BJP ने विपक्ष शासित राज्यों में पेट्रोल-डीजल पर वैट नहीं घटाने पर साधा निशाना

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष शासित राज्यों में पेट्रोल-डीजल पर वैट नहीं घटाने को लेकर उनपर जमकर निशाना साधते हुए कहा है कि भाजपा की राज्य सरकारें आम जनता को राहत दे रही है जबकि तेल की कीमतों को लेकर हंगामा मचाने वाले कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने अब तक अपने राज्यों में जनता को कोई राहत नहीं दी है।

शुक्रवार को भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने दीपावली के मौके पर पेट्रोल-डीजल के उत्पाद शुल्क में पांच और 10 रुपए प्रति लीटर की घटाने का ऐलान किया था। इसके बाद केंद्र सरकार के आग्रह पर भाजपा शासित राज्य सरकारों ने भी वैट घटाना शुरू कर दिया। जबकि कांग्रेस शासित राज्यों, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकारें वैट क्यों नहीं घटा रहे हैं इसका जवाब उन्हें जनता को देना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पेट्रोल डीजल के दाम को लेकर बहुत दुर्भाग्यपूर्ण ट्वीट किया था। अगर अब कांग्रेस ने वैट में कटौती नहीं की, तो यही कहा जाएगा कि कांग्रेस पार्टी जेब कतरों का पर्याय बन चुकी है।

भाटिया ने कहा कि एक नवंबर को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि जेब कतरों से सावधान। अब ऐसा प्रतीत हो रहा कि कांग्रेस से बड़ा जेबकतरा पूरे देश में तो कोई नहीं है।

उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में वैट में भारी कटौती की गई। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पेट्रोल में 12 और डीजल में 12 रुपए घटाए। गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सात रुपए पेट्रोल और सात रुपए ही डीजल सस्ता किया। असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने भी सात रुपए पेट्रोल और सात रुपए डीजल सस्ता किया।

भाटिया ने कहा कि डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर के तहत 19 लाख रुपए आम आदमी के खातों में गए। कोविड के 108 करोड़ टीके मुफ्त में लगाए गए हैं। सरकार की प्रतिबद्धता है कि 135 करोड़ लोगों को दो डोज मुफ्त में लगे।

उन्होंने कहा कि आज राज्स्थान में पेट्रोल पर 32 रुपए 19 पैसे वैट लग रहा है। श्रीगंगानगर में पेट्रोल की कीमत 121 रुपए है और डीजल 112 रुपए है। इसकी जिम्मेदारी किसकी है? कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए।

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में महावसूली अघाड़ी सरकार है। पेट्रोल 110 रुपए है और डीजल 87 रुपए। पेट्रोल पर महाराष्ट्र में 31 रुपए 19 पैसे वैट लग रहा है। इसकी तुलना भाजपा शासित दो राज्यों करें जहाँ उत्तर प्रदेश में 21 रुपए 86 पैसे और उत्तराखंड में 20 रुपए 46 पैसे वैट लगता है।

उन्होंने कहा कि दो दिन पहले ही सरकार ने पेट्रोल और डीजल की उत्पाद शुल्क में भारी कटौती की है। एक जन भावना थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो सरकार है, उसने ये चरितार्थ कर दिया कि ‘अबकी दिवाली खुशियों वाली।’ सरकार के इस अहम फैसले के बाद भाजपा शासित राज्यों ने वैट में भारी कटौती करके फिर से आम जनता के बारे में सोचा।