चरनजीत सिंह चन्नी ने ली पंजाब के 16वें मुख्यमंत्री की शपथ

चंडीगढ़। अमरिंदर सरकार में मंत्री रहे चरनजीत सिंह चन्नी ने आज पंजाब के सोलहवें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण की।

पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने आज राजभवन में आयोजित संक्षिप्त समारोह में चन्नी को पंजाब के नए मुख्यमंत्री की शपथ दिलाई। उनके बाद सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओपी सोनी ने भी शपथ ली। उन्हें उप मुख्यमंत्री बनाया गया है।

शपथ समारोह में मीडिया के प्रवेश पर रोक लगा दी गई जिसके कारण उमस भरी गर्मी में मीडिया कर्मियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

शपथ समारोह के बीच नेता राहुल गांधी राजभवन पहुंचे। उनके साथ पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत, हरीश चौधरी, अजय माकन, पूर्व मुख्यमंत्री राजिन्दर कौर भट्ठल, प्रदेश कांग्रेस पार्टी के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू, कार्यकारी प्रधान कुलजीत सिंह नागरा, सुखविन्दर सिंह डैनी और संगत सिंह गिलजियां, राणा केपी सिंह और तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा, अरुणा चौधरी, बलबीर सिंह सिद्धू, मनप्रीत सिंह बादल, राणा गुरमीत सिंह सोढी, सुखबिन्दर सिंह सरकारिया, विजय इंदर सिंगला, रजिया सुल्ताना, गुरप्रीत सिंह कांगड़, साधु सिंह धर्मसोत, सांसद प्रताप सिंह बाजवा, सुनील जाखड़, पंजाब राज्य तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण बोर्ड के चेयरमैन महेन्दर सिंह केपी, पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन लाल सिंह भी उपस्थित थे।

चन्नी के नेतृत्व में लड़ेंगे पंजाब विधानसभा का चुनाव : कांग्रेस

कांग्रेस ने कहा है कि देश के किसी सूबे में कोई दलित मुख्यमंत्री नहीं हैं लेकिन पंजाब में युवा दलित नेता चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाकर कांग्रेस ने इतिहास रच कर अपनी यह प्रतिबद्धता जताई है कि पार्टी दलितों, कमजोरों तथा पीड़ितों के साथ खड़ी है।

कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी ने पंजाब में नया इतिहास रचा है और वहां पहले दलित युवा नेता को मुख्यमंत्री बनाकर पूरे देश के दलित और वंचित लोगों में नयी उम्मीद का संचार किया है। कांग्रेस ने यह पहल कर दलितों, पीड़ितों तथा वंचितों को उनका हिस्सा दिया है और दलितों और वंचितों को उनका हिस्सा देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

उन्होंने कहा कि पंजाब में पहली बार दलित बेटा को मौका मिला है और पार्टी राज्य विधानसभा का चुनाव उनके ही नेतृत्व में लड़ेगी। उनका कहना था कि दलित समुदाय के इस युवा मुख्यमंत्री ने सबसे पहले अपने फैसलेे में किसान, दलित और पिछड़ों के पानी और सीवरेज के बिल माफ कर दिए हैं। बिजली के बिल 200 यूनिट तक पहले ही माफ थे लेकिन अब वहां एक कदम आगे बढ़कर नया निर्णय लिया गया है।

प्रवक्ता ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की चर्चा करते हुए कहा कि उनकी अगुवाई में कांग्रेस ने बेहतर काम किया है और उन्हें विश्वास है कि परिवार में छोटे-छोटे मतभेद होते रहते हैं लेकिन वह परिपक्व नेता हैं। उम्मीद है कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह का आशीर्वाद युवा मुख्यमंत्री को मिलता रहेगा।