संघर्ष विराम का अर्थ है बंदूकों के इस्तेमाल की बजाय जीप का इस्तेमाल

संघर्ष विराम का अर्थ है बंदूकों के इस्तेमाल की बजाय जीप का इस्तेमाल
संघर्ष विराम का अर्थ है बंदूकों के इस्तेमाल की बजाय जीप का इस्तेमाल

श्रीनगर | जम्मू कश्मीर में मुख्य विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को आरोप लगाया कि पहले सुरक्षा बल प्रदर्शनों को रोकने के लिए लोगों को जीप के आगे बांधकर घुमाते थे लेकिन अब वे प्रदर्शनकारियों पर सीधे जीप चढ़ा देते हैं।

अब्दुल्ला ने ट्विटर पर कहा, “पहले सुरक्षा बल प्रदर्शनों को रोकने के लिए लोगों को जीप के आगे बांधकर गांव भर में घुमाते थे लेकिन अब वे प्रदर्शनकारियों पर सीधे जीप चढ़ा देते हैं। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती साहिबा क्या आपका कार्रवाई करने का मानक तरीका यही है? संघर्ष विराम का अर्थ है बंदूकों के इस्तेमाल की बजाय जीप का इस्तेमाल?”

अब्दुल्ला नेशनल कांफ्रेंस के प्रवक्ता जुनैद अजीम मट्टो के ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। श्री मट्टो ने ट्वीट किया था, “सीआरपीएफ जीप से कुचले गये व्यक्ति की तस्वीर खौफ पैदा करने वाली है। जीप पर हमला किया गया था यह सच है। यह राज्य पुलिस की नाकामी है कि उन्होंने सीआरपीएफ की एक जीप को 200 लोगों की हिंसक भीड़ से गुजरने की अनुमति दी। यह बेहद दुखद है।”

एक अन्य ट्वीट में श्री अब्दुल्ला ने कहा, “ये लोग जीप को चलाने के ढ़ंग पर नाराजगी जताने की बजाय इन लोगों की दिलचस्पी वाहन की पंजीकरण संख्या में ज्यादा है। अपनी नाकामी से छिपाने के लिए अर्द्ध सैनिक बलों के ज्यादातर वाहनों का पंजीकरण जम्मू कश्मीर के बाहर कराया जाता है।” अब्दुल्ला ने यह ट्वीट एक अन्य ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए किया जिसमें कहा गया था, “हरियाणा पुलिस जम्मू कश्मीर में क्या कर रही है। शायद विशेष मिशन पर है।”

शुक्रवार को जुम्मे की नमाज अदा करने करने के बाद श्रीनगर के निचले इलाके नौहट्टा मेें सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों की झड़प में कैसर अहमद भट्ट और एक अन्य युवक सीआरपीएफ के वाहन से टकराने से घायल हो गये थे। घायल युवकों को उपचार के लिए एसके इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसिस में भर्ती कराया गया था। भट्ट ने शनिवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।