क्रैश चार्टर्ड विमान से यूपी सरकार का कोई संबंध नहीं : नंदी

Chartered plane crashes in Mumbai's ghatkopar, five killed
Chartered plane crashes in Mumbai’s ghatkopar, five killed

लखनऊ। महाराष्ट्र की राजधानी मुबंई के रिहायशी इलाके में गुरूवार को गिरे चार्टर्ड प्लेन को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ किया है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान से उसका कोई नाता नहीं है।

सूबे के नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल नंदी ने यहां कहा कि दुर्घटनाग्रस्त विमान वर्ष चार साल पहले तक सरकार के बेड़े में शामिल था जिसे वर्ष 2014 में मुबंई की यूवाई एवियेशन प्रा लि को बेच दिया गया था।

गौरतलब है कि मुंबई के घाटकोपर इलाके में गुरुवार को एक चार्टर्ड प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान दुर्घटना के बाद कहा जा रहा था कि दुर्घटनाग्रस्त विमान वीटी-यूपीजेड, किंग एयर सी 90 उत्तर प्रदेश सरकार का है। अवशेषों पर मिले निशान की वजह से इन अटकलों को हवा मिली थी।

मुंबई में चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त, पांच की मौत

मुंबई। मुंबई के भीड़भाड़ वाले इलाके घाटकोपर में सर्वोदय नगर के निकट गुरुवार को एक चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई है। यह विमान रिहायशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। मृतकों में दो पायलट, दो इंजीनियर और एक राहगीर शामिल है। पुलिस के अनुसार दुर्घटना अपराह्न करीब डेढ़ बजे हुई।

अग्निशमन विभाग ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत का कार्य शुरू कर दिया है। यह विमान उत्तर प्रदेश सरकार के पास था, बाद में इसे मुंबई की यूवाई एविएशन को बेच दिया गया था।

विमान से यूपी सरकार का कोई संबंध नहीं : नंदी

लखनऊ। महाराष्ट्र की राजधानी मुबंई के रिहायशी इलाके में गुरूवार को गिरे चार्टर्ड प्लेन को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ किया है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान से उसका कोई नाता नहीं है।

सूबे के नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल नंदी ने यहां कहा कि दुर्घटनाग्रस्त विमान वर्ष चार साल पहले तक सरकार के बेड़े में शामिल था जिसे वर्ष 2014 में मुबंई की यूवाई एवियेशन प्रा लि को बेच दिया गया था।

गौरतलब है कि मुंबई के घाटकोपर इलाके में गुरुवार को एक चार्टर्ड प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान दुर्घटना के बाद कहा जा रहा था कि दुर्घटनाग्रस्त विमान वीटी-यूपीजेड, किंग एयर सी 90 उत्तर प्रदेश सरकार का है। अवशेषों पर मिले निशान की वजह से इन अटकलों को हवा मिली थी।