महाराष्ट्र से पहले गुजरात में राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए : संजय राउत

मुंबई। शिवसेना के नेता एवं सांसद संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी के सांसद नारायण राणे की ओर से महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग पर पलटवार करते हुए कहा कि कोरोना (कोविड ​​-19) संकट से निपटने में गुजरात का प्रदर्शन ख़राब है इसलिए पहले वहां (गुजरात में) राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।

किसी भी पार्टी का नाम लिए बिना संजय राउत ने कहा कि विपक्ष को ‘क्वारंटीन’ करना चाहिए। महाराष्ट्र सरकार को अस्थिर करने का विपक्षी प्रयास कर रहे हैं। दूसरी ओर भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि महाराष्ट्र में कोरोना की स्थिति बहुत ‘गंभीर’ है लेकिन यह राष्ट्रपति शासन लगाने का कारण नहीं हो सकता। गौरतलब है कि राणे ने राज्यपाल से महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की थी।

महाराष्ट्र सरकार को कोई खतरा नहीं 

शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी की सरकार स्थिर है और चिंता करने की कोई बात नहीं है। राउत ने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद पवार ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात की लेकिन इसमें चिंता करने वाली कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने अभी तक कोरोना के लिए एक टीका और उद्धव ठाकरे सरकार को गिराने के लिए एक खुराक की खोज की है, लेकिन प्रयास जारी हैं। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से एक संभावित राजनीतिक संकट की ओर इशारा किया।

गौरतलब है कि वैश्विक महामारी कोरोना से निपटने के लिए पैदा हुए मतभेद के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पवार ने कल 90 मिनट तक मुख्यमंत्री के साथ बात की। राउत ने साथ ही चेतावनी भी दी कि राज्य को अस्थिर करने का कोई भी प्रयास विफल कर दिया जाएगा।उन्होंने विपक्ष को फिलहाल क्वारंटीन में जाने की सलाह दी। उन्होंने कहा की राज्य सरकार पूरी तरह स्थिर है और सरकार को कोई खतरा नहीं है।