डॉक्टर की सिफारिश पर सरोज खान को मिली थी पहली फिल्म

मुंबई। बॉलीवुड में डांस की मल्लिका कही जाने वाली सरोज खान को बतौर बाल कलाकार पहली फिल्म एक डॉक्टर की सिफारिश पर मिली थी।

सरोज खान अपने परिवार के साथ मुंबई के एक चाल में रहती थी। सरोज खान ने डांस के आकर्षण के बारे में एक बार बताया था कि मुझे याद नहीं है कि कब से मैं डांस की दीवानी हो गई। मां बताती थी कि बचपन में शुरुआती दौर में मैं अपनी ही परछाईं दीवारों पर देखकर नाचती थी। इस कारण से मां को ऐसा लगने लगा कि शायद मैं पागल हूं, क्योंकि मैं दीवारों की तरफ देखते हुए अजीब से मुंह बनाकर भाव व्यक्त करती थी।इससे मां डर गई और मुझे डॉक्टर के पास दिखाने के लिए ले गई।

सरोज ने बताया था कि डॉक्टर ने देखने के बाद मां को बताया कि यदि ये डांस करना चाहती है तो इसे करने दिजीए। वैसे भी आपको पैसों की कमी है। इस लड़की को फिल्म इंडस्ट्री में भेजो।’चूकि, उस वक्त फिल्मों में न तो डांस लोकप्रिय था और न ही डांस के लिए कोई विशेष प्रशिक्षण दिया जाता था। ऐसे में मां हैरान हुईं और पूछी कि ये डांस क्या होता है। तब डॉक्टर ने ही बताया कि उनके पास फिल्मों के बहुत से प्रोड्यूसर आते रहते हैं जिन्हें डांस के लिए बच्चों की जरूरत होती है। डॉक्टर ने ही मुझे पहली फिल्म ‘नजराना’ दिलाई।

सरोज खान ने दिया था शाहरूख को ‘सिग्नेचर स्टेप’

बॉलीवुड सितारों को अपने इशारों पर नचाने वाली दिग्गज कोरियोग्राफर सरोज खान ने किंग खान शाहरूख खान को बाहें फैलाने वाला स्टेप दिया था जो बाद में उनका सिग्नेचर स्टेप बन गया।

सोशल मीडिया पर सरोज खान का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में सरोज खान बता रही हैं कि कैसे उन्हें शाहरुख के बाहें फैलाने वाले स्टेप का आइडिया आया। वीडियो में सरोज खान बताती हैं कि फिल्म ‘बाजीगर’ की शूटिंग के दौरान उन्होंने शाहरुख खान को ये स्टेप दिया था।

सरोज खान वीडियो में बता रही हैं कि हम मॉरिशस में ‘बाजीगर’ फिल्म के गाने बाजीगर ओ बाजीगर की शूटिंग कर रहे थे। इस गाने में शाहरुख सामने से चलकर आता है और अपनी शर्ट खोलकर नाम दिखाता है। तब मैंने उसे कहा कि तुम आना और ऐसे बाहें फैलाना। उसने वो किया और लोगों को पसंद आया।

गौरतलब है कि शाहरुख खान का बाहें फैलाने वाला स्टेप समय के साथ इतना फेमस हुआ कि उनकी पहचान का हिस्सा बन गया। इसे उनका सिग्नेचर स्टेप कहा जाने लगा और शाहरुख खान की किसी भी परफॉरमेंस को इसके बिना कुछ हद तक अधूरा माना जाता है।