दलित-मुक्त भारत के निर्माण में जुटे मोदी : कांग्रेस

नई दिल्ली। कांग्रेस ने केंद्र सरकार के कथित दलित-विरोधी रवैये को लेकर भारतीय जनता पार्टी के पांच दलित सांसदों के बगावती तेवर पर चुटकी लेते हुए कहा कि ‘मन की बात’ करने के शौकीन मोदी इस मसले पर मौन हैं, जो इस बात का परिचायक है कि वह ‘दलित-मुक्त भारत’ के निर्माण में जुटे हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में केंद्र की मोदी सरकार को दलित-विरोधी बताते हुए कहा कि भाजपा के ही पांच दलित सांसदों ने मोदी सरकार के दलित-विरोधी चेहरे को उजागर कर दिया है। प्रवक्ता ने कहा कि चाय पर चर्चा के शौकीन प्रधानमंत्री दलित अत्याचार के मुद्दे पर अपने सांसदों से चर्चा क्यों नहीं करते। मन की बात करने के शौकीन मोदी दलित सांसदों की मन की बात क्यों नहीं करते।

उन्होंने मोदी से इस मसले पर ‘चुप्पी’ तोड़ने और भाजपा के दलित सांसदों की चिंताओं का जवाब देने की मांग की है। भाजपा के पांच दलित सांसदों सावित्री बाई फूले, उदित राज, अशोक कुमार दोहरे, डॉ. यशवंत सिंह और छोटे लाल खरवार ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर देश में बढ़ती दलित विरोधी गतिविधियों का जिक्र किया है।

शेरगिल ने कहा कि अनुसूचित जाति के लोगों की स्थिति का अंदाजा इसी से लग सकता है कि सत्ताधारी पार्टी के सांसद भी डरे हुए और चिंतित हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि दलितों पर अत्याचार की बढ़ती घटनाएं इतने खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी हैं कि भाजपा के ही सांसद अब कह रहे हैं कि मोदी सरकार ने दलितों के लिए कुछ नहीं किया है और उनकी स्थिति इस सरकार के दौरान और खराब हुई है।

शेरगिल ने कहा कि दलित सांसदों के बयानों ने सरकार के दावों की ‘हवा’ निकाल दी है। भाजपा के ही सांसद कह रहे हैं कि मोदी सरकार ने दलितों के लिए कुछ नहीं किया है और उनकी स्थिति इस सरकार के दौरान खराब हुई है।