तिरुवनंतपुरम। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करना केरल की पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) और भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष आर श्रीलेखा को भारी पड़ गया है। कोल्लम जिले के पुनालूर पुलिस ने श्रीलेखा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 192 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस की यह कार्रवाई यूथ कांग्रेस की शिकायत के बाद हुई है।
श्रीलेखा ने बुधवार को पुनालूर में भाजपा के कोल्लम ईस्ट जिला समिति की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शन के बाद हुई जनसभा को संबोधित किया था। इसी दौरान उन्होंने दिल्ली में विपक्ष के आंदोलन के संदर्भ में राहुल गांधी को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिस पर कांग्रेस नेताओं ने आपत्ति जताई। उनका बयान सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया।
‘तांडव’ वाले बयान पर विवाद
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक राहुल गांधी द्वारा दिल्ली में विपक्ष के प्रदर्शन को ‘तांडव’ बताए जाने का जिक्र करते हुए श्रीलेखा ने इसकी तुलना कथित तौर पर नशे के प्रभाव में व्यक्ति के व्यवहार से की थी। उन्होंने राहुल गांधी के प्रदर्शन को लेकर नशे से संबंधित टिप्पणी की, जिसके बाद कांग्रेस नेताओं ने इसे आपत्तिजनक और अपमानजनक बताया।
कांग्रेस की ओर से यह आरोप भी लगाया गया कि ‘तांडव’ जैसे धार्मिक संदर्भ वाले शब्द को नशीले पदार्थों से जोड़ने से हिंदू धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। हालांकि, इस मामले में पुलिस की कार्रवाई फिलहाल श्रीलेखा के कथित भाषण और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर दर्ज मामले तक सीमित है।
यूथ कांग्रेस ने दी थी शिकायत
यूथ कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष विष्णु सुनील पंडालम ने श्रीलेखा के खिलाफ पुनालूर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस के अलावा मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, पुलिस महानिदेशक और कोल्लम ग्रामीण एसपी को भी शिकायत भेजी थी।
शिकायत में श्रीलेखा के बयान को राहुल गांधी के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक बताते हुए कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बाद पुलिस ने संबंधित शिकायतों और उपलब्ध सामग्री के आधार पर मामला दर्ज किया।
BJP के प्रदर्शन में दिया था भाषण
यह विवाद उस समय सामने आया जब भाजपा के कोल्लम ईस्ट जिला समिति ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर विपक्ष के आंदोलन के खिलाफ पुनालूर में प्रदर्शन आयोजित किया था। भाजपा की ओर से केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और विपक्ष के नेता पिनराई विजयन के इस्तीफे की मांग भी प्रदर्शन के दौरान उठाई गई थी। इसी कार्यक्रम के बाद आयोजित जनसभा में श्रीलेखा ने भाषण दिया था।
मामले में एक साल तक की सजा का प्रावधान
पुनालूर पुलिस ने श्रीलेखा के खिलाफ BNS की धारा 192 लगाई है। इस धारा के तहत ऐसा कृत्य, जिसमें दंगा कराने के इरादे से जानबूझकर उकसावे का आरोप हो, दंडनीय है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इस प्रावधान के तहत एक साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। फिलहाल पुलिस मामले से संबंधित वीडियो और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। श्रीलेखा के बयान को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी जारी हैं।



