कर्नाटक चुनाव : मोदी बोले, जीत उसकी होगी जो बूथ जीतेगा

भाजपा विकास के मुद्दे पर कर्नाटक विधानसभा का चुनाव जीतना चाहती है।
भाजपा विकास के मुद्दे पर कर्नाटक विधानसभा का चुनाव जीतना चाहती है।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कर्नाटक के भाजपा उम्मीदवारों, जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को राज्य की तकदीर बदलने के लिए आज विकास का एजेंडा दिया अौर उनका आह्वान किया कि वे बूथ जीतने के लिए जी जान लगा दें क्योंकि जीत उसी की होगी जो बूथ जीतेगा।

मोदी ने सुबह यहां अपने निवास स्थान से नमो एप के माध्यम से वीडियो ब्रिज तकनीक के जरिये कर्नाटक के भाजपा उम्मीदवारों, पार्टी पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया। प्रधानमंत्री ने कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ताओं और विधायकों के सवालों के जवाब भी दिए।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा कर्नाटक में विकास के मुद्दे पर ही चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक का भाग्य बदलने के लिए भाजपा का तीन सूत्रीय एजेंडा है विकास, तेज़ विकास और सर्वांगीण विकास और हम विकास की राजनीति को ही प्राथमिकता देते हैं।

उन्होंने चुनाव में जीत का मंत्र देते हुए कहा कि हमें राज्य के हर एक मतदाता तक पहुंचना है, उनका दिल और विश्वास जीतना है। जो बूथ जीतेगा, वही चुनाव जीतेगा।

मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा समाज में जातिवाद का जहर घोल कर और समाज में फूट डालकर परिवारवाद और वंशवाद की राजनीति की है जबकि हम हमेशा ‘सबका साथ सबक विकास’ और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का सपना लेकर चलते हैं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के लोगों ने परिवर्तन का मन बना लिया है और उन्हें पूरा विश्वास है कि कर्नाटक में पूर्ण बहुमत से भाजपा की सरकार बनेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की पराजय निश्चित है, इसलिए झूठा दुष्प्रचार कर जनता को गुमराह किया जा रहा कि कर्नाटक में किसी को पूर्ण बहुमत नहीं मिलेगा और त्रिशंकु विधानसभा बनेगी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के मतदाता जागरूक हैं और राज्य में परिवर्तन लाने के लिए वे भाजपा को पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का जनादेश देंगे।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक में जाति-धर्म की राजनीति के बजाय जनता को विकास की राजनीति से ही मतलब है। उन्होंने कहा कि 2014 में देश की जनता ने 30 साल बाद पूर्ण बहुमत की सरकार के लिए भाजपा को जनादेश दिया और वर्तमान केंद्र सरकार ने अपने सभी नीतिगत निर्णय, देश के विकास और जनता के हित में लिए हैं।

उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार विकास के नाम पर जनता को गुमराह करके और झूठे वादों का लॉलीपॉप दिखा कर चुनाव में उतरती थी। वह हर चुनाव में समाज के किसी एक वर्ग समूह को झूठे वादों का लॉलीपॉप दिखाती थी फिर चुनाव जीतने के बाद उसे भूल जाती थी, यही कांग्रेस की संस्कृति है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुकृत्यों के कारण देश की राजनीति में तमाम बुराईयां आ गई, हमें राजनीति को कांग्रेस की इस संस्कृति से मुक्त कर के भारतीय राजनीति का शुद्धिकरण करना है। उन्होंने कहा कि हम जनता को गुमराह करके नहीं बल्कि विकास करके जनता का दिल जीतना चाहते हैं।

मोदी ने कहा कि कांग्रेस विकास का जवाब नहीं दे पाती है इसीलिए मुझे और भाजपा के बारे में अपशब्द कहती है, झूठ फैलाती है और विदेशी एजेंसियों को हायर कर जनता को गुमराह करती है। कर्नाटक के युवाओं की प्रतिभा और किसानों की कृषि विकास के प्रति जागृति की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि हम कर्नाटक को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए कटिबद्ध हैं।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विकास की काफी संभावना है लेकिन कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की जाति-पाति की राजनीति राज्य के विकास में रुकावट बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में भी शहरीकरण तेजी से हो रहा है और गांवों से लोग रोजी-रोटी की तलाश में शहरों की ओर रुख कर रहे हैं, ऐसे में शहरों के ढांचागत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए लेकिन कांग्रेस सरकार विकास करने से कतराती है।

मोदी ने भाजपा की नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार की कर्नाटक के सर्वांगीण विकास के लिए चार साल की अनेक उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि कांग्रेस कर्नाटक की जनता को गुमराह कर रही है।

कर्नाटक में सड़क निर्माण के विकास की संप्रग के कार्यकाल और राजग सरकार के चार साल के काम की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि संप्रग के समय में करीब 8700 करोड़ रूपए का खर्च हुआ था, जबकि हमने 14 हजार करोड़ रुपए की 13 बड़ी सड़क परियोजनाएं शुरू कीं हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण पर भी संप्रग के चार साल में लगभग 950 करोड़ रूपए ही खर्च हुए थे जबकि हमने चार साल में 1750 करोड़ का अर्थात् लगभग दोगुना काम किया है।

उन्होंने कहा कि शहरी ढांचागत क्षेत्र में भी संप्रग के चार साल में महज 380 करोड़ रूपए का खर्च हुआ था जो हमारे कार्यकाल में चार गुना बढ़कर 1600 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में कांग्रेस जहां दो हजार मेगावाट की क्षमता ही विकसित कर पाई थी, वहीं राजग की सरकार चार साल में 7800 मेगावाट यानी करीब चार गुना क्षमता विकसित की है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में कांग्रेस की उदासीनता का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि संप्रग के चार साल में सिर्फ 31 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं स्थापित हुईं थीं जबकि हमने कर्नाटक में 4800 मेगावाट के प्रोजेक्ट्स स्थापित किए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आरोप लगाती है कि मैं व्यापारियों एवं उद्योगपतियों के लिए काम करता हूँ लेकिन इस तरह की राजनीति कर जो झूठ की खेती करते हैं, उनसे मैं कहना चाहता हूँ कि संप्रग की सरकार ने अपने कार्यकाल में केवल 20 लाख शौचालय बनाये थे जबकि हमने अल्प समय में 34 लाख शौचालयों का निर्माण किया है।

उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर के वितरण में केंद्र की राजग सरकार ने संप्रग द्वारा वितरित 30 लाख गैस सिलिंडर की तुलना में 50 लाख एलपीजी कनेक्शन निःशुल्क वितरित किए हैं।