कांग्रेस का चिंतन शिविर गांधी परिवार के गुणगान तक ही रहा सीमित : सतीश पूनियां

जयपुर। राजस्थान के भारतीय जनता पार्टी प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा है कि उनका चिंतन शिविर गांधी परिवार के गुणगान तक ही सीमित रहा और आने वाले समय में राजस्थान और छत्तीसगढ़ भी कांग्रेस मुक्त हो जायेंगे।

डा पूनियां ने आज अपने बयान में यह दावा करते हुए कहा कि कांग्रेस के इन नेताओं द्वारा सत्ता में वापसी करने बातें की गई लेकिन तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार एवं जातिवाद की राजनीति के कारण कांग्रेस देश और प्रदेश के लोगों का पूरी तरह भरोसा खो चुकी है, कांग्रेस के लिए अब किसी भी राज्य और देश में सत्ता वापसी तो दूर अपना अस्तित्व बचाना ही बड़ी चुनौती है, क्योंकि कांग्रेस ने 50-55 सालों तक शासन करने के दौरान लूट, झूठ और तुष्टीकरण के अलावा कुछ नहीं किया।

उन्होंने कहा कि अराजकता और जातिवाद की राजनीति करने वाली कांग्रेस को देश की जनता ने सत्ता से दूर कर सबक सिखा दिया और अब देश की जनता भाजपा के राष्ट्रवाद के विचार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के साथ मजबूती से खड़ी है, जो कांग्रेस को हजम नहीं हो रहा है।

उन्होंने कहा कि बेहतर होता कि कांग्रेस के चिंतन शिविर में श्रीमती सोनिया गांधी और श्री राहुल गांधी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से किसान कर्जमाफी का वादा पूरा कराने की हिम्मत दिखाते, लेकिन कांग्रेस सरकार ने राजस्थान के किसानों के साथ फिर बड़ा धोखा किया है, चिंतन शिविर गांधी परिवार के गुणगान तक ही सीमित रहा।

डा पूनिया ने आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार और कांग्रेस पार्टी में इस तरह के कई घटनाक्रम हुए कि अपने पीसीसी चीफ, डिप्टी सीएम एवं विधायकों के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करना पड़ा, मुख्यमंत्री ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए लगातार जो काम किये, उसमें उन्होंने विधायकों को लूटने की छूट दी और इसी तरीके से विकृतियों की छूट दी गई।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के एक विधायक के बेटे पर गैंगरेप का आरोप लगता है तो उस मामले की निरपेक्ष जांच के बजाय एफआर लग जाती है, इस मामले का बदला लेने के लिए तीन सौ साल पुराने भगवान शिव मंदिर को ढहा दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में एक मंत्री के बेटे पर दुष्कर्म के आरोप लगते के मामले पर मुख्यमंत्री उदारता के साथ आगे आकर उदाहरण पेश करते और मामले में कोई कार्रवाई होती तो लोग उन पर भरोसा कर पाते, लेकिन मुख्यमंत्री ने भरोसा खो दिया है।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थान में कांग्रेस अब जिस रास्ते पर चल रही है, वह बर्बादी का रास्ता है, कांग्रेस में नैतिकता एवं ईमान नहीं बचा है, इसका कोई दोषी है तो राजस्थान के मुख्यमंत्री हैं।