ऑक्सीजन और ऑक्सीजन से संबंधित उपकरणों पर सीमा शुल्क और स्वास्थ्य उपकर खत्म

नई दिल्ली। देश में कोरोना के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाने और ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने तत्काल प्रभाव से तीन महीने की अवधि के लिए ऑक्सीजन और ऑक्सीजन से संबंधित उपकरणों से जुड़ी वस्तुओं के आयात पर मूल सीमा शुल्क और स्वास्थ्य उपकर से पूरी तरह छूट देने का निर्णय लिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में ये निर्णय लिए गए। इस दौरान देश में ऑक्सीजन की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समय मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने की तुरंत आवश्यकता है। इसके तहत मरीजों की देखभाल के लिए घर और अस्पतालों दोनों में जरूरी उपकरणों की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि सभी मंत्रालयों और विभागों को ऑक्सीजन और चिकित्सा आपूर्ति की उपलब्धता बढ़ाने के लिए तालमेल से काम करने की जरूरत है।

इस दौरान प्रधानमंत्री को बताया गया कि रेमडेसीविर और उसकी एपीआई पर मूल सीमा शुल्क में छूट दी गई है। यह सुझाव दिया गया था कि रोगियों को ऑक्सीजन प्रदान करने वाले संबंधित उपकरणों के आयात में तेजी लाने की आवश्यकता है। उनके उत्पादन और उपलब्धता को बढ़ाने और बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तत्काल प्रभाव से तीन महीने की अवधि के लिए ऑक्सीजन और ऑक्सीजन से संबंधित उपकरणों से जुड़ी वस्तुओं के आयात पर मूल सीमा शुल्क और स्वास्थ्य उपकर से पूरी तरह छूट देने का निर्णय लिया है।

उपरोक्त कदमों के अलावा, यह भी निर्णय लिया गया कि कोविड-19 टीकों के आयात पर लगने वाले मूल सीमा शुल्क में भी 3 महीने की अवधि के लिए तत्काल प्रभाव से छूट दी जाएगी। ये कदम वस्तुओं की उपलब्धता को बढ़ावा देंगे और साथ ही उन्हें सस्ता भी बनाएंगे। प्रधानमंत्री ने राजस्व विभाग को ऐसे उपकरणों के निर्बाध और त्वरित कस्टम क्लीयरेंस सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। तदनुसार, राजस्व विभाग ने संयुक्त सचिव, सीमा शुल्क गौरव मसलदन को उपरोक्त कार्यों के लिए सीमा शुल्क क्लीयरेंस से संबंधित मुद्दों का नोडल अधिकारी नामित किया है।

बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ ही, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, नीति आयोग के सदस्य और राजस्व विभागों के सचिव, स्वास्थ्य और डीपीआईआईटी विभाग के अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।

जिन वस्तुओं की आपूर्ति में ये छूट दी गई है उनमें मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन, ऑक्सीजन कंसनट्रेटर के साथ प्रवाह मीटर, रेग्युलेटर, कनेक्टर्स और टयूबिंग, वैक्यूम प्रेशर स्विंग एब्जॉरप्शन (वीपीएसए), प्रेशर स्विंग एब्जॉरप्शन (पीएसए) ऑक्सीजन संयंत्र, क्रायोजेनिक ऑक्सीजन वायु पृथक्करण इकाइयां (एएसयू), लिक्विड / गैसीय ऑक्सीजन का उत्पादन, ऑक्सीजन कनस्तर, ऑक्सीजन भरने की प्रणाली, ऑक्सीजन भंडारण टैंक, ऑक्सीजन सिलेंडर जिसमें क्रायोजेनिक सिलेंडर और टैंक दोनों शामिल हैं।

ऑक्सीजन जेनरेटर, ऑक्सीजन ले जाने वाले आईएसओ कंटेनर, ऑक्सीजन के लिए क्रायोजेनिक रोड ट्रांसपोर्ट टैंक, उपरोक्त वस्तुओं का ऑक्सीजन के उत्पादन, परिवहन, वितरण या भंडारण के लिए उपकरणों का निर्माण, कोई अन्य उपकरण जिससे ऑक्सीजन निर्माण की जा सकती है, नैसल कैनुला के साथ वेंटिलेटर (उच्च प्रवाह उपकरणों के रूप में कार्य करने में सक्षम) सभी सामान और ट्यूबिंग के साथ कंप्रेशर्स, ह्यूमीडीफॉयर्स और वायरल फिल्टर, सभी हिस्सों के साथ नैसल कैनुला उपकरण,नॉन-इनवेसिव वेंटिलेशन के लिए हेलमेट, आईसीयू वेंटिलेटर के लिए नॉ-इनवेसिव वेंटिलेशन ओरोनसाल मास्क और आईसीयू वेंटिलेटर के लिए नॉन-इनवेसिव वेंटिलेशन नैसल मास्क शामिल है।