बीएस येद्दियुरप्पा ने कर्नाटक के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली

BS Yeddyurappa takes oath as Karnataka CM, gets 15 days to prove majority
BS Yeddyurappa takes oath as Karnataka CM, gets 15 days to prove majority

बेंगलुरू। बुकानाकेरे सिद्धलिंगप्पा येद्दियुरप्पा ने विभिन्न राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच गुरुवार को कर्नाटक के 24वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

राज्यपाल वजूभाई वाला ने राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में येद्दियुरप्पा को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम बाद में होगा। येद्दियुरप्पा तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं।

शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के महासचिव एवं पार्टी के कर्नाटक मामलों के प्रभारी मुरलीधर राव, केंद्रीय मंत्रिगण अनंत कुमार, प्रकाश जावड़ेकर, धमेंद्र प्रधान, जेपी नड्डा तथा सदानंद गौड़ा समेत प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं नवनिर्वाचित पार्टी विधायक मौजूद थे।

येद्दियुरप्पा के शपथग्रहण को इस नजरिये से भी दिलचस्प माना जा रहा है कि कांग्रेस और जनता दल (सेक्यूलर) ने बहुमत के आंकड़ों से भारतीय जनता पार्टी के वंचित होने के बावजूद राज्यपाल वजू भाई वाला की ओर से उसे सरकार बनाने के लिए पहले आमंत्रित किए जाने को लेकर राज्यपाल के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।

दोनों दलों ने राज्यपाल के समक्ष खुद भी सरकार बनाने का दावा पेश किया है। उनका मानना है कि उन्हें पहले सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए। इस बीच कांग्रेस और जद(एस) कार्यकर्ताओं ने येद्दियुरप्पा के शपथग्रहण के विरोध में विधानसौध परिसर में धरना दिया।

जद(एस) नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा, अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के संयोजक गुलाम नबी आजाद एवं अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारामैया, कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जी परमेश्वर, लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और जद(एस) के प्रदेश अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी धरने में शामिल हुए।

इससे पहले बुधवार को राज्यपाल ने येद्दियुरप्पा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था, जिसके खिलाफ कांग्रेस और जद(एस) ने बुधवार रात सुप्रीमकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

न्यायाधीश अर्जन कुमार सिकरी, न्यायाधीश एसए बोबडे और न्यायाधीश अशोक भूषण की पीठ ने रात सवा दो बजे से सुबह साढ़े पांच बजे तक चली सुनवाई के बाद कहा कि वह राज्यपाल के आदेश पर रोक लगाने के पक्ष में नहीं है, इसलिए येद्दियुरप्पा के शपथ-ग्रहण समारोह पर रोक नहीं लगाएगी।

न्यायालय ने हालांकि यह स्पष्ट किया कि उनका मुख्यमंत्री पद पर बने रहना इस मामले के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा। शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए शुक्रवार साढ़े 10 बजे का समय निर्धारित किया, साथ ही भाजपा को नोटिस जारी करके उन दो पत्रों की प्रति अदालत के समक्ष जमा कराने को कहा है, जो उसकी ओर से राज्यपाल को भेजे गए थे।

आधी रात को सुप्रीमकोर्ट का फैसला, येदियुरप्पा लेंगे सीएम पद की शपथ