RSS की विचारधारा से कभी समझौता नहीं कर सकता : राहुल गांधी

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ- की सोच नफरत फैलाने और समाज को बांटने वाली है इसलिए वह आरएसएस-भाजपा की विचारधारा से कभी समझौता नहीं कर सकते हैं।

गांधी ने महिला कांग्रेस के स्थापना दिवस पर बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में देश के विभिन्न हिस्सों से आई महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश में आरएसएस-भाजपा की सरकार है। इनकी विचारधारा और हमारी विचारधारा में बड़ा फर्क है।

देश पर शासन कभी एक विचारधारा तो कभी दूसरी विचारधारा करेगी। लेकिन इनकी विचारधारा नफरत फैलाती है इसलिए वह किसी भी अन्य विचारधारा से समझौता कर सकते हैं लेकिन आरएसएस और भाजपा की विचारधारा से कभी समझौता नहीं कर सकते।

उन्होंने कहा कि गांधीजी और सावरकर की विचारधारा में जो फर्क है उसको जानना सबके लिए जरूरी है। सवाल यह है कि भाजपा के लिए कहा जाता है कि वह हिंदू पार्टी है और आरएसएस के लोग हिंदुत्व को बढावा देते हैं। लेकिन पिछले सौ दो सौ साल के दौरान अगर किसी ने ठीक तरह से हिंदू धर्म को समझा और उसको आत्मसात किया तो वह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी थे। आरएसएस तथा भाजपा के लोग भी यह मानते है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि भारत ही नहीं सारा संसार गांधीजी का सम्मान करता है। नेल्सन मंडेला सहित पूरी दुनिया के महान लोग महात्मा गांधी को मानते थे और अगर ऐसा है तो सवाल यह है कि आरएसएस की विचारधारा ने इस महान व्यक्ति की छाती पर गोली क्यों मारी। प्रश्न यह है कि यदि पूरी दुनिया गांधीजी का सम्मान करती है तो फिर आरएसएस, सावरकर तथा गोडसे की विचारधारा ने इस विभूति को गोली मारकर छलनी क्यों किया।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी हमला किया और कहा कि वह महिला विरोधी है और उन्होंने महिला शक्ति को दबाया और डराया है। उन्होंने महिलाओं को खुशहाली तथा शक्ति का प्रतीक बताया और कहा कि मोदी ने लोगों के घरों से खुशहाली और शक्ति को लूटा है। उन्होंने कहा कि कृषि कानून तथा जीएसटी लागू कर लक्ष्मी और दुर्गा की शक्ति को घर से निकाला है जबकि कांग्रेस ने मनरेगा तथा सूचना का अधिकार जैसी शक्ति देश को दी तो हर में दुर्गा और लक्ष्मी की शक्ति बढ़ी थी।

गांधी ने कहा कि मोदी ने लोगों की खुशहाली और शक्ति को छीन लिया है और यह काम उन्होंने अपनी गलत नीतियों को लागू कर किया है। दिवाली पर घरों में लक्ष्मीजी की पूजा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लक्ष्मी शब्द लक्ष्य से बनता है और लक्ष्य को जो शक्ति पूरी करती है वह लक्ष्मी है। इसी तरह दुर्गा शक्ति है। दुर्गा शब्द दुर्ग यानी किला से आता है। घर में लक्ष्मी और शक्ति होती है तो घरों में खुशहाली और शक्ति आती है लेकिन मोदी सरकार ने इस खुशहाली और शक्ति को छीन लिया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा में डर नहीं है और जो डरता है वह कभी कांग्रेसी नहीं हो सकता। किसी भी कांग्रेसी को डरना नहीं है क्योंकि कांग्रेस भाईचारा और सौहार्द को बढावा देने वाली विचारधारा है। उनका कहना था कि डरते वे हैं जो नफरत फैलाते हैं। आरएसएस तथा भाजपा नफरत फैलाते हैं इसलिए उनमें डर है लेकिन कांग्रेस के लोग नफरत नहीं बल्कि सबके साथ प्यार फैलाते हैं इसलिए डरने की बात नहीं है।

कांग्रेस नेता ने महिला कांग्रेस की सभी महिला कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि वे पिछले 38 साल से देश तथा समाज के विकास के लिए जो काम कर रही हैं इसके लिए वह उन्हें बधाई देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा खुद को हिंदूवादी पार्टी कहती हैं लेकिन देशभर में यह पार्टी लक्ष्मी और दुर्गा को मारती है और इन दोनों शक्तियों को उन्होंने घरों से निकाल दिया है।

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा के लोग हिंदू नहीं हैं। वे हिंदू धर्म की दलाली करते हैं। उन्होंने पूरे देश में डर का माहौल पैदा किया हुआ है लेकिन कांग्रेस का सिद्धांत है कि सच्चाई से डरना नहीं है। सच्चाई को उजागर करना है। उनकी विचारधारा डरो और डराओ है और पूरे देश में यही विचारधारा लागू कर दी है। कांग्रेस के लोग कभी डरते नहीं हैं क्योंकि वे सच्चाई की राह चलते हैं।

गांधी ने कांग्रेस के चुनाव चिन्ह हाथ को भी अपने अंदाज से परिभाषित किया और कहा कि हाथ का यह निशान एक ताकत है और यह शक्ति हर घर में मौजूद में है। भगवान शिव, गुरु नानक, भगवान महावीर, ईसा मसीह सबके साथ यह हाथ का चिन्ह है और ये सभी देवता हर घर में मौजूद हैं। इसका मतलब है कि हर घर में हाथ का साथ है और प्रत्येक घर में हाथ दिखेगा।

उन्होंने कहा कि हाथ आशीर्वाद का प्रतीक नहीं बल्कि इसका मतलब है सच्चाई से डरो मत। मोदी और उनकी पार्टी हमेशा सच्चाई से भागती रही है और हमेशा झूठ का सहारा लेकर आगे बढने का काम किया है। कांग्रेस का सिद्धांत है किसी से डरना नहीं और उनका सिद्धांत है डराओ और शासन करो। उनका संगठन आरएसएस महिला शक्ति को दबाता जबकि कांग्रेस संगठन महिला शक्ति को आगे बढाने का मंच देता है।

गांधी ने कहा कि आरएसएस ने किसी महिला को प्रधानमंत्री नहीं बनाया लेकिन कांग्रेस ने महिला को देश का प्रधानमंत्री बनाया है। भाजपा की सरकार ने घरों से लक्ष्मी और शक्ति को बाहर निकाल दिया है। सरकार ने ऐसी नीति लागू की है आज लोगों के पास पैसा ही नहीं है। नोटबंदी, जीएसटी, कृषि कानून जैसी जन विरोधी नीतियां लागू कर इस सरकार ने लक्ष्मी की पूरी शक्ति अपने चार पांच लोगों को सौंप दी है।

महिला कांग्रेस की अध्यक्ष नेटा डिसूजा ने कहा कि सभी महिलाओं को मिलकर कांग्रेस नेतृत्व को ताकत देनी है और जिलों तथा ब्लाक स्तर पर जाकर कांग्रेस को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस की सदस्य महिलाओं के प्रति किसी भी तरह की हिंसा को सहन नहीं करेंगी। उनका कहना था कि कांग्रेस की ताकत देशभर की महिलाएं है और पूरे देश से दिल्ली आई महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता कांग्रेस की ताकत है जिन्हें अपने क्षेत्रों में जाकर कांग्रेस को मजबूती प्रदान करनी है।

महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष शोभा ओझा ने इस कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का संदेश पढा जिसमें उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं संकट के दौर से गुजर रही है। देश में लोकतंत्र तथा भाईचारे को तबाह किया जा रहा है और उन्हें उम्मीद है कि महिला कांग्रेस के सदस्य इस चुनौती से प्रभावी तरीके से लडेंगी। इस मौके पर केसी वेणुगोपाल, पवन बंसल सहित कई प्रमुख नेता मौजूद थे।