2019 में अधिक ताकत से सत्ता में आएंगे : भाजपा

bjp will emerge strong in 2019 lok sabha elections than 2014, says amit shah

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने कर्नाटक में मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियाें का सोमवार को शंखनाद कर दिया और एलान किया कि वह अगले लोकसभा चुनाव में 2014 से भी अधिक ताकत से सत्ता में आएगी।

पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों, प्रदेश प्रभारियों, प्रदेश अध्यक्षों एवं संगठन महामंत्रियों की दिनभर चली बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा अपने 11 करोड़ कार्यकर्ताओं के संगठन के बलबूते 330 सांसदों एवं 1800 से अधिक विधायकों के साथ आज इस मुकाम पर पहुंची है कि देश के समूचा विपक्ष ‘भाजपा बनाम सब’ की लड़ाई के लिए मजबूर हो गया है।

शाह ने कहा कि ऐसी चुनौती हमें पसंद है और इसका हमें गर्व है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताअों की क्षमता के दम पर पूरी तरह से आत्मविश्वास से भरकर 2019 में 2014 की तुलना में अधिक ताकत से सत्ता में आएंगे।

सौभाग्य है कि उनके पास मोदी का नेतृत्व है लेकिन बूथ स्तर की ताकत से जीत हासिल करेंगे। इस लड़ाई में राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर बूथ अध्यक्ष तक जीजान से जुटेंगे।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के कार्यक्रमों के आधार पर हमने अच्छी सरकार चलाई है और गरीबों की सेवा की है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के मन में ‘मेरी सरकार अच्छी सरकार’ का भाव होना चाहिए। हम सरकार के माध्यम से ऐसा माहौल बनाएंगे कि सारी दुनिया हमारी ओर देखेगी।

उन्होंने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा ने 11 चुनाव जीते और 14 सरकारें बनायीं हैं। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल सरकार चलाना नहीं, भारत को विश्व गुरू बनाना है।

भाजपा गरीबों के लिए भारत को बदलने के लिए आई है। 2019 के चुनाव में वह इसी विश्वास के साथ जाएगी और दिखाएगी कि भाजपा को केवल केन्द्र की सरकार बनाना और चलाना ही नहीं बल्कि फिर से सत्ता में आना भी आता है।

शाह ने कहा कि राजनीतिक पंडित भाजपा की इस यात्रा को जिज्ञासा से, प्रतिद्वन्द्वी कौतूहल से, अभिजात्य वर्ग अचरज से और कार्यकर्ता आत्मगौरव से देख रहा है। लेकिन कार्यकर्ताओं में इससे आत्मसंतुष्टि का भाव नहीं आना चाहिए। उन्होंने कर्नाटक में जीत का दावा करते हुए कहा कि हम तब तक चैन नहीं बैठ सकते और तब तक आत्मसंतुष्टि का अनुभव नहीं कर सकते, जब तक ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु में सरकार नहीं बना लेते।

उन्होंने कहा कि 2019 तक देश के नवनिर्माण की एक मंजिल तैयार हो पाएगी जबकि हमें बहुत ऊंची इमारत तैयार करनी है। उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य विशेष रूप से देश के 50 करोड़ गरीबों के जीवन से दुखदर्द दूर करना है। उन्हें रोज़ीरोटी, मकान, गैस, बिजली मिले ताकि वे आत्मनिर्भर हो सकें।

बैठक की जानकारी देते हुए भाजपा के प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष ने 17 मई को भाजपा के सभी मोर्चों की बैठक बुलायी है जिसमें आगामी लोकसभा चुनावों की तैयारियों के बारे में विचार विमर्श होगा और स्वयं प्रधानमंत्री मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणियों के सदस्यों से संवाद करेंगे।

आज की बैठक की जानकारी देते हुए प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि बैठक का आरंभ श्री शाह के संक्षिप्त उद्बोधन से हुआ। इसके बाद सभी राज्यों में कार्यालय निर्माण कार्यक्रम की समीक्षा की गई। इसके बाद नमो एप्प के बारे में और केन्द्रीय मंत्रियों एवं पार्टी पदाधिकारियों के गांवों में प्रवास कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। यह भी जाना गया कि इस कार्यक्रम में जिन 20 हजार गांवों का चयन किया गया था, उनमें फीडबैक यानी सूचना परावर्तन क्या मिला।

त्रिवेदी ने कहा कि बैठक के दूसरे चरण में अलग अलग समूह बना कर चर्चा की गई तथा तीसरे चरण में प्रदेशों की सामूहिक चर्चा हुई। झारखंड और मिज़ोरम में स्थानीय निकाय चुनावों विशेष रूप से चकमा क्षेत्र में सीईएम के पद पर भाजपा उम्मीदवार की जीत की सराहना की गई।

पश्चिम बंगाल में आज पंचायत चुनावों में हुई हिंसा की निंदा की गयी और कहा गया कि तृणमूल कांग्रेस की सरकार ने लोकतंत्र को तृणमूल से नष्ट करने की पूरी झलक आज के चुनाव में दिखाई है।

पार्टी के 6 ए दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित मुख्यालय पर आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता शाह ने की जबकि संचालन पार्टी के संगठन महासचिव रामलाल ने किया। बैठक आरंभ होने के पहले श्री शाह एवं अन्य नेताओं ने भारत माता, पं. दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

पार्टी के सूत्रों ने कहा कि कर्नाटक विधानसभा चुनावों के बाद पार्टी का शीर्ष नेतृत्व विश्राम किए बिना अब आगामी राजनीतिक मुकाबले के लिए कमर कस रहा है। कर्नाटक के परिणाम कल आएंगे। कर्नाटक में भाजपा और कांग्रेस के बीच रोचक मुकाबला है।