पब्लिक रिलेशन की मदद से प्रतिष्ठा का निर्माण- एक अनूठी पहचान

Building a reputation with the help of public relations - A unique identity
Building a reputation with the help of public relations – A unique identity

SABGURU NEWS | प्रतिष्ठा का निर्माण विशिष्ट लक्ष्य की दिशा में निरंतर कड़ी मेहनत का परिणाम होता हैं।अगर हम कंपनियों और उनके उत्पाद के बारे में बात करे, तो कंपनी की ओर ग्राहक का विश्वास हासिल करना मुश्किल काम होता हैं।कई सालों से कंपनियां अपनी प्रतिष्ठा बनाने और अपनी कंपनी या उत्पाद के नाम को ब्रांड में परिवर्तित करने के लिए विज्ञापन और मार्केटिंग के पारंपरिक तरीके का पालन करती आ रही हैं।वर्तमान परिदृश्य में जब थोक में उत्पादों का निर्माण हो रहा है, तो आपकी कंपनी के उत्पादों का नाम ढूंढना कठिन होता जा रहा हैं, और उससे ज्यादा कठिन है आपके नाम को बाज़ार में एक प्रतिष्ठित नाम बनाना |

आजकल कंपनियां पारंपरिक मार्केटिंग के साथ डिजिटल और सोशल मीडिया में अपने उत्पाद का विज्ञापन कर रही हैं, क्योंकि आजकल सबसे भीड़ वाली जगह सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया हो चुकी हैं।लेकिन केवल आप ही नहीं हैं जो अपनी पहचान बनाने के लिए बेताब है; यहाँ बहुत से लोग हैं जो वर्तमान स्थिति से निपटने और शीर्ष पर पहुचने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं|

 श्री देवी की मौत का राज़ आया सामने यह सुनकर उड़े सभी के होश || देखिये ये वीडियो

बाजार में प्रवेश करना, बने रहना और आगे बढ़ना यही मार्ग का सब अनुसरण करते है और इस राह में चलने के लिये खास रणनीतियोँ की जरुरत होती हैं।बाजार विशेषज्ञ भी प्रतिष्ठा को बनाने के महत्व को जानते है और जो कंपनी कई वर्षों की मेहनत से अर्जित करती हैं, जो कंपनी द्वारा किए गए पब्लिक रिलेशन के उपयोग से ही संभव है| अतुल मलिकराम एक पब्लिक रिलेशन के विशेषज्ञ उन्होंने कहा की ‘अब पब्लिक रिलेशन का स्वरुप बदला है और यह विज्ञापन और मार्केटिंग तक ही सीमित नहीं है लेकिन वास्तव में इससे परे है|

भाभी देवर पकडे गए रूम में ये हरकत करते हुए || देखिये ये वीडियो

यह ग्राहक के साथ रिश्तों को विकसित करने और उनसे प्रतिक्रिया प्राप्त करने का तरीका है और इसके लिए रणनीतियों और प्रदर्शन की आवश्यकता होती हैं’|

नए ब्रांड को लाने में पब्लिक रिलेशन की बड़ी भूमिका होती हैं, पब्लिक रिलेशन का इस्तेमाल नए ब्रांडों को पेश करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ज्यादातर ब्रांड अपना ध्यान और बाजार की इक्विटी पाने में असफल हो जाते हैं क्योंकि उत्पादों को बाजार में पब्लिक रिलेशन के बजाय सामान्य विज्ञापन पद्धति के साथ पेश किया जाता हैं।

नए ब्रांडों को लागू करने के लिए ज्यादातर कंपनियों के द्वारा विज्ञापन का उपयोग किया जाता हैं, जबकि एक ब्रांड बनाए रखने के लिए एक भारी विज्ञापन बजट की आवश्यकता होती हैं।पीआर नए ब्रांडों के लिए सकारात्मक धारणा बनाने में दीर्घकालिक भूमिका निभाता है | हम एक संचार जागरूक समाज में रह रहे हैं जहां लोगों को विभिन्न उत्पाद के बारे में प्रति घंटा और दैनिक आधार पर कई व्यावसायिक जानकारियां मिलती हैं

आपको यह खबर अच्छी लगे तो SHARE जरुर कीजिये और  FACEBOOK पर PAGE LIKE  कीजिए, और खबरों के लिए पढते रहे Sabguru News और ख़ास VIDEO के लिए HOT NEWS UPDATE और वीडियो के लिए विजिट करे हमारा चैनल और सब्सक्राइब भी करे सबगुरु न्यूज़ वीडियो