क्या अमानवीय और कंगाल हो गई राजस्थान सरकार? गहलोत पर बरसीं मायावती

यूपी के छात्रों को कोटा से भेजने के बदले थमाया 36 लाख का बिल
जयपुर/ लखनऊ। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की जंग के बीच राजस्थान सरकार ने कोटा से यूपी के छात्रों के लिए राजस्थान की ओर से भी लगाई गई 70 बसों के पेटे खर्च की गई राशि के बकाया 36 लाख रुपए का तगादा किया है।

बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती ने राजस्थान कांग्रेस सरकार द्वारा विद्यार्थियों को घर भेजने के लिए खर्च हुए 36 लाख रूपए की मांग को अमानवीय बताते हुए कहा कि दो पड़ोसी राज्यों के बीच ऐसी राजनीति अति दुखद है।

मायावती ने शुक्रवार को ट्वीटकर कहा कि राजस्थान की कांग्रेसी सरकार द्वारा कोटा से करीब 12000 युवा-युवतियों को वापस उनके घर भेजने पर हुए खर्च के रूप में यूपी सरकार से 36 लाख रुपए और देने की जो मांग की है वह उसकी कंगाली व अमानवीयता को प्रदर्शित करता है। दो पड़ोसी राज्यों के बीच ऐसी घिनौनी राजनीति अति-दुखद है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक तरफ उत्तर प्रदेश छात्रों को घर भेजने के नाम पर मनमाना पैसा वसूल रही है और दूसरी ओर प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए बसों की बात करके राजनीति का खेल खेल रही है।

मायावती ने ट्वीटकर कहा कि राजस्थान सरकार एक तरफ कोटा से यूपी के छात्रों को अपनी कुछ बसों से वापस भेजने के लिए मनमाना किराया वसूल रही है तो दूसरी तरफ अब प्रवासी मजदूरों को यूपी में उनके घर भेजने के लिए बसों की बात करके जो राजनीतिक खेल खेल कर रही है यह कितना उचित व कितना मानवीय?

बतादेंकि यूपी सरकार ने सबसे पहले 560 बसें कोटा भेंजी थीं। ये बसें कोटा में फंसे 10 हजार बच्चों को को लाने के लिए भेजी गई थीं। इस बीच कुछ और छात्रों ने भी आने की जिद पकड ली। इस पर यूपी सरकार ने फतेहपुर सीकरी के लिए राजस्थान राज्य परिवहन निगम से 70 बसें भाडें पर ली।

इन बसों में डीजल भरने के लिए राजस्थान सरकार ने पैसों की मांग की। इस पर यूपी सरकार ने बाद में एक मुश्त भुगतान करने का वादा किया। लेकिन राजस्थान सरकार ने इनकार कर दिया। ऐसे में यूपी सरकार ने 19 लाख 76 हजार रुपए का एक चैक दिया। अब राजस्थान सरकार ने 36 लाख 36 हजार 664 रुपए का बिल थमा दिया है। राजस्थान पथ परिवहन निगम के कार्यकारी निदेशक यातायात महावीर प्रसाद मीना ने 28 अप्रेल और फिर 28 मई को पुन: स्मरण पत्र लिखकर इस बकाया भुगतान की अदायगी अब तक न होने का उलाहना यूपी सरकार को दिया है।

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