते नहीं।
हुआ यूं कि ओटाराम देवासी का भाषण चल रहा था। इतने में नेहरू पार्क की तरफ से एक बुजुर्ग भाजपाई धरना स्थल के पास से होते हुए राजमाता धर्मशाला की तरफ पैदल निकले। धरना स्थल पर रुके बिना ही आगे निकल जाने पर एक निवर्तमान भाजपा पदाधिकारी ने चुटकी लेते हुए उन्हें ये तक कह दिया कि भा ये कांग्रेस का नहीं अपना धरना है, बैठिए।

लेकिन, भा थोड़ी देर में आने का कह कर सीधे निकल गए। ये हाल तब था जब धरने ओर वो नेता भी बैठे थे जिन्होंने उन्हें जिला पुलिस पर नकेल कसने के अधिकार सौंपा था। उनकी ये अदा देखकर 1977 में रिलीज अमानत फ़िल्म का वो गाना याद आ गया…
मतलब निकल गया तो पहचानते नहीं।
यूँ जा रहे हैं, जैसे हमें जानते नहीं।।

-जानिए धरने में क्या हुआ?
प्रदेश से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भाजपा जिलाध्यक्ष नारायण देवासी और पूर्व विधायक ओटाराम देवासी के नेतृत्व में भाजपा ने प्रदेश सरकार की विफलताओं के लिए ज्ञापन एडीएम गीतेश मालवीय को ज्ञापन सौंपा।
इससे पहले रामझरोखा में आयोजित सभा में भाजपा जिला अध्यक्ष नारायण पुरोहित ने कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। सरकार का पूरा ध्यान केवल अपनी कुर्सी बचाने में है।
पुरोहित ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा डीजल पेट्रोल पर अतिरिक्त टैक्स लगाने के कारण डीजल पेट्रोल के भाव में दिनोंदिन वृद्धि हो रही है। बिजली के दाम बढ़ाकर आमजन की कमर तोड़ दी है।
पूर्व राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि राज्य के किसानों और नौजवानों को झूठे वादों के दम पर बरगला कर सत्ता में आई कांग्रेस सरकार मात्र दो साल में ही जनता का विश्वास खो चुकी है। सत्ताधारी दल के विधायको में गुटबाजी के चलते पनपे अविश्वास और दो भागों में बटी कांग्रेस पार्टी आमजन के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भूल गई है।
भाजपा जिला मीडिया प्रभारी चिराग रावल ने बताया कि इस अवसर पर जिला महामंत्री योगेंद्र गोयल,पूर्व जिलाध्यक्ष एवम कार्यक्रम प्रभारी कमलेश दवे, पूर्व जिलाध्यक्ष लुम्बाराम चौधरी, जिलाउपाध्यक्ष नारायण देवासी, दिलीप सिंह मांडणी, प्रज्ञा कुंवर, सिरोही मंडल प्रभारी सुरेश सगरवंशी, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष हेमंत पुरोहित, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष गणपतसिंह राठौड़ ,मन की बात के जिलासंयोजक मांगू सिंह बावली, नगर महामंत्री जबरसिंह चौहान, अशोक पुरोहित, महिपाल सिंह चारण, आदि ने सभा को संबोधित किया।
इस अवसर पर जिला मंत्री छगन पटेल, जावाल मंडल अध्यक्ष नारायण सिंह ,नगर उपाध्यक्ष प्रकाश पटेल,पार्षद गोविंद माली गोपाल माली, हंजा देवी, गीता पुरोहित, प्रवीण राठौड़, मानक चंद सोनी, नितिन रावल, रणछोड़ प्रजापत, बाबू सिंह माकरोडा, हरि किशन रावल, नैन सिंह राजपुरोहित, जीतू गर्ग, योगेश दवे, हेमलता पुरोहित, अजय भट्ट, ललित प्रजापत मौजूद थे।
रमेश टेलर, कपूर पटेल, राहुल रावल, हार्दिक देवासी, इंदरसिंह मकवाना, हड़मत सिंह, प्रेमाराम देवासी, कालूराम रावल, दमयन्ती डाबी, अतीक रावल, गिरधारी पुरोहित, विजय सिंह, कानसिंह, रामेश्वर कंसारा, प्रभुराम मेघवाल, रामसिंह, ओबसिंह, हिदाराम माली, तेजाराम मेघवाल, दिनेश टेलर, हेमंत नागर, सौरभ घोष, जुजा राम देवासी, मोहन सुआरा, महेंद्र माली, प्रकाश सुथार, रणजीत सुथार,लक्ष्मण सिंह,दलपत सिंह सहित आदि कई भी रामझरोखा से जिला कलक्टर कार्यालय तक पहुंची रैली में शामिल थे।