12 साल की बधिर बच्ची से रेप के 17 आरोपी कोर्ट में वकील के लिए तरसेंगे

Chennai Rape: High Court Advocates' Body Says no Lawyer Will Represent 18 Accused
Chennai Rape: High Court Advocates’ Body Says no Lawyer Will Represent 18 Accused

चेन्नई। बधिर नाबालिग लड़की के साथ सात महीने तक दुष्कर्म से नाराज मद्रास हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन ने मंगलवार को कहा कि इस मामले के 17 आरोपियों में से किसी के भी पक्ष में कोई वकील बहस नहीं करेगा और इस मामले को लेने पर वकील को एसोसिएशन से बर्खास्त कर दिया जाएगा।

एमएचएए के अध्यक्ष मोहन कृष्णन ने कहा कि एसोसिएशन की हुई बैठक में इस आशय का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि तमिलनाडु के किसी भी हिस्से का कोई वकील इस मामले के 17 आरोपियों की ओर से पेश नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि हमने राज्य के सभी सभी जिलों में एसोसिएशन के सदस्यों को निर्णयों के बारे में सूचित कर दिया है। यदि कोई वकील इस मामले में अपील करने के लिए आगे आता है तो उसे एसोसिएशन से बर्खास्त कर दिया जाएगा और उसकी सदस्यता भी रद्द कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन पीड़िता को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराएगा।

बतादें कि तमिलनाडु के चेन्नई में 12 साल की नाबालिग बधिर बालिका के साथ 20 से अधिक लोगों द्वारा सात महीने से अधिक समय तक दुष्कर्म किए जाने का दिल दहला देने वाला मामला सोमवार को सामने आया।

बालिका की बड़ी बहन ने उसके गले पर कटे का निशान देखकर उससे पूछा तो उसने सात महीने से अधिक समय से चल रहे इस कुकर्म की जानकारी दी। उसने अपने माता-पिता को घटना की जानकारी दी जिन्होंने अेनावरम महिला थाने में बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) कानून और हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया।

पुलिस ने इस सिलसिले में 17 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में सबसे अधिक हैरान करने वाली बात यह है कि ज्यादातर आरोपियों की उम्र 40-50 वर्ष से अधिक है।

सभी आरोपियों को महिला अदालत में पेश किया गया है जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्हें पुझाल केंद्रीय कारागार में कैद रखा गया है।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि लिफ्ट ऑपरेटर रवि कुमार (66) ने सबसे पहले जनवरी में उसके साथ दुष्कर्म किया। वह स्कूल से लौटी ही थी कि रवि उसे अपने साथ ले गया और दुष्कर्म किया। दो दिन बाद आरोपी दो और लोगों को अपने साथ लाया और सभी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और इस कुकृत्य का वीडियो भी बनाया। इसके बाद अन्य आरोपी भी उसका शोषण करने लगे।

आरोपी बालिका को वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर लगातार उसका यौन शोषण करते रहें। वे बालिका को मादक पदार्थों का इंजेक्शन देते थे और कोल्ड ड्रिंक में नशीली दवाएं मिलाकर पिलाते थे तथा उसके बाद उसके साथ दुष्कर्म करते थे।

अपार्टमेंट में कई फ्लैट खाली थे जिससे उन्हें बालिका का यौन शोषण करने के लिए जगह की तलाश भी नहीं करनी पड़ी। बालिका के गले पर कटे के निशान से पता चलता है कि आरोपियों ने गला रेतकर उसकी हत्या की भी कोशिश की थी।

सभी गिरफ्तार आरोपी एक ही सिक्योरिटी कंपनी के कर्मचारी हैं। यहां तक कि अपार्टमेंट के सिक्योरिटी गार्ड, माली, प्लबर और सफाईकर्मी तक इस कुकर्म के हिस्सेदार हैं। पुलिस ने अपार्टमेंट से कई सिरिंज और कोल्ड ड्रिंक की खाली बाेतलें बरामद की हैं और उन्हें फॉरेंसिक लैब भेजा है।