जिला प्रमुख का अविश्वास प्रस्ताव, भाजपा जिला परिषद सदस्य की गुमशुदगी दर्ज

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सबगुरु न्यूज-सिरोही। जिला प्रमुख पायल परसरामपुरिया के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मंगलवार को मतदान से पहले ही भाजपा की महिला जिला परिषद सदस्य गुमशुदा हो गई है। इनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट उनके पति ने कालन्द्री थाने में शनिवार को दर्ज करवाई है।

जिला प्रमुख पायल परसरामपुरिया के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मंगलवार को जिला परिषद में अपराह्न 11 बजे से मतदान होना है। इससे पहले भाजपा की प्रमुख जिला परिषद सदस्य गिरीजा कंवर गुमशुदा हो गई हैं। उनके पति भवानीसिंह ने शनिवार को उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट कालन्द्री थाने में दर्ज करवाई है। कालन्द्री थानाधिकारी ने बताया कि उनके पति ने बताया कि वह बाहर थे। शनिवार को घर आए तो पता चला की उनकी जिला परिषद सदस्य पत्नी गिरीजा कंवर गुमशुदा हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रमुख पायल परसरामपुरिया के ख्लिााफ अविश्वास प्रस्ताव पर सबसे उपर गिरीजा कंवर का ही नाम लिखा हुआ था। जिसे बाद में काटकर सबसे नीचे उसमें कांग्रेस के जिला परिषद सदस्य कुलदीपसिंह का नाम लिखा हुआ स्पष्ट प्रतीत हो रहा था।

गिरीजा कंवर के पति भवानीसिंह ओटाराम देवासी के विश्वस्तों में बताए जाते हैं। ऐसे में जिला प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में उनके हस्ताक्षर कटने से उनकी भूमिका पर भी सवालिया निशान लगाए जा रहे थे। अब नाटकीय तरीके से जिला प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से पहले भाजपा की प्रमुख जिला परिषद सदस्य गिरीजा कंवर के गायब होने से इस मामले में नया मोड़ आ गया है।
-भाजपा की यह रणनीति
जिला प्रमुख पायल परसरामपुरिया के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का आरोप भाजपा जिलाध्यक्ष लुम्बाराम चैधरी और गोपालन मंत्री ओटाराम देवासी ने विपक्ष पर लगाया था। विपक्षी पार्टी के नेता संयम लोढ़ा का एक बैठक में अविश्वास प्रस्ताव में भाजपाइयों की भूमिका होने और भाजपा के नेताओं द्वारा पैसा लगाने का वीडियो वायरल हो गया।

इसमें कांग्रेस कार्यकर्ता जिला प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में पैसा लगाने और प्रमुख भूमिका होने का आरोप दो नेताओं पर लगाते हुए प्रतीत हो रहे हैं। इसमें भवानीसिंह डोडुआ, जो कि गुमशुदा जिला परिषद सदस्य गिरिजा कंवर के पति है, उनका भी नाम कांग्रेस कार्यकर्ता लेते हुए प्रतीत हो रहे हैं।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद भाजपा सेफ मोड में आ गई है। सूत्रों के अनुसार अब नई रणनीति के तहत उन्होंने यह निर्णय किया है कि भाजपा का कोई जिला परिषद सदस्य मतदान में हिस्सा नहीं लेगा। उनका मानना है कि इससे यह प्रस्ताव फेल हो जाएगा।
-इधर हस्ताक्षर अभियान की भी शुरूआत
जिला प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में कांग्रेस द्वारा भाजपा का नाम लेने के बाद ही जिले के दो प्रमुख भाजपा नेताओं के खिलाफ 15 अगस्त से एक हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया गया है। सूत्रों के अनुसार इस हस्ताक्षर अभियान में एक पत्र है, जिसमें जिला प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के सूत्रधार दो भाजपा नेताओं के नाम लिखकर उनकी शिकायत मुख्यमंत्री, प्रदेशाध्यक्ष, प्रदेश संगठन मंत्री के अलावा केन्द्रीय नेतृत्व को भी भेजने का निर्णय हुआ है।
-भाजपा के इन नेताओं की भूमिका आरोप
पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने सिरोही जिला प्रमुख खघ्लिाफ अविश्वास लाने के पीछे सिरोही भाजपा के नेताओं पर आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि न तो कोंग्रेस के पास बहुमत है और ना ही उसके पास इतने सदस्य हैं कि वह अपना जिला प्रमुख बना सके। लोढ़ा ने कहा कहा कि सिर्फ एक साल के कार्यकाल लिए कोई क्यों जिला प्रमुख बनना चाहेगा।

संयम लोढ़ा ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि अविश्वास प्रस्ताव का जो पत्र है उसमें शुरू के दो नाम सिरोही की दो महिला जनप्रतिनिधियों के लिखे हैं।जिसे बाद में काट करउनके स्थान पर कोंग्रेस जिला परिषद सदस्य का नाम लिखा गया है।उन्होंने कहा कि जब एक साल के लिए कोई जिला परिषद सदस्य जिला प्रमुख करना नहीं चाहेगा और कोंग्रेस के पास इतने सदस्य नहीं है कि वह अपना जिला प्रमुख बना सके तो फिर ये साजिश कौन कर रहा है?

लोढ़ा ने अग्रवाल छात्रावास में आयोजित कोंग्रेस की जिला बैठक में जिला प्रमुख के खघ्लिाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के पीछे सिरोही भाजपा के दो नेताओं का हाथ बताया उन्होंने नाम लेते हुए आरोप लगाया कि भाजपा का कौन सा नेता जिला प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की साजिश रच रहा है। उन्होंने कहा कि रंदजं को भ्रमित करने के लिए भाजपा के नेता जिला प्रमुख का नाम ले रहे हैं।

लोढ़ा ने कहा कि यदि भाजपा के जिला प्रमुख के खघ्लिाफ कोई जिला परिषद सदस्य अविश्वास प्रस्ताव लाता है तो उसे पारित कराना तो कोंग्रेस का नैतिक दायित्व।उन्होंने कहा कि इस बात से जनता को अवगत होना चाहिए ये सारी साजिश भाजपा के स्थानीय कद्दावर नेता रच रहे हैं।

संयम लोढ़ा कहा कि जिला प्रमुख के पति और एक जिला परिषद सदस्य के पति की ऑडियो रिकॉर्डिंग में जिला प्रमुख के पति ये कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि साजिश के पीछे भाजपा के प्रमुख नेताओं का हाथ है।
उल्लेखनीय है कि गत शुक्रवार को जिला प्रमुख पायल परसरामपुरिया के खघ्लिाफ जिला परिषद के सात सदस्यों ने जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शुभम चैधरी के समक्ष अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। इस अविश्वास प्रस्ताव पर भाजपा के छः और कोंग्रेस के एक सदस्य का हस्ताक्षर था।

इसके बाद सिरोही विधायक और राजस्थान गोपालन राज्य मंत्री ओटाराम तथा सिरोही भाजपा के जिलाध्यक्ष लुम्बा राम चैधरी ने इस अविश्वास प्रस्ताव को भाजपा की साजिश कघ्रार दिया था।इस आरोप के बाद शुक्रवार को पूर्व विधायक लोढ़ा ने अग्रवाल छात्रावास में आयोजित कोंग्रेस की बैठक में भाजपा नेताओं पर निशाना साधा।