बीवीजी रिश्वत कांड : निलंबित मेयर के पति राजाराम की जमानत याचिका खारिज

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के ग्रेटर नगर निगम में बीवीजी कंपनी के बकाया 276 करोड़ रुपए के भुगतान के बदले 20 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में जेल गए निलंबित मेयर सौम्या गुर्जर के पति राजाराम फिलहाल जेल में ही रहेंगे।

एसीबी कोर्ट फर्स्ट ने सोमवार को राजाराम की जमानत याचिका खारिज कर दी। राजाराम की तरफ से उनके वकील ने जमानत याचिका पर 10 सितम्बर को कोर्ट में बहस की थी। बहस के बाद कोर्ट ने फैसले को सुरक्षित रखा था।

इससे पहले 10 सितंबर को हुई सुनवाई में राजाराम के वकील ने दलील दी थी कि इस मामले में जुड़े अन्य सह आरोपी बीवीजी कंपनी के प्रतिनिधि ओमकार सप्रे को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। राजाराम भी 29 जून से न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे हैं। वकील की तमाम दलीलों काे कोर्ट ने नहीं माना और सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया है।

10 जून को सोशल मीडिया पर ऑडियो और वीडियो सामने आए थे। इसमें एक कमरे में बीवीजी कंपनी के प्रतिनिधि संदीप चौधरी से राजाराम गुर्जर की चाय पीते हुए बातचीत चल रही थी। इस बातचीत में कथित तौर पर आरएसएस के प्रांतीय प्रचारक निंबाराम भी नजर आ रहे थे।

ऑडियो में बीवीजी कंपनी के 276 करोड़ रुपए के भुगतान करने के एवज में 10 प्रतिशत कमीशन के हिसाब से 20 करोड़ रुपए की सौदेबाजी सामने आई थी। वीडियो और ऑडियो सामने आने के बाद एसीबी ने मामले को भ्रष्टाचार माना। इसी आधार पर एएसपी बजरंग सिंह ने पीई दर्ज कर जांच की। एसीबी ने राजाराम गुर्जर व ओमकार सप्रे को पूछताछ के लिए बुलाया। इसके बाद दोनों को 29 जून को गिरफ्तार कर लिया था।