मिशन-2019 प्लस 12 पर भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी बनाएगी जीत की रणनीति

मिशन-2019 प्लस 12 पर भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी बनाएगी जीत की रणनीति
मिशन-2019 प्लस 12 पर भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी बनाएगी जीत की रणनीति

नयी दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक 18 एवं 19 अगस्त को राष्ट्रीय राजधानी में होगी जिसमें लोकसभा चुनावों के साथ करीब एक दर्जन राज्यों में एक साथ विधानसभा चुनाव कराये जाने की संभावना के हिसाब से पार्टी की तैयारियों को चाकचौबंद किया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय कार्यकारिणी का शुभारंभ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह करेंगे, जबकि समापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से होगा। मोदी के समापन भाषण में ही पूरी चुनावी तस्वीर साफ हो जाने की उम्मीद है। पार्टी ने कांग्रेस के कथित दुष्प्रचार खासकर राफेल के मुद्दे को लेकर सरकार पर आरोपों पर जवाबी हमले और भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई की रणनीति पर आगे बढ़ने के संकेत दिये हैं।

राजनीतिक एजेंडे में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाने और अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण कानून को कठोर बनाने के कदम को लेकर देश भर में राजनीतिक आंदोलन छेड़ने की रूपरेखा पर विचार विमर्श आरंभ किया है।

भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की वर्ष 2018 में होने वाली इस दूसरी बैठक के बाद राजस्थान, मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ और मिजोरम के विधानसभा चुनावों के लिए फोकस होने की उम्मीद की जा रही थी लेकिन पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के विधि आयोग को ‘एक देश एक चुनाव’ के मुद्दे पर पत्र लिखने और पार्टी सूत्रों द्वारा 12 राज्यों में लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव कराने की तैयारियां शुरू होने के संकेत दिये जाने से फोकस बदल गया है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि मिजोरम, राजस्थान, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ विधानसभाओं के कार्यकाल फरवरी के प्रथम सप्ताह तक हैं जबकि इसके दो माह बाद ही लोकसभा चुनाव होने हैं। लोकसभा चुनाव के साथ ही तेलंगाना, ओडिशा, सिक्किम और आंध्रप्रदेश में चुनाव होते हैं जबकि लोकसभा चुनाव के चंद माह बाद हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड में भी चुनाव होंगे।

सूत्रों के अनुसार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मन बना रहे हैं कि लोकसभा चुनावों के साथ विधानसभा चुनाव हो जाएं। इस प्रकार से करीब 12 राज्यों के चुनाव एकसाथ होने की संभावना बन सकती है। सूत्रों ने कहा कि राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव तक दो माह के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है।

इस लिहाज से राष्ट्रीय कार्यकारिणी की यह बैठक भाजपा के लिए बेहद खास और महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी राजनीतिक मुद्दों को तय करके विपक्ष को घेरने की रणनीति बनाने के बाद एक साथ चुनाव कराके विपक्षी महागठबंधन को भ्रमित करके धराशायी करने की रणनीति बना रही है।

बैठक कनॉट प्लेस के निकट नयी दिल्ली नगरपालिक निगम परिषद (एनडीएमसी) के सभागार में होगी जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहेंगे। सूत्रों के मुताबिक पहले दिन 18 अगस्त को राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। इसमें सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी, प्रदेश प्रभारी, सह प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री (संगठन) मौजूद रहेंगे।

यह बैठक सुबह 10 बजे से नई दिल्ली में शुरू होगी और दोपहर 2 बजे तक चलेगी। इसके बाद राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक 18 अगस्त को दोपहर बाद 4 बजे से शुरू होगी। अगले दिन 19 अगस्त को शाम 5 बजे समापन होगा। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह करेंगे। राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य सभी वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहेंगे।

सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में 7 प्रमुख एजेंडे पर विचार विमर्श किया जाएगा। इसमें गत कार्यवाही की पुष्टि, पिछली बैठक से अब तक की प्रमुख गतिविधियों व कार्यक्रमों की जानकारी, संगठनात्मक विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा राजनीतिक एवं आर्थिक प्रस्तावों पर चर्चा होगी और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाएगी। इसके अलावा भी अन्य कुछ विषयों पर भाजपा अध्यक्ष की अनुमति से चर्चा की जा सकती है। पार्टी मुख्यालय ने देशभर के सभी पदाधिकारियों को पत्र जारी कर दिया है।